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जींद नहीं, केयू के ही अधीन रहेंगे बीएड कालेज : सैनी
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:51 PM IST
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केयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने और इसके अधीन एजुकेशन कालेजों को पहली व्यवस्था के अनुरूप ही रखने का मुद्दा जिले की तीन विधायकों ने विधानसभा में उठाया। गौरतलब है कि 2016 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के अधीन बीएड कालेजों को जींद के अधीन देने और इंजीनियरिंग कालेजों को दीन बंधू सर छोटूराम साइंस एवं टेक्नोलाजी यूनिवर्सिटी मुरथल से जोड़ने का यहां जबरदस्त विरोध हुआ था। इसके विरोध में बाकायदा कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी बचाओ संघर्ष मंच गठित किया गया था।
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मंच के लोगों ने ज्ञापन और बैठकों के साथ सरकार के प्रतिनिधियों पर दबाव बनाया था कि प्राइवेट एजुकेशन कालेज और इंजीनियरिंग कालेज केयू के अधीन रहे। इस दबाव के बाद यह मामला पिछले साल भी विधानसभा में इनेलो विधायक जसविंद्र सिंह ने उठाया था, जिसके बाद शिक्षा मंत्री ने 27 अगस्त 2016 को केयू के अधीन उक्त दोनों श्रेणी के प्राईवेट कालेजों को पूर्व व्यवस्था के अनुरूप केयू के अधीन रखने पर सहमति दी थी।
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आज एक बार फिर यह मामला इनेलो विधायक दल के उपनेता जसविंद्र सिंह संधू, लाडवा के विधायक पवन सैनी ने उठाया। विधायक सैनी और संधू ने केयू बचाओ संघर्ष मंच के प्रधान मदन गोपाल शर्मा और संरक्षक विजय सभ्रवाल को शिक्षा मंत्री द्वारा दोबारा दी गई सहमति की भी जानकारी दी। दोनों विधायकों ने बताया कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के अधीन उक्त दोनों श्रेणी के सभी कालेज पूर्व की व्यवस्था के तहत केयू से ही जुड़े रहेंगे। इधर थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से केयू के बजट में इजाफा किया जाएगा और थानेसर हलके के विकास के लिए कई परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के फिरेंगे दिन
चंडीगढ़। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दिन अब बहुरने की उम्मीद है। यूनिवर्सिटी को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार इसका अनुदान बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भाजपा विधायक सुभाष सुधा के सवाल पर सदन में यह जानकारी दी।
सुधा ने सरकार से पूछा था कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने का प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन तो नहीं है। इससे तो शिक्षा मंत्री ने मना कर दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का देश और प्रदेश में विशेष पहचान और रुतबा है। इसमें शोध व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रत्यनशील है।
कांग्रेस विधायक आनंद सिंह दांगी और गीता भुक्कल के पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि फिलहाल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से किसी भी बीएड कॉलेज या अन्य तकनीकी कालेजों को हटाकर अन्य यूनिवर्सिटी से संबद्ध नहीं किया जाएगा। इस पर दांगी और भुक्कल ने कहा कि एमडीयू रोहतक से संबद्ध बीएड कॉलेजों को हटाने के आदेश जारी हो चुके हैं, इससे छात्रों में असमंजस की स्थिति है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि जल्द स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।