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अब सत्यापन के लिए नहीं भटकेंगे छात्र
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 07 Mar 2014 12:11 AM IST
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केयू में अंकतालिका, प्रमाण पत्र और परीक्षा आवेदन को सत्यापित कराने के लिए विद्यार्थियाें को लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा।
केयू कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने प्रबंधन संस्थान के प्लेसमेंट ऑफिसर मोहिंदर सिंह, पीआरओ दविंदर सचदेवा के अलावा पांच अन्य अधिकारियों को उपरोक्त कागजात को सत्यापित करने का अधिकार दिया है।
विद्यार्थियों कोइसकी जानकारी देने के लिए दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय और परीक्षा शाखा इंक्वायरी केंद्र के बाहर सत्यापित अधिकारियों की लिस्ट का एक बोर्ड भी लगाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि परीक्षाओं, अन्य डिप्लोमा और डिग्री कोर्सों के आवेदन के लिए भरे जाने वाले फार्म को सत्यापित कराने के लिए विद्यार्थियाें को लंबी कतारों में लगना पड़ता था।
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इससे विद्यार्थियाें का काफी समय इसी प्रक्रिया में खराब हो जाता था। विद्यार्थियों की इसी समस्या को देखते केयू कुलपति ने अब पांच अन्य अधिकारियों को विद्यार्थियों के कागजात सत्यापित करने का अधिकार दिया है>
जिनमें केयू दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय की अधीक्षक शीला रानी, इसी विभाग के अधीक्षक रामप्रताप, विधि विभाग के अधीक्षक रामलाल मैहरा, डीन वेलफेयर विभाग के अधीक्षक शादी राम और यूनिवर्सिटी कॉलेज के अधीक्षक रामचंद्र को सत्यापित करने का प्रभार सौंपा गया है। यह नोटिफिकेशन 5 मार्च को जारी किया गया।
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केयू कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने प्रबंधन संस्थान के प्लेसमेंट ऑफिसर मोहिंदर सिंह, पीआरओ दविंदर सचदेवा के अलावा पांच अन्य अधिकारियों को उपरोक्त कागजात को सत्यापित करने का अधिकार दिया है।
विद्यार्थियों कोइसकी जानकारी देने के लिए दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय और परीक्षा शाखा इंक्वायरी केंद्र के बाहर सत्यापित अधिकारियों की लिस्ट का एक बोर्ड भी लगाया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि परीक्षाओं, अन्य डिप्लोमा और डिग्री कोर्सों के आवेदन के लिए भरे जाने वाले फार्म को सत्यापित कराने के लिए विद्यार्थियाें को लंबी कतारों में लगना पड़ता था।
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इससे विद्यार्थियाें का काफी समय इसी प्रक्रिया में खराब हो जाता था। विद्यार्थियों की इसी समस्या को देखते केयू कुलपति ने अब पांच अन्य अधिकारियों को विद्यार्थियों के कागजात सत्यापित करने का अधिकार दिया है>
जिनमें केयू दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय की अधीक्षक शीला रानी, इसी विभाग के अधीक्षक रामप्रताप, विधि विभाग के अधीक्षक रामलाल मैहरा, डीन वेलफेयर विभाग के अधीक्षक शादी राम और यूनिवर्सिटी कॉलेज के अधीक्षक रामचंद्र को सत्यापित करने का प्रभार सौंपा गया है। यह नोटिफिकेशन 5 मार्च को जारी किया गया।