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Kurukshetra News: एलएनजेपी ने एक साल में 100 मुफ्त घुटने बदले
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कुरुक्षेत्र। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल के ऑर्थोपेडिक यानी हड्डी विभाग ने एक वर्ष से भी कम समय में 100 से अधिक मरीजों के घुटनें बदलने के ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। खास बात यह है कि इनमें अधिकांश मरीजों का उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क किया गया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली।
अस्पताल की इस उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसी दौरान यहां रोबोटिक तकनीक की सहायता से भी एक महिला मरीज के घुटने का प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया था। रोबोटिक सर्जरी के सकारात्मक परिणामों के बाद अब अस्पताल प्रशासन यहां नियमित रूप से रोबोट के माध्यम से ऑर्थोपेडिक सर्जरी जल्द शुरू करने के प्रयास में जुटा हुआ है। वह इसके लिए प्रस्ताव विभागीय निदेशालय को भेज दिया गया है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है, जिससे मरीजों को और अधिक सटीक, सुरक्षित एवं आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन बताते हैं कि रोबोटिक तकनीक के उपयोग से ऑपरेशन की सटीकता बढ़ती है, रिकवरी का समय कम होता है और मरीजों को बेहतर परिणाम मिलते हैं। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो अस्पताल प्रदेश का एकमात्र चुनिंदा सरकारी अस्पताल में शामिल हो जाएगा, जहां रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल हैं, जहां अब तक कोई रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी हुई है।
इस पूरे उपलब्धि का श्रेय सीएमओ डॉ. विमल ने पीएमओ डॉ. मेजपाल, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. गुंजन व डॉ. अनूप वह उनकी पूरी टीम को देते हुए कहा कि अस्पताल ने न केवल रिकॉर्ड समय में 100 से अधिक सफल घुटना प्रत्यारोपण किए, बल्कि रोबोटिक तकनीक से भी सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर वह अब इस सुविधा को नियमित रूप से अपनाने के लिए प्रयास जारी कर दिए हैं ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नई मिसाल कायम हो ।
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अस्पताल की इस उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसी दौरान यहां रोबोटिक तकनीक की सहायता से भी एक महिला मरीज के घुटने का प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया था। रोबोटिक सर्जरी के सकारात्मक परिणामों के बाद अब अस्पताल प्रशासन यहां नियमित रूप से रोबोट के माध्यम से ऑर्थोपेडिक सर्जरी जल्द शुरू करने के प्रयास में जुटा हुआ है। वह इसके लिए प्रस्ताव विभागीय निदेशालय को भेज दिया गया है।
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प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है, जिससे मरीजों को और अधिक सटीक, सुरक्षित एवं आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन बताते हैं कि रोबोटिक तकनीक के उपयोग से ऑपरेशन की सटीकता बढ़ती है, रिकवरी का समय कम होता है और मरीजों को बेहतर परिणाम मिलते हैं। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो अस्पताल प्रदेश का एकमात्र चुनिंदा सरकारी अस्पताल में शामिल हो जाएगा, जहां रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल हैं, जहां अब तक कोई रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी हुई है।
इस पूरे उपलब्धि का श्रेय सीएमओ डॉ. विमल ने पीएमओ डॉ. मेजपाल, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. गुंजन व डॉ. अनूप वह उनकी पूरी टीम को देते हुए कहा कि अस्पताल ने न केवल रिकॉर्ड समय में 100 से अधिक सफल घुटना प्रत्यारोपण किए, बल्कि रोबोटिक तकनीक से भी सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर वह अब इस सुविधा को नियमित रूप से अपनाने के लिए प्रयास जारी कर दिए हैं ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नई मिसाल कायम हो ।