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Kurukshetra News: आत्महत्या रोकथाम पर व्याख्यान, 120 छात्राओं ने लिया हिस्सा
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कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर एक विस्तार व्याख्यान आयोजित हुआ। मनोविज्ञान सोसायटी और मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 120 छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का विषय आत्महत्या रोकथाम के लिए कार्रवाई का आह्वान था। छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या के कारणों की जानकारी दी गई। उन्हें रोकथाम के उपायों से भी अवगत कराया गया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर हरदीप लाल जोशी ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने तनाव, निराशा और भावनात्मक संतुलन जैसे संवेदनशील विषयों पर जागरूक किया। प्रोफेसर जोशी ने समस्याओं को विश्वसनीय लोगों से साझा करने की सलाह दी। उन्होंने मोबाइल और सामाजिक माध्यमों के अत्यधिक उपयोग से बचने को कहा। वास्तविक संबंधों और सामाजिक सहयोग को महत्व देने पर जोर दिया।
चुनौतियों से निपटने के उपाय
प्राचार्य उपासना आहूजा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनेक चुनौतियां आती हैं। कोई भी समस्या जीवन से बड़ी नहीं होती। संवाद और सहयोग आत्महत्या रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस का प्रतीक है।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर हरदीप लाल जोशी ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने तनाव, निराशा और भावनात्मक संतुलन जैसे संवेदनशील विषयों पर जागरूक किया। प्रोफेसर जोशी ने समस्याओं को विश्वसनीय लोगों से साझा करने की सलाह दी। उन्होंने मोबाइल और सामाजिक माध्यमों के अत्यधिक उपयोग से बचने को कहा। वास्तविक संबंधों और सामाजिक सहयोग को महत्व देने पर जोर दिया।
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चुनौतियों से निपटने के उपाय
प्राचार्य उपासना आहूजा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनेक चुनौतियां आती हैं। कोई भी समस्या जीवन से बड़ी नहीं होती। संवाद और सहयोग आत्महत्या रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस का प्रतीक है।
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