Haryana: जहां श्रीकृष्ण ने दिया था कर्म का अमर संदेश, वहां विराजेगी विश्व की सबसे बड़ी गीता, 1000 KG होगा वजन
विशेष कागज पर इटली में तैयार की जा रही है। एक हजार किलोग्राम वजन होगा। पन्ने मशीन के जरिए पलटे जा सकेंगे। इस्कॉन द्वारा ज्योतिसर में बनाए जा रहे विश्व के पहले श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में विराजमान की जाएगी। सवा सौ करोड़ से छह एकड़ में रथनुमा मंदिर बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उद्घाटन की तैयारी है।
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भगवान श्रीकृष्ण ने जहां 5160 साल पहले कर्म योग का अमर संदेश दिया था, उसी धरा पर (कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में) अब विश्व की सबसे बड़ी गीता विराजित होगी। इसे विशेष तौर पर इटली में तैयार कराया जा रहा है। इसकी विशालता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसका वजन एक हजार किलोग्राम होगा, जिसे इस्कॉन की ओर से बनाए जा रहे विश्व के पहले रथनुमा श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में विराजमान किया जाएगा। करीब 700 पेज की इस पवित्र गीता के पन्ने मशीन द्वारा ही पलटे जा सकेंगे।
फिलहाल दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में ही विश्व की सबसे बड़ी 800 किलोग्राम की नौ बाई साढ़े छह फुट की गीता विराजमान है। इसे भी इटली के मिलान में ही तैयार कराया गया था। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। अब ज्योतिसर में बन रहे मंदिर में विराजमान की जाने वाली गीता इससे भी भव्य व बड़ी होगी।
रथनुमा श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर का बाहरी दृश्य।
इसके लिए मंदिर में अत्याधुनिक गीता म्यूजियम भी बनाया जा रहा है, जहां पवित्र गीता विराजमान की जाएगी। यहां तकनीक के जरिए दर्शाया जाएगा कि किस तरह श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का संदेश दिया था। माना जा रहा है कि इससे यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को साक्षात गीता संदेश का अनुभव हो सकेगा।
यहां एक साथ 600 भक्त कीर्तन भी कर सकेंगे। खास बात है कि यह गीता यूपो सिंथेटिक पेपर से तैयार की जा रही है। मंदिर प्रबंधन इसी वर्ष दिसंबर माह में होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के शुभारंभ तक मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद जता रहा है। इसके बाद मंदिर और पवित्र गीता का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराए जाने की चर्चा है।
विश्व का पहला अनोखा रथनुमा होगा श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर
ज्योतिसर क्षेत्र में इस्कॉन की ओर से श्रीकृष्ण अर्जुन मंदिर बनाया जा रहा है। करीब 125 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे श्रीकृष्ण-अर्जुन का रथनुमा यह मंदिर बेहद अनोखा होगा। करीब छह एकड़ में वर्ष 2015 में इस मंदिर का निर्माण शुरू किया गया था और यह दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि यह विश्व का पहला मंदिर होगा, जहां श्रीकृष्ण के साथ अर्जुन की भी पूजा होगी।
मुम्बई में तैयार कराए गए रथ के घोड़े : साक्षी गोपालदास
मंदिर प्रबंधक साक्षी गोपालदास का कहना है कि जब भगवान श्रीकृष्ण रथ पर सवार होकर अर्जुन को महाभारत के युद्ध के दौरान गीता का संदेश दे रहे थे, उसी दृश्य को मंदिर में दर्शाने का प्रयास होगा। 40-40 फुट लंबे और 30-30 फुट ऊंचे घोड़े विशेष तौर पर मुम्बई में तैयार करवाए गए हैं, जो मंदिर परिसर में स्थापित भी कर दिए गए हैं। दिसंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंदिर और पवित्र गीता के उद्घाटन का प्रयास किया जा रहा है।