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Kurukshetra News: लाखों की लेप्रोस्कोपिक मशीन महीनों से बेकार, ट्रेनिंग के अभाव में मरीजों को नहीं मिल रही आधुनिक सर्जरी सुविधा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 01:56 AM IST
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Laparoscopic machines worth lakhs have been idle for months, and patients are unable to access modern surgical facilities due to a lack of training.
कुरुक्षेत्र। लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल में लाखों रुपये की लेप्रोस्कोपिक मशीन कई महीनों से बेकार पड़ी है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और प्रशिक्षण के अभाव के कारण मरीजों को इस आधुनिक सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप दूरबीन से होने वाले ऑपरेशन के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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यह आधुनिक दूरबीन मशीन निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएँ देने के उद्देश्य से स्थापित की गई थी। मशीन से केवल कुछ दिन ही मरीजों के ऑपरेशन हो सके, फिर इसका उपयोग बंद हो गया। करीब सात माह पहले विशेषज्ञ सर्जन डॉ. घनघस ने अस्पताल छोड़कर अपना निजी अस्पताल शुरू कर लिया। उनके जाने के बाद अब तक कोई दक्ष सर्जन अस्पताल में नियुक्त नहीं हुआ है। वर्तमान में कार्यरत सर्जन इस मशीन को चलाने में प्रशिक्षित नहीं हैं। अस्पताल प्रशासन भी चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने में सफल नहीं हो पाया है। फिलहाल अस्पताल में केवल पारंपरिक चीरा लगाकर ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। मशीन के लंबे समय से बंद पड़े रहने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।
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मरीजों पर असर

मशीन बंद होने का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क मिलने वाली सर्जरी के लिए उन्हें निजी अस्पतालों में 20 से 30 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। कुरुक्षेत्र के अलावा कैथल जैसे आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से मशीन जल्द चालू करवाने की मांग की है। वे आधुनिक और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहते हैं।
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अस्पताल प्रशासन का पक्ष

सीएमओ डॉ. सुखबीर ने बताया कि मशीन के संचालन के लिए चिकित्सकों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। मुख्यालय को ऐसे चिकित्सक की नियुक्ति के लिए पत्र लिखा गया है, जो लेप्रोस्कोपिक मशीन चलाने में दक्ष हो। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही यहां मशीन चलाने वाले चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही, यहां मौजूद चिकित्सकों को भी इसका उपयोग सिखाकर मशीन को उपयोग में लाने की कवायद शुरू है।
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