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श्रीमद्भागवत कथा सुनने से संपूर्ण पापों का होता है नाश : अनिल शास्त्री
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कुरुक्षेत्र। कथा में यजमानों को सम्मानित करते अनिली शास्त्री। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में भागवत प्रवक्ता कथावाचक अनिल शास्त्री ने भागवत के प्रथम श्लोक से भागवत प्रसंग की शुरुआत की। प्रथम श्लोक में भगवान को प्रणाम किया गया है, उनके स्वभाव और उनकी लीलाओं का वर्णन किया गया है।
भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है। उन्होंने कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है। श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचता रहा है।
भागवत पुराण उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है, जो वेदों से प्रवाहित होती चली आई है। इसलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। अनिल शास्त्री ने बताया कि सबसे पहले शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई थी, उन्हें सात दिनों के अंदर तक्षक के दंश से मृत्यु का श्राप मिला था। श्रीमद्भागवत कथा अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है। इस अवसर पर आचार्य रंगनाथ शास्त्री, जिला परिषद उपाध्यक्ष धर्मपाल चौधरी, चौधरी पूरण चंद बतान, चौधरी फतेह सिंह, एडवोकेट सुशील कुमार व अन्य मौजूद रहे।
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भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है। उन्होंने कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है। श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचता रहा है।
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भागवत पुराण उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है, जो वेदों से प्रवाहित होती चली आई है। इसलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। अनिल शास्त्री ने बताया कि सबसे पहले शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई थी, उन्हें सात दिनों के अंदर तक्षक के दंश से मृत्यु का श्राप मिला था। श्रीमद्भागवत कथा अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है। इस अवसर पर आचार्य रंगनाथ शास्त्री, जिला परिषद उपाध्यक्ष धर्मपाल चौधरी, चौधरी पूरण चंद बतान, चौधरी फतेह सिंह, एडवोकेट सुशील कुमार व अन्य मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। कथा में यजमानों को सम्मानित करते अनिली शास्त्री। विज्ञप्ति
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