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Kurukshetra News: सेमीकंडक्टर चिप निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए इको सिस्टम विकसित करने में मदद करेगा कुवि
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान विभाग ने पिछले साल केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन में योगदान देना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश को सेमीकंडक्टर चिप के विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। दुनिया की शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे इंटेल, सैमसंग आदि द्वारा सेमीकंडक्टर चिप्स के डिजाइन के लिए उपयोग किए जाने वाले अत्यधिक परिष्कृत सॉफ्टवेयर टूल पर छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान विभाग में एक सप्ताह की कार्यशाला शुरू की गई।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विश्वविद्यालय का इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा बना है। सरकार ने एक शोध परियोजना के तहत सेमीकंडक्टर चिप्स विकसित करने का कार्य दिया है। मंत्रालय ने उद्योग के लिए तैयार आईसी डिजाइन सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराए हैं, जो बिल्कुल वैसे ही हैं जैसे इंटेल और सैमसंग जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने के लिए उपयोग करती हैं। इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान विभाग द्वारा डिजाइन किए गए सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण मेक इन इंडिया मिशन के तहत भारत में ही किया जाएगा। उपलब्ध कराए गए ये सॉफ्टवेयर न केवल अनुसंधान गतिविधियों के लिए अत्यधिक फायदेमंद होंगे, बल्कि चिप डिजाइनिंग में प्रशिक्षित जनशक्ति उत्पन्न करने के लिए भी उपयोग किए जाएंगे। इन छात्रों को प्रशिक्षण मिलने के बाद सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में प्लेसमेंट मिलना आसान हो जाएगा।
85 हजार प्रशिक्षित पेशेवरों को किया जाएगा प्रशिक्षित : प्रो मुकेश
परियोजना के समन्वयक प्रोफेसर मुकेश कुमार ने बताया कि देश का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन क्षेत्र में 85 हजार प्रशिक्षित पेशेवरों को प्रशिक्षित करना है। उन्होंने बताया कि पूरे हरियाणा प्रदेश से केवल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का इलेक्ट्रॉनिक साइंस विभाग ही राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन के लिए चयनित हो सका है। प्रोफेसर मुकेश कुमार ने बताया कि सेमीकंडक्टर उद्योग दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहा है और भारत अब इस दौड़ में शामिल होने के लिए तैयार है। कई कंपनियां जो चीन और अन्य देशों में सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण कर रही थीं, भारत सरकार द्वारा मेक इन इंडिया मिशन के तहत घोषित विभिन्न प्रोत्साहनों के कारण भारत आ रही हैं। विभाग के छात्रों को इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने की आवश्यकता है।
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देश के विकास में सहायक होगा यह प्रयास : प्रो ढींगरा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए और उन्नत तकनीकों को सीखना चाहिए, जो न केवल सेमीकंडक्टर उद्योग में छात्रों के लिए प्लेसमेंट पाने के लिए उपयोगी हैं, बल्कि देश के विकास में भी सहायक होंगी। इस अवसर पर प्रो. अनुरेखा शर्मा, प्रो. सुरेश कुमार एवं प्रो. वीरेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।
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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विश्वविद्यालय का इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा बना है। सरकार ने एक शोध परियोजना के तहत सेमीकंडक्टर चिप्स विकसित करने का कार्य दिया है। मंत्रालय ने उद्योग के लिए तैयार आईसी डिजाइन सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराए हैं, जो बिल्कुल वैसे ही हैं जैसे इंटेल और सैमसंग जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने के लिए उपयोग करती हैं। इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान विभाग द्वारा डिजाइन किए गए सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण मेक इन इंडिया मिशन के तहत भारत में ही किया जाएगा। उपलब्ध कराए गए ये सॉफ्टवेयर न केवल अनुसंधान गतिविधियों के लिए अत्यधिक फायदेमंद होंगे, बल्कि चिप डिजाइनिंग में प्रशिक्षित जनशक्ति उत्पन्न करने के लिए भी उपयोग किए जाएंगे। इन छात्रों को प्रशिक्षण मिलने के बाद सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में प्लेसमेंट मिलना आसान हो जाएगा।
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85 हजार प्रशिक्षित पेशेवरों को किया जाएगा प्रशिक्षित : प्रो मुकेश
परियोजना के समन्वयक प्रोफेसर मुकेश कुमार ने बताया कि देश का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन क्षेत्र में 85 हजार प्रशिक्षित पेशेवरों को प्रशिक्षित करना है। उन्होंने बताया कि पूरे हरियाणा प्रदेश से केवल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का इलेक्ट्रॉनिक साइंस विभाग ही राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन के लिए चयनित हो सका है। प्रोफेसर मुकेश कुमार ने बताया कि सेमीकंडक्टर उद्योग दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहा है और भारत अब इस दौड़ में शामिल होने के लिए तैयार है। कई कंपनियां जो चीन और अन्य देशों में सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण कर रही थीं, भारत सरकार द्वारा मेक इन इंडिया मिशन के तहत घोषित विभिन्न प्रोत्साहनों के कारण भारत आ रही हैं। विभाग के छात्रों को इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने की आवश्यकता है।
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देश के विकास में सहायक होगा यह प्रयास : प्रो ढींगरा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए और उन्नत तकनीकों को सीखना चाहिए, जो न केवल सेमीकंडक्टर उद्योग में छात्रों के लिए प्लेसमेंट पाने के लिए उपयोगी हैं, बल्कि देश के विकास में भी सहायक होंगी। इस अवसर पर प्रो. अनुरेखा शर्मा, प्रो. सुरेश कुमार एवं प्रो. वीरेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।