फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Kurukshetra University banned the making of reels, but students were enraged and the decision was reversed.

Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में रील बनाने पर लगाई पाबंदी, भड़के छात्र तो फैसला लिया वापस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
Kurukshetra University banned the making of reels, but students were enraged and the decision was reversed.
कुरुक्षेत्र। रील बैन के फैसले के खिलाफ संविधान की प्रति लेकर धरने पर पहुंचे छात्र। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बुधवार को रील बनाने और सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने पर पाबंदी के आदेश जारी किए गए। इस फैसले के विरोध में छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया और निर्णय वापस न लेने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इसके बाद विवि प्रशासन ने फैसला वापस ले लिया।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय की ओर से हाल ही में सोशल मीडिया पॉलिसी लागू की गई है। इसके तहत परिसर में रील बनाने और विश्वविद्यालय से जुड़ी सामग्री को निजी सोशल मीडिया प्रोफाइल या विवि से मिलते-जुलते अकाउंट्स पर साझा करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही नई पॉलिसी के अनुसार विश्वविद्यालय में प्रवेश लेते समय प्रत्येक छात्र को यह लिखित घोषणा देनी होगी कि वह सोशल मीडिया पॉलिसी का पालन करेगा और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई स्वीकार करेगा। इस आदेश के सामने आते ही छात्र संगठनों और विद्यार्थियों में नाराजगी फैल गई और कुलपति कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

धरने पर बैठे छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है। छात्रों ने कहा कि यदि परिसर में कैमरा और रील वीडियो पर रोक लगानी है तो सबसे पहले विश्वविद्यालय में चल रहे मीडिया संस्थानों को भी बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि वहां के विद्यार्थी भी हर समय कैमरा लेकर खबरों की तलाश में रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाद में विवि प्रशासन ने भरोसा दिया कि पहले जारी किए आदेश रद्द कर दिए गए हैं और नए आदेशों से पहले विचार - विमर्श किया जाएगा। छात्रों की भी राय शामिल की जाएगी। इस पर प्रदर्शन कर रहे छात्र शांत हुए।

आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी
एनएसयूआई छात्र इकाई के पदाधिकारी विक्की चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय के आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि छात्र परिसर में रील नहीं बना सकते और विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारी निजी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर अपलोड नहीं कर सकते। ऐसा करने पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार सोशल मीडिया को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं विश्वविद्यालय इसे प्रतिबंधित कर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।
विश्वविद्यालय ने पहले जारी आदेशों के अनुसार ये किया बैन
परिसर में बिना अनुमति रील या वीडियो बनाना प्रतिबंधित।
विश्वविद्यालय के लोगो का निजी प्रचार या राजनीतिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय से जुड़ी गोपनीय जानकारी, दस्तावेज या रिसर्च डेटा पोस्ट करना मना।
विश्वविद्यालय को नकारात्मक तरीके से दिखाने वाली पोस्ट साझा करना अपराध माना जाएगा।
फर्जी या भ्रामक जानकारी फैलाना, एडिटेड फोटो या मॉर्फिंग सख्त वर्जित।
साइबर बुलिंग, भेदभावपूर्ण टिप्पणी और ऑनलाइन उत्पीड़न पर रोक।
बिना अनुमति विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व सोशल मीडिया पर नहीं किया जा सकेगा।
छात्र किसी विभाग या यूनिट के सोशल मीडिया अकाउंट के एडमिन नहीं बन सकेंगे।
जारी आदेश के अनुसार ये होगी कार्रवाई
पहली बार गलती पर चेतावनी।
दोबारा उल्लंघन पर निलंबन या परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध।
गंभीर मामलों में विश्वविद्यालय से निष्कासन तक की कार्रवाई।
न्यूनतम 5000 रुपये या उससे अधिक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
कर्मचारियों पर आईटी एक्ट 2000 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत कार्रवाई।
बाहरी व्यक्ति नियम तोड़े तो कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज हो सकती है।
कई सोशल मीडिया चैनल भी किए सस्पेंड : छात्र संगठन
छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विवि से जुड़े कई सोशल मीडिया चैनलों को भी बंद कर दिया है। इन चैनलों के माध्यम से पहले छात्रों को विश्वविद्यालय से संबंधित कई जानकारियां मिलती थीं। छात्रों का कहना है कि इससे सूचना का एक बड़ा माध्यम बंद हो गया है।
विवि ने रद्द किया आदेश, नया नोटिस जारी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पॉलिसी पर चल रहे विवाद के बीच आदेश रद्द कर नया नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि छात्रों के अनुरोध पर इस पॉलिसी को अब विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा ताकि इसमें संशोधन के लिए सुझाव और प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की जा सकें।

प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से जारी नोटिस के अनुसार सोशल मीडिया पॉलिसी से संबंधित सुझाव और टिप्पणियां सभी हितधारकों से अगले तीन महीने के भीतर मांगी गई हैं। प्राप्त सुझावों पर सक्षम प्राधिकारी की ओर से विचार किया जाएगा और आवश्यक संशोधन किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed