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Kurukshetra News: भगवद्गीता अध्ययन विषय पर स्नातक सहित कई कार्यक्रम शुरू करेगा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय

Tue, 28 Oct 2025 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 28 Oct 2025 02:21 AM IST
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Kurukshetra University to launch several programmes, including graduate programmes, on Bhagavad Gita studies
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की  अकादमिक परिषद की बैठक में मौजूद कुलपति सोमनाथ सचदेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की 128वीं अकादमिक परिषद की बैठक सोमवार को विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन स्थित सीनेट हाॅल में कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शैक्षणिक, अनुसंधान एवं नवाचार से संबंधित 46 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और उन्हें अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में कई विभागों की ओर से प्रस्तुत संशोधित पाठ्यक्रम एवं परीक्षा योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें एमए हिंदी, एमए इतिहास, एमएससी सांख्यिकी, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी बायोकेमिस्ट्री, एमसीए, एमकॉम, बीए एवं बीटेक कार्यक्रमों सहित अनेक स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने श्रीमद्भगवद्गीता अध्ययन केंद्र के अंतर्गत भगवद्गीता अध्ययन विषय पर स्नातक कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है, जो भारत की सांस्कृतिक और नैतिक विरासत पर केंद्रित होगा।
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बैठक में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, सहयोग, नवाचार एवं नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के कार्यान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की नीतियां अब पूर्णतः पारदर्शिता, नवाचार, रोजगारोन्मुख शिक्षा और अनुसंधान की भावना पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आई है और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इस नीति के समुचित कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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अनेक एमओयू को मिली स्वीकृति
बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न सरकारी, औद्योगिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ किए गए सहयोग समझौते को परिषद की स्वीकृति दी गई। इन समझौतों का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को औद्योगिक एक्सपोजर, प्रशिक्षण, कौशल विकास, अनुसंधान अवसरों और संयुक्त परियोजनाओं से जोड़ना है। इन सभी समझौतों के माध्यम से विश्वविद्यालय में सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी शोध, जैव-प्रौद्योगिकी, उद्योग आधारित शिक्षा, सामाजिक विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। प्रमुख समझौतों में फर्स्ट ग्रीन कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम, लविस्ता एंटरप्राइजेज पंचकूला, आईआरडीए, विद्या भारती नार्थ जोन नई दिल्ली, आरआईएस नई दिल्ली, उत्तराखंड काउंसिल फाॅर बायोटेक्नाॅलोजी पंतनगर, एमईसीएल नागपुर, सीपीपीआरआई सहारनपुर और बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग कानपुर के साथ एमओयू को मंजूरी मिली।

नए कोर्स और ऑनलाइन शिक्षा की दिशा में पहल

बैठक में एमए इतिहास और एमएससी गणित जैसे ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को आरंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। साथ ही विश्वविद्यालय ने एक वर्ष के पीजी डिप्लोमा इन हेल्थ, सेफ्टी एंड एनवायरनमेंट (ब्लेंडेड मोड) पाठ्यक्रम को स्ववित्तपोषी योजना के अंतर्गत प्रारंभ करने का निर्णय भी लिया।

सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के अंतर्गत नए लर्नर सपोर्ट सेंटर स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है जिनके लिए विश्वविद्यालय श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी (दूधोला), चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (भिवानी), जेसी बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (फरीदाबाद) और सनातन धर्म कॉलेज (अंबाला कैंट) के साथ एमओयू करेगा।
एलएलएम दो वर्षीय डिग्री कार्यक्रम (एलओसीएफ-सीबीसीएस) को स्ववित्तपोषी योजना के अंतर्गत सत्र 2024-25 से लागू करने का अध्यादेश पारित किया गया। बीटेक (सेमेस्टर प्रणाली) के लिए एनईपी-2020 के अनुरूप क्रेडिट आधारित प्रणाली पर आधारित मसौदा अध्यादेश को भी सत्र 2025-26 से लागू करने की मंजूरी दी गई। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत यूजी कार्यक्रमों के लिए बीए, बीकॉम (ओडीएल एवं ओएल योजनाओं) और बीबीए (ऑनलाइन योजना) के अध्यादेशों को अनुमोदित किया गया।
इन नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत पर मुहर
बीसीए (इंडस्ट्री लिंक्ड) (स्ववित्तपोषी योजना), बीवोक (एमएलटी) (एलएसक्यूएफ के अंतर्गत), बीएमएस (इवेंट मैनेजमेंट) (एईडीपी) व बीकॉम (प्रोफेशनल) सभी सत्र 2025-26 से प्रारंभ करने पर मुहर लगाई गई।




छात्र हित में अहम निर्णय

परिषद ने विद्यार्थियों को एक स्पेशल मर्सी चांस प्रदान करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी जिसके तहत वे दिसंबर 2025/जनवरी 2026 तथा मई/जून 2026 में आयोजित परीक्षाओं में भाग लेकर अपनी लंबित डिग्री पूरी कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, परिषद ने विभिन्न समितियों की अनुशंसाओं पर स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए नई इंटर्नशिप गाइडलाइंस को भी मंजूरी दी।

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की  अकादमिक परिषद की बैठक में मौजूद कुलपति सोमनाथ सचदेवा

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की  अकादमिक परिषद की बैठक में मौजूद कुलपति सोमनाथ सचदेवा

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