{"_id":"698b8f6561807e8a490d915c","slug":"land-mafia-has-cut-a-commercial-site-by-making-a-road-on-government-land-ashok-arora-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-149945-2026-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"भू-माफिया ने सरकारी जमीन पर रास्ता बनाकर काटी कमर्शियल साइट : अशोक अरोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भू-माफिया ने सरकारी जमीन पर रास्ता बनाकर काटी कमर्शियल साइट : अशोक अरोड़ा
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। पत्रकार वार्ता में जानकारी देते विधायक अशोक अरोड़ा। संवाद
कुरुक्षेत्र। थानेसर विधायक व पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि भू-माफिया शहर में हावी हो चुका है, जो नियमों को ताक पर रख अपनी मंशा को पूरी कर रहा है। इसके कारण ही पिपली रोड के समीप सरकारी जमीन पर रास्ता बना आगे करीब दो एकड़ जमीन पर कॉमर्शियल साइट काट दी गई। उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और उपायुक्त से मिलकर भू-माफिया पर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि नए बस अड्डे से आगे पिपली मार्ग पर सरकारी जमीन पर ही निजी रास्ता बना दिया गया। जिस जमीन पर रास्ता बनाया गया है, उस एक एकड़ जमीन को रतगल के निरंजन सिंह से लेकर सरकार ने 1988 में अधिग्रहण किया था।
इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली और वे हार गए। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाली, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 8 अगस्त 2023 को खारिज कर दिया। अदालत ने आर्डर में पुनर्विचार याचिका को रद्द करने की बात स्पष्ट रूप से लिखी है लेकिन भू माफिया ने इस जमीन से रास्ता बनाकर इसके पीछे दो एकड़ जमीन लेकर कमर्शियल साइट काट दी। चूंकि इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, इसलिए यह रास्ता बंद भी होगा। अशोक अरोड़ा ने बताया कि जब भू-माफिया ने इस जमीन पर सड़क बनानी शुरू की, उन्होंने किसी अन्य नाम से इस जमीन पर इसी खसरा नंबर पर हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाली और गत 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने भी इसे रद्द कर दिया। अरोड़ा ने कहा कि सरकार के लोग जनता के हित में काम करने के बजाय गलत काम करने में जुटे हैं। भाजपा को चाहिए था कि बुजुर्गों की पेंशन कट रही है तो उनको दोबारा शुरू करवाते। लेकिन इनका ध्यान सिर्फ पैसे कमाने की ओर है। इस दौरान कांग्रेस नेता सुभाष पाली, कांग्रेस के जिला महासचिव टेकचंद बारना व सुभाष मिर्जापुर भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि नए बस अड्डे से आगे पिपली मार्ग पर सरकारी जमीन पर ही निजी रास्ता बना दिया गया। जिस जमीन पर रास्ता बनाया गया है, उस एक एकड़ जमीन को रतगल के निरंजन सिंह से लेकर सरकार ने 1988 में अधिग्रहण किया था।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली और वे हार गए। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाली, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 8 अगस्त 2023 को खारिज कर दिया। अदालत ने आर्डर में पुनर्विचार याचिका को रद्द करने की बात स्पष्ट रूप से लिखी है लेकिन भू माफिया ने इस जमीन से रास्ता बनाकर इसके पीछे दो एकड़ जमीन लेकर कमर्शियल साइट काट दी। चूंकि इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, इसलिए यह रास्ता बंद भी होगा। अशोक अरोड़ा ने बताया कि जब भू-माफिया ने इस जमीन पर सड़क बनानी शुरू की, उन्होंने किसी अन्य नाम से इस जमीन पर इसी खसरा नंबर पर हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाली और गत 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने भी इसे रद्द कर दिया। अरोड़ा ने कहा कि सरकार के लोग जनता के हित में काम करने के बजाय गलत काम करने में जुटे हैं। भाजपा को चाहिए था कि बुजुर्गों की पेंशन कट रही है तो उनको दोबारा शुरू करवाते। लेकिन इनका ध्यान सिर्फ पैसे कमाने की ओर है। इस दौरान कांग्रेस नेता सुभाष पाली, कांग्रेस के जिला महासचिव टेकचंद बारना व सुभाष मिर्जापुर भी मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। पत्रकार वार्ता में जानकारी देते विधायक अशोक अरोड़ा। संवाद
विज्ञापन