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Kurukshetra News: भगवान कार्तिकेय की विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ हुई पूजा
Sat, 13 Sep 2025 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 13 Sep 2025 02:23 AM IST
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कुरुक्षेत्र : जयराम विद्यापीठ में हवन करते पंडित। विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। श्री जयराम विद्यापीठ की मुख्य यज्ञशाला में भगवान कार्तिकेय की पूजा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ की गई। इसी के साथ हवन यज्ञ में सर्वकल्याण की भावना से आहुतियां दी गईं। आचार्य पंडित प्रतीक शर्मा एवं पंडित पंकज पुजारी ने यह पूजन संपन्न करवाया। आचार्य पंडित प्रतीक शर्मा ने बताया कि यह पर्व हर महीने कृत्तिका नक्षत्र के प्रबल होने पर मनाया जाता है। भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) को समर्पित है। इस दिन लोग घरों में दीपक जलाते हैं और भगवान कार्तिकेय की पूजा करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। उन्होंने बताया कि यह एक शुभ पर्व है जो भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित कर उनका अभिषेक करते हैं, दीपक जलाते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं। आचार्य पंडित प्रतीक शर्मा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने अनंत ज्योति के रूप में दर्शन दिए थे। इसी कारण इस पर्व पर घरों और मंदिरों में घी और तेल के दीपक जलाए जाते हैं। यह पूजन मुख्य रूप से भगवान शिव और भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की पूजा के लिए समर्पित है। भगवान कार्तिकेय जो शक्ति, साहस और बुद्धि के देवता हैं, उनकी पूजा करने से जीवन में सुरक्षा और समृद्धि प्राप्त होती है। इस अवसर पर केके कौशिक, खरैती लाल सिंगला, कुलवंत सैनी, सुरेंद्र गुप्ता, राजेश सिंगला, यशपाल राणा, केसी रंगा, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। श्री जयराम विद्यापीठ की मुख्य यज्ञशाला में भगवान कार्तिकेय की पूजा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ की गई। इसी के साथ हवन यज्ञ में सर्वकल्याण की भावना से आहुतियां दी गईं। आचार्य पंडित प्रतीक शर्मा एवं पंडित पंकज पुजारी ने यह पूजन संपन्न करवाया। आचार्य पंडित प्रतीक शर्मा ने बताया कि यह पर्व हर महीने कृत्तिका नक्षत्र के प्रबल होने पर मनाया जाता है। भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) को समर्पित है। इस दिन लोग घरों में दीपक जलाते हैं और भगवान कार्तिकेय की पूजा करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। उन्होंने बताया कि यह एक शुभ पर्व है जो भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित कर उनका अभिषेक करते हैं, दीपक जलाते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं। आचार्य पंडित प्रतीक शर्मा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने अनंत ज्योति के रूप में दर्शन दिए थे। इसी कारण इस पर्व पर घरों और मंदिरों में घी और तेल के दीपक जलाए जाते हैं। यह पूजन मुख्य रूप से भगवान शिव और भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की पूजा के लिए समर्पित है। भगवान कार्तिकेय जो शक्ति, साहस और बुद्धि के देवता हैं, उनकी पूजा करने से जीवन में सुरक्षा और समृद्धि प्राप्त होती है। इस अवसर पर केके कौशिक, खरैती लाल सिंगला, कुलवंत सैनी, सुरेंद्र गुप्ता, राजेश सिंगला, यशपाल राणा, केसी रंगा, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक मौजूद रहे।
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