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Kurukshetra News: डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में कुवि के बढ़ रहे कदम
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कुरुक्षेत्र। कुवि का द्रोणाचार्य द्वार। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में लागू की गई एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली (आईयूएमएस) की आटोमेशन में अहम भूमिका है। विद्यार्थियों को सुविधाओं के लिए भविष्य में विवि को पूर्णतया डिजिटलाइज्ड करने की दिशा में आईयूएमएस प्रणाली को कुवि में चरणबद्ध तरीके से विश्वविद्यालय में लागू किया जा रहा है।
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि आईयूएमएस पोर्टल विवि में दाखिला प्रक्रिया से लेकर विद्यार्थियों की अंकतालिका बनाने तक, कर्मचारियों व संस्थान के सभी रिकाॅर्ड को, कार्यालय संबंधी कार्य, विद्यार्थियों की सभी जरूरी ऑनलाइन सेवाओं, वित्त संबंधी सभी सेवाओं, परीक्षा संबंधी सभी सेवाओं को सुचारू रूप से छात्रों तक पहुंचाने व प्राइवेट शिक्षा, डिस्टेंस व संबंधित कॉलेजों के लिए ऑनलाइन पोर्टल एक अहम भूमिका अदा कर रहा है।
आईयूएमएस विवि की कार्यप्रणाली को तीव्र करने और पारदर्शिता लाने में तथा परीक्षा, अकाउंट्स, ई-फाइलिंग सिस्टम सहित सभी विभागीय कार्यों के लिए उपयोगी है। आईयूएमएस द्वारा इस सत्र में यूटीडी में दाखिले के लिए 18 हजार 379 व आईआईएचएस में दाखिले के लिए सात हजार 876 छात्रों ने सुविधा का लाभ उठाया। पिछले सत्र में प्राइवेट दाखिले के लिए करीब 67 हजार छात्रों ने और दूरवर्ती शिक्षा के लिए करीब 17 हजार 500 विद्यार्थियों ने आईयूएमएस सुविधा का लाभ उठाया था।
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आईयूएमएस पोर्टल के माध्यम से ही यूजी, पीजी के एडमिशन से लेकर परीक्षा फार्म भरने, फीस, छात्रों को मेस सुविधा, पुस्तकालय, विभिन्न पंजीकरण, ऑनलाइन माइग्रेशन, विभिन्न विभागों में एडमिशन, पीएचडी के शोधार्थी, स्कालरशिप, भर्तियां, छात्रों की शिकायत, एलुमनी, वेबसाइट सहित अन्य कार्यों को भी डिजिटल रूप में किया जा रहा है। आईयूएमएस के भर्ती पोर्टल पर विश्वविद्यालय में विभिन्न शिक्षण व गैर-शिक्षक कर्मचारियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां की जा रही है जो कि बहुत सरल व सुगम तरीके से की जा रही हैं। आईयूएमएस एलुमनी पोर्टल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है, जिसमें विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का डाटा संग्रहीत किया जा रहा है।
पोर्टल की खास विशेषता है कि विद्यार्थी द्वारा दर्ज की गई प्रार्थना पत्र तुरंत संबंधित विभाग के संबंधित कर्मचारी के पास ऑनलाइन माध्यम से पहुंच जाती है तथा स्वयं विद्यार्थी भी इस प्रक्रिया को देख पा रहा है। परीक्षा संबंधी समस्या के निपटान हेतु की गई कार्यवाही भी विद्यार्थी को तुरंत पता चल रही है। ऑटोमेशन के तहत फाइलों को ट्रैक करना आसान हुआ है। वर्तमान में इस डिजिटल युग में हर व्यक्ति को डिजिटल साक्षर होना बहुत जरूरी है।
प्रो. ऊषा रानी बनी डीन फैकल्टी ऑफ एजुकेशन
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में शारीरिक शिक्षा विभाग की प्रो. ऊषा रानी को 12 जुलाई से आगामी तीन वर्षों के लिए डीन, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन व शारीरिक शिक्षा विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है। लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इसके साथ ही प्रो. ऊषा रानी को कुवि कोर्ट, एकेडमिक काउंसिल व फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की सदस्य होंगी तथा बोर्ड ऑफ स्टडीज की चेयरपर्सन भी होंगी।
