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कुरुक्षेत्र: राज्यमंत्री संदीप सिंह ने PWD अधिकारियों को लगाई फटकार, ढाई माह से पीछे पड़ा हूं, कुछ नहीं करते..

Mon, 10 Apr 2023 07:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, पिहोवा, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पिहोवा, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 10 Apr 2023 07:44 PM IST
सार

सरस्वती ड्रेन पर बनाए जा रहे अस्थाई पुल की साइट पर डीसी को लेकर पहुंचे मंत्री ने डीसी को कहा कि इनके खिलाफ कड़ा एक्शन लें, शाम तक रिपोर्ट दें, नहीं तो सस्पेंड करवाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचाया।

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Kurukshetra: Minister of State Sandeep Singh reprimanded PWD officials
फटकार लगाते हुए राज्यमंत्री संदीप सिंह व सफाई देते अधिकारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

मैं ढाई माह से पीछे पड़ा हूं। आप कुछ नहीं करते। पुराने पुल को तोड़ नहीं रहे। अब अस्थाई पुल बनाने में भी डेढ़ माह लगाएंगे। कुछ काम नहीं कर रहे। ये फटकार राज्यमंत्री संदीप सिंह ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन व अन्य अधिकारियों को लगाई। मौका था सरस्वती ड्रेन पर बनाए जाने वाले अस्थाई पुल की साइट का जायजा लेने का।

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यहां राज्यमंत्री डीसी शांतनु शर्मा को ही लेकर पहुंचे। राज्यमंत्री ने पहले पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकारा तो फिर डीसी को कहा इनके खिलाफ आज शाम तक तक ही एक्शन लें। अन्यथा वे इन्हें सस्पेंड करवाएंगे। बाद में मामला मुख्यमंत्री तक भी पहुंचा दिया गया। राज्यमंत्री द्वारा दिखाई गई यह सख्ती पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई तो वहीं अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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राज्यमंत्री ने कहा कि पुल बनाने के नाम पर अधिकारी लंबे समय से उन्हें गुमराह कर रहे हैं। अभी तक पुराने जर्जर पुल के स्थान पर नया पुल बनाने का काम शुरू नहीं किया गया। जबकि इसके लिए उन्होंने 11 करोड़ रुपये का अलग से बजट जारी करवाया हुआ है।
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इस बजट को उन्होंने 40 करोड़ से अधिक के टिकरी भेरिया फोरलेन प्रोजेक्ट से अलग निकलवा कर 11 करोड़ तुरंत प्रभाव से मंजूर करवाए थे, ताकि पुल का जल्दी निर्माण हो सके। इसके बावजूद अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई और लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

राज्यमंत्री बोले- आपका रोजगार ठप होता तो दर्द का पता चलता
राज्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को कहा कि यदि आपकी दुकान या रोजगार पुल टूटने की वजह से ठप हुआ होता तो आपको लोगों का दर्द पता चलता। देरी आपका विभाग कर रहा है और लोगों द्वारा धरने हमारे नाम पर दिए जा रहे हैं। इसे सहन नहीं करूंगा।

राज्य मंत्री संदीप ने सरकारी विभागों की लेटलतीफी के कारण लटके प्रोजेक्टों की रिपोर्ट बनाकर भी मुख्यमंत्री को सौंपी और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोरोना काल के अंदर अपने निजी कोष से यहां 65 लाख से अधिक की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगाया था, जो तैयार पड़ा हुआ है। लेकिन अस्पताल की बिल्डिंग अभी तक अधूरी है, जिस कारण कारण सेवाएं सिरे नहीं चढ़ पाई।

अधिकारियों द्वारा बताई लोकेशन पर भी जताई नाराजगी
पीडब्ल्यूडी विभाग ड्रेन पर जहां अस्थाई पुल का निर्माण कर रहा है। वह पुराने पुल से लगभग एक किलोमीटर दूर सरकारी अस्पताल की नई बिल्डिंग के बिल्कुल पीछे है। इससे वाहन चालकों को एक किलोमीटर का अधिक सफर झेलना होगा। जबकि इससे कुछ ही दूरी पर बाईपास स्थित है। यदि इसी स्थान पर आकर लोगों को ड्रेन क्रॉस करनी थी तो बाईपास का विकल्प पहले से ही मौजूद था। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अस्थाई पुल का निर्माण की लोकेशन बिल्कुल गलत है।

इसे पुराने पुल के आसपास बनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को अतिरिक्त चक्कर ना लगाना पड़े। उन्होंने डीसी को आदेश दिए कि उनकी लोकेशन भी चेज करके पुराने पुल के आसपास की जाए। उधर, विभाग के एसडीओ सुरेंद्र कुमार ने मंत्री को बताया कि ड्रेन की चौड़ाई अधिक होने के कारण केवल इसी स्थान पर लोहे का पुल लगाया जा सकता है। इसलिए इस जगह को फाइनल किया गया।

सड़कों की दुर्दशा पर भी फटकार, बोले अब कार्रवाई का समय आ गया
राज्यमंत्री ने सड़कों की दुर्दशा को लेकर भी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से वे अधिकारियों को पैच वर्क और नई सड़कों का काम तेजी से करने के आदेश दे रहे हैं, लेकिन अधिकारी बहाना बना रहे हैं। आज जब मुख्यमंत्री के आने का पता चला तो अधिकारियों ने संबंधित रास्ते के सारे गड्ढों पर पैच वर्क कर दिया।


राज्यमंत्री ने कहा कि क्या वे सिर्फ सीएम साहब के आने का इंतजार कर रहे थे। यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्हें सैलरी जनता के टैक्स से मिलती है। ऐसे अधिकारियों की सूची बनाकर सीएम को भेजेंगे। अब ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का समय आ गया है।

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