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किसानों की सहमति के बिना कटी किश्त तो नहीं देंगे कर्जा : भाकियू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:53 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई फसल बीमा योजना किसानों के गले नहीं उतर रही है। इसी मुद्दे पर जहां कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल इस योजना का विरोध कर रहे हैं और प्रदर्शन भी कर चुके हैं। भाकियू के बैनर तले किसानों ने भी अनेक स्थानों पर प्रदर्शन किया है। इसी कड़ी के तहत किसानों ने बुधवार को लाडवा रोड स्थित केनरा बैंक परिसर में रोष प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप बैंक के गेट पर ताला जड़ दिया। बाद में प्रबंधक के आश्वासन के बाद किसानों ने ताला खोला। इसके बाद बैंक की कार्रवाई सुचारु रूप से चली। बैंक के प्रबंधक को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि बैंक जबरदस्ती किसानों की किस्त काट रहा है और किसानों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व जिला प्रधान कृष्ण कुमार कलाल माजरा कर रहे थे।
जिला प्रधान कृष्ण कुमार ने कहा कि अगर बैंकों ने अपनी मनमानी से किसानों की किस्त काटनी बंद नहीं की तो किसान बैंकों को कर्जा देना बंद कर देंगे जिसकी जिम्मेदारी बैंकों की अपनी होगी। इसके साथ-साथ बैंकों पर धरने व प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसान इस स्थिति में नहीं हैं कि वह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की किस्त भर सके। इसलिए इस किश्त को सरकार स्वयं भरे और इसका बोझ किसानों पर न डाले। उन्होंने कहा कि किसानों की बिना अनुमति के मनमर्जी से बैंक ने किस्त काटना सरासर किसानों से तानाशाही है और जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसलिए बैंक इस तुगलकी फरमान को किसानों पर लागू न करें और अगर फिर भी बैंक अपने इस कार्य से पीछे नहीं हटे तो किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मंच का संचालन प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने किया। प्रदर्शनकारियों में राकेश कुमार, ब्लॉक प्रधान छोटू राम, जयपाल, गुरदयाल सिंह , बलदेव सिंह, गुरमीत सिंह, जरनैल सिंह, गुरदेव सिंह, गुरनाम सिंह, करनैल सिंह, जोगिंद्र सिंह, बुट्टा सिंह, कुंदन लाल, परूथी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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जिला प्रधान कृष्ण कुमार ने कहा कि अगर बैंकों ने अपनी मनमानी से किसानों की किस्त काटनी बंद नहीं की तो किसान बैंकों को कर्जा देना बंद कर देंगे जिसकी जिम्मेदारी बैंकों की अपनी होगी। इसके साथ-साथ बैंकों पर धरने व प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसान इस स्थिति में नहीं हैं कि वह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की किस्त भर सके। इसलिए इस किश्त को सरकार स्वयं भरे और इसका बोझ किसानों पर न डाले। उन्होंने कहा कि किसानों की बिना अनुमति के मनमर्जी से बैंक ने किस्त काटना सरासर किसानों से तानाशाही है और जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इसलिए बैंक इस तुगलकी फरमान को किसानों पर लागू न करें और अगर फिर भी बैंक अपने इस कार्य से पीछे नहीं हटे तो किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मंच का संचालन प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने किया। प्रदर्शनकारियों में राकेश कुमार, ब्लॉक प्रधान छोटू राम, जयपाल, गुरदयाल सिंह , बलदेव सिंह, गुरमीत सिंह, जरनैल सिंह, गुरदेव सिंह, गुरनाम सिंह, करनैल सिंह, जोगिंद्र सिंह, बुट्टा सिंह, कुंदन लाल, परूथी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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