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महापंचायत में किसान आंदोलन को मजबूत करने व आजमजन से जोड़ने पर बनाई रणनीति
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किसान महापंचायत में किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई। अब इस आंदोलन से आमजन को भी जोड़ा जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर को भारत बंद को लेकर बुधवार अनाज मंडी में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें 27 सितंबर भारत बंद को सफल बनाने के लिए मंत्रणा की गई।
भारत बंद के दौरान नेशनल, स्टेट हाईवे के साथ रेलवे ट्रैक को भी जाम किया जाएगा। किसान नेताओं ने जनता से सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद में सहयोग देने की अपील की। हालांकि इस दौरान एंबुलेंस, दमकल, सेना, पुलिस व विदेशी जाने वाले लोगों के वाहन नहीं रोकने का फैसला हुआ।
महापंचायत में किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चे के समक्ष अपनी समस्याएं भी रखीं। इस महापंचायत में हरियाणा सहित पंजाब से भी भारी संख्या में किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और बाइकों पर पहुंचे थे। सुबह 8 बजे से ही किसान अनाज मंडी में जमा होने शुरू हो गए थे। बारिश भी किसानों के जज्बे को डिगा नहीं सकी। इस महापंचायत में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।
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महापंचायत को लेकर किसानों में गजब का उत्साह देखने को मिला। मंच से किसान नेताओं ने आंदोलन और भारत बंद को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने का आह्वान किया। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब समय आ गया है जब देश को बड़े बदलाव की जरूरत है। केवल मात्र कानून रद्द करने से काम बनने वाला नहीं है। किसान आंदोलन सही दिशा में चल रहा है, जिसमें वह जल्द ही सफल भी होंगे, मगर उनकी लड़ाई अभी समाप्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि तीन नए कृषि कानून के आने से पहले भी किसान खुशहाल नहीं था। पहले भी किसान आत्महत्या करने पर मजबूर था। जब किसान के हाथ में कलम होगी तभी वह अपने भविष्य व फसल के दाम को लेकर कानून बना सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर बड़े उद्योगपतियों के हाथों में कलम होगी तो वह अपने हित में कानून बनाएंगे। अब इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है। इस मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. लगनपाल, डॉ. दर्शन पाल, सुरजीत सिंह, अभिमन्यु कोहाड़, रवि आजाद, सुमन हुड्डा, लक्खा सिधाना, गुरनाम सिंह जम्मू कला, प्रवक्ता राकेश बैंस, जसबीर सिंह, हरभजन सिंह मनक माजरा, सुखविंद्र सिंह औलख, प्रिंस वडैच सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों ने रखी समस्याएं
महापंचायत में किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के समक्ष समस्याओं को भी रखा। किसानों ने कहा कि धान पक कर तैयार हो चुकी है और अगेती फसल की कटाई हो चुकी है। आलू की फसल और गेहूं की फसल के बिजाई के लिए उन्हें डीएपी खाद की जरूरत है लेकिन उन्हें डीएपी खाद नहीं मिल रही। अधिकारी प्रदेश में खाद की कमी बताकर किसानों को जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। इस पर गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार अगली फसल की बुआई के लिए खाद और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराए। जिन किसानों का फसल पंजीकरण नहीं हुआ उनके लिए पोर्टल खोला जाए, अन्यथा उन्हें मजबूरन प्रदर्शन का रास्ता अपनाना होगा।
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भारत बंद के दौरान नेशनल, स्टेट हाईवे के साथ रेलवे ट्रैक को भी जाम किया जाएगा। किसान नेताओं ने जनता से सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद में सहयोग देने की अपील की। हालांकि इस दौरान एंबुलेंस, दमकल, सेना, पुलिस व विदेशी जाने वाले लोगों के वाहन नहीं रोकने का फैसला हुआ।
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महापंचायत में किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चे के समक्ष अपनी समस्याएं भी रखीं। इस महापंचायत में हरियाणा सहित पंजाब से भी भारी संख्या में किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और बाइकों पर पहुंचे थे। सुबह 8 बजे से ही किसान अनाज मंडी में जमा होने शुरू हो गए थे। बारिश भी किसानों के जज्बे को डिगा नहीं सकी। इस महापंचायत में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।
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महापंचायत को लेकर किसानों में गजब का उत्साह देखने को मिला। मंच से किसान नेताओं ने आंदोलन और भारत बंद को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने का आह्वान किया। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब समय आ गया है जब देश को बड़े बदलाव की जरूरत है। केवल मात्र कानून रद्द करने से काम बनने वाला नहीं है। किसान आंदोलन सही दिशा में चल रहा है, जिसमें वह जल्द ही सफल भी होंगे, मगर उनकी लड़ाई अभी समाप्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि तीन नए कृषि कानून के आने से पहले भी किसान खुशहाल नहीं था। पहले भी किसान आत्महत्या करने पर मजबूर था। जब किसान के हाथ में कलम होगी तभी वह अपने भविष्य व फसल के दाम को लेकर कानून बना सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर बड़े उद्योगपतियों के हाथों में कलम होगी तो वह अपने हित में कानून बनाएंगे। अब इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है। इस मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. लगनपाल, डॉ. दर्शन पाल, सुरजीत सिंह, अभिमन्यु कोहाड़, रवि आजाद, सुमन हुड्डा, लक्खा सिधाना, गुरनाम सिंह जम्मू कला, प्रवक्ता राकेश बैंस, जसबीर सिंह, हरभजन सिंह मनक माजरा, सुखविंद्र सिंह औलख, प्रिंस वडैच सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों ने रखी समस्याएं
महापंचायत में किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के समक्ष समस्याओं को भी रखा। किसानों ने कहा कि धान पक कर तैयार हो चुकी है और अगेती फसल की कटाई हो चुकी है। आलू की फसल और गेहूं की फसल के बिजाई के लिए उन्हें डीएपी खाद की जरूरत है लेकिन उन्हें डीएपी खाद नहीं मिल रही। अधिकारी प्रदेश में खाद की कमी बताकर किसानों को जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। इस पर गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार अगली फसल की बुआई के लिए खाद और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराए। जिन किसानों का फसल पंजीकरण नहीं हुआ उनके लिए पोर्टल खोला जाए, अन्यथा उन्हें मजबूरन प्रदर्शन का रास्ता अपनाना होगा।