इंजीनियरिंग में एन्सिस के अनुप्रयोग बुनियादी से उन्नत तक विषय पर कार्यशाला में चर्चा
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र (एनआईटी) में इंजीनियरिंग में एन्सिस के अनुप्रयोग बुनियादी से उन्नत तक विषय पर साप्ताहिक विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका समापन मंगलवार को हुआ। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ये कार्यशाला माइक्रोसॉफ्ट टीम्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की गई थी। कार्यशाला में देशभर के करीब 20 राज्यों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला समन्वयक डॉ. पंकज सहलोत, डॉ. रवि प्रताप सिंह, प्रो. हरि सिंह, डॉ. दिनेश राठौड़, संयोजक डॉ. विकास कुमार और डॉ. रणजीत कुमार ने प्रतिभागियों को इंजीनियरिंग में एन्सिस के अनुप्रयोग बुनियादी से उन्नत तक विषय के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों ने आयोजित कार्यक्रम की सराहना की और एन्सिस पर इस ऑनलाइन कार्यशाला के प्रस्तावित उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए आयोजन समिति द्वारा किए गए प्रयास को सराहा।
इस दौरान प्रतिभागियों को एन्सिस और उसके उपकरण का मूल परिचय, स्पेस क्लेम का उपयोग करके ज्यामितीय मॉडलिंग और मरम्मत, मेशिंग का परिचय, वैश्विक और स्थानीय मेष विधि, बैटरी और बीएमएस के लिए बैटरी और एन्सिस क्षमताओं का परिचय, एकल सेल बैटरी विश्लेषण, फ्लुएंट मेशिंग, बैटरी का थर्मल प्रबंधन, बैटरी पैक थर्मल प्रबंधन और विभिन्न अनुकूलन तकनीक, पाइप-टी आकार, वाई-आकार के माध्यम से गर्मी और प्रवाह हस्तांतरण, एएनएसवाईएस का उपयोग करके पोस्ट-प्रोसेसिंग के बारे में बताया गया।
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लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि आईयूएमएस पोर्टल विवि में दाखिला प्रक्रिया से लेकर विद्यार्थियों की अंकतालिका बनाने तक, कर्मचारियों व संस्थान के सभी रिकाॅर्ड को, कार्यालय संबंधी कार्य, विद्यार्थियों की सभी जरूरी ऑनलाइन सेवाओं, वित्त संबंधी सभी सेवाओं, परीक्षा संबंधी सभी सेवाओं को सुचारू रूप से छात्रों तक पहुंचाने व प्राइवेट शिक्षा, डिस्टेंस व संबंधित कॉलेजों के लिए ऑनलाइन पोर्टल एक अहम भूमिका अदा कर रहा है।
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आईयूएमएस विवि की कार्यप्रणाली को तीव्र करने और पारदर्शिता लाने में तथा परीक्षा, अकाउंट्स, ई-फाइलिंग सिस्टम सहित सभी विभागीय कार्यों के लिए उपयोगी है। आईयूएमएस द्वारा इस सत्र में यूटीडी में दाखिले के लिए 18 हजार 379 व आईआईएचएस में दाखिले के लिए सात हजार 876 छात्रों ने सुविधा का लाभ उठाया। पिछले सत्र में प्राइवेट दाखिले के लिए करीब 67 हजार छात्रों ने और दूरवर्ती शिक्षा के लिए करीब 17 हजार 500 विद्यार्थियों ने आईयूएमएस सुविधा का लाभ उठाया था।
