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राजयोग को बनाएं जीवन का अभिन्न अंग : नीति
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शाहाबाद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते वि
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु अनुभूति भवन में शुक्रवार को मन की शांति विषय पर विशेष अध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाराष्ट्र से सुप्रसिद्ध गायक एवं राजयोगी भ्राता अविनाश ने अपने संगीतमयी विचारों एवं अनुभवों के माध्यम से मन की स्थिरता और आत्मिक शांति के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि सच्ची शांति बाहरी साधनों से नहीं, आत्मा की गहराई में जाकर ध्यान के माध्यम से प्राप्त होती है। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी नीति दीदी ने राजयोग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मन को शुद्ध और शांत बनाना ही सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने मुख्य अतिथि रोटरी रायल क्लब के प्रधान लक्ष्य कालड़ा, मुख्य वक्ता भ्राता अविनाश, बीके नीति दीदी, बीके निजा दीदी व अन्य लोगों ने ज्योति प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिकता को बढ़ावा मिलता है। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी सुरेश साहनी व मोहन सभरवाल ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताया और इसकी सराहना की।
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शाहाबाद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु अनुभूति भवन में शुक्रवार को मन की शांति विषय पर विशेष अध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाराष्ट्र से सुप्रसिद्ध गायक एवं राजयोगी भ्राता अविनाश ने अपने संगीतमयी विचारों एवं अनुभवों के माध्यम से मन की स्थिरता और आत्मिक शांति के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि सच्ची शांति बाहरी साधनों से नहीं, आत्मा की गहराई में जाकर ध्यान के माध्यम से प्राप्त होती है। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी नीति दीदी ने राजयोग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मन को शुद्ध और शांत बनाना ही सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने मुख्य अतिथि रोटरी रायल क्लब के प्रधान लक्ष्य कालड़ा, मुख्य वक्ता भ्राता अविनाश, बीके नीति दीदी, बीके निजा दीदी व अन्य लोगों ने ज्योति प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिकता को बढ़ावा मिलता है। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी सुरेश साहनी व मोहन सभरवाल ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताया और इसकी सराहना की।
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