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आईयूएमएस पोर्टल के माध्यम से ही यूजी, पीजी के एडमिशन से लेकर परीक्षा फार्म भरने, फीस, छात्रों को मेस सुविधा, पुस्तकालय, विभिन्न पंजीकरण, ऑनलाइन माइग्रेशन, विभिन्न विभागों में एडमिशन, पीएचडी के शोधार्थी, स्कालरशिप, भर्तियां, छात्रों की शिकायत, एलुमनी, वेबसाइट सहित अन्य कार्यों को भी डिजिटल रूप में किया जा रहा है। आईयूएमएस के भर्ती पोर्टल पर विश्वविद्यालय में विभिन्न शिक्षण व गैर-शिक्षक कर्मचारियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां की जा रही है जो कि बहुत सरल व सुगम तरीके से की जा रही हैं। आईयूएमएस एलुमनी पोर्टल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है, जिसमें विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का डाटा संग्रहीत किया जा रहा है।
पोर्टल की खास विशेषता है कि विद्यार्थी द्वारा दर्ज की गई प्रार्थना पत्र तुरंत संबंधित विभाग के संबंधित कर्मचारी के पास ऑनलाइन माध्यम से पहुंच जाती है तथा स्वयं विद्यार्थी भी इस प्रक्रिया को देख पा रहा है। परीक्षा संबंधी समस्या के निपटान हेतु की गई कार्यवाही भी विद्यार्थी को तुरंत पता चल रही है। ऑटोमेशन के तहत फाइलों को ट्रैक करना आसान हुआ है। वर्तमान में इस डिजिटल युग में हर व्यक्ति को डिजिटल साक्षर होना बहुत जरूरी है।
प्रो. ऊषा रानी बनी डीन फैकल्टी ऑफ एजुकेशन
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में शारीरिक शिक्षा विभाग की प्रो. ऊषा रानी को 12 जुलाई से आगामी तीन वर्षों के लिए डीन, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन व शारीरिक शिक्षा विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है। लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इसके साथ ही प्रो. ऊषा रानी को कुवि कोर्ट, एकेडमिक काउंसिल व फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की सदस्य होंगी तथा बोर्ड ऑफ स्टडीज की चेयरपर्सन भी होंगी।
इंजीनियरिंग में एन्सिस के अनुप्रयोग बुनियादी से उन्नत तक विषय पर कार्यशाला में चर्चा
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र (एनआईटी) में इंजीनियरिंग में एन्सिस के अनुप्रयोग बुनियादी से उन्नत तक विषय पर साप्ताहिक विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका समापन मंगलवार को हुआ। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ये कार्यशाला माइक्रोसॉफ्ट टीम्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की गई थी। कार्यशाला में देशभर के करीब 20 राज्यों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला समन्वयक डॉ. पंकज सहलोत, डॉ. रवि प्रताप सिंह, प्रो. हरि सिंह, डॉ. दिनेश राठौड़, संयोजक डॉ. विकास कुमार और डॉ. रणजीत कुमार ने प्रतिभागियों को इंजीनियरिंग में एन्सिस के अनुप्रयोग बुनियादी से उन्नत तक विषय के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों ने आयोजित कार्यक्रम की सराहना की और एन्सिस पर इस ऑनलाइन कार्यशाला के प्रस्तावित उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए आयोजन समिति द्वारा किए गए प्रयास को सराहा।
इस दौरान प्रतिभागियों को एन्सिस और उसके उपकरण का मूल परिचय, स्पेस क्लेम का उपयोग करके ज्यामितीय मॉडलिंग और मरम्मत, मेशिंग का परिचय, वैश्विक और स्थानीय मेष विधि, बैटरी और बीएमएस के लिए बैटरी और एन्सिस क्षमताओं का परिचय, एकल सेल बैटरी विश्लेषण, फ्लुएंट मेशिंग, बैटरी का थर्मल प्रबंधन, बैटरी पैक थर्मल प्रबंधन और विभिन्न अनुकूलन तकनीक, पाइप-टी आकार, वाई-आकार के माध्यम से गर्मी और प्रवाह हस्तांतरण, एएनएसवाईएस का उपयोग करके पोस्ट-प्रोसेसिंग के बारे में बताया गया।

कुरुक्षेत्र। कुवि का द्रोणाचार्य द्वार। संवाद

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