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ऑनलाइन 14 कोर्स की शुरुआत करेगा केयू
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इस सत्र से 14 ऑनलाइन कोर्स की शुरुआत करने जा रहा है। इनमें 10 सर्टिफिकेट, डिप्लोमा प्रोग्राम व चार डिग्री प्रोग्राम शामिल होंगे। इन कोर्सों को दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय, यूजीसी की ओर से मंजूरी मिली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत ऑनलाइन प्रोग्राम शुरू करने की दिशा में यह कुवि का महत्वपूर्ण कदम है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि समय की मांग को देखते हुए आधुनिक क्षेत्रों जैसे मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन मैनेजमेंट, फुल स्टैक डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, डाटा एनालिटिक्स, जर्मन, फ्रेंच, जापानी भाषा व साइबर सिक्योरिटी में सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। ऑनलाइन डिग्री कोर्स में बीए, बीकाम, एमए मास कम्यूनिकेशन व एमकॉम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेन अफेयर्स और फॉरेन के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन डिग्री कोर्स में विद्यार्थी दाखिला ले रहे हैं। निकट भविष्य में भी कामन सर्विस सेंटर व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से नए कोर्सेज भी संचालित किए जाएंगे। इन प्रोग्रामों में से कुछ प्रोग्राम एग्रीकल्चर बेस स्किल, एग्री बिजनेस, एग्री बिजनेस मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित होंगे।
कुलपति ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा और ऑटोमेशन सुविधा विश्वविद्यालय की पहली प्राथमिकता है। इस ऐतिहासिक निर्णय से आटोमेशन में दूरगामी बदलाव होंगे व विद्यार्थियों को एक कॉस्ट इफेक्टिव, ऑनलाईन व आटोमेटिड प्रणाली के द्वारा शिक्षा की सुविधा मिलेगी। इस प्रणाली के द्वारा बेस्ट गुणवत्ता व लागत के आधार पर विद्यार्थियों के लिए एक नया प्लेटफार्म खड़ा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा ऑनलाईन माध्यम से उनकी सुविधा के अनुसार प्रदान की जाएगी। इससे विश्वविद्यालय आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ेगा और विद्यार्थी शिक्षा अनुपात में भी वृद्धि होगी। इसके अंतर्गत जीरो लागत शिक्षा प्रणाली का लाभ विश्वविद्यालय को मिलेगा और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को भी गति मिलेगी।
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कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि समय की मांग को देखते हुए आधुनिक क्षेत्रों जैसे मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन मैनेजमेंट, फुल स्टैक डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, डाटा एनालिटिक्स, जर्मन, फ्रेंच, जापानी भाषा व साइबर सिक्योरिटी में सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। ऑनलाइन डिग्री कोर्स में बीए, बीकाम, एमए मास कम्यूनिकेशन व एमकॉम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेन अफेयर्स और फॉरेन के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन डिग्री कोर्स में विद्यार्थी दाखिला ले रहे हैं। निकट भविष्य में भी कामन सर्विस सेंटर व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से नए कोर्सेज भी संचालित किए जाएंगे। इन प्रोग्रामों में से कुछ प्रोग्राम एग्रीकल्चर बेस स्किल, एग्री बिजनेस, एग्री बिजनेस मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित होंगे।
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कुलपति ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा और ऑटोमेशन सुविधा विश्वविद्यालय की पहली प्राथमिकता है। इस ऐतिहासिक निर्णय से आटोमेशन में दूरगामी बदलाव होंगे व विद्यार्थियों को एक कॉस्ट इफेक्टिव, ऑनलाईन व आटोमेटिड प्रणाली के द्वारा शिक्षा की सुविधा मिलेगी। इस प्रणाली के द्वारा बेस्ट गुणवत्ता व लागत के आधार पर विद्यार्थियों के लिए एक नया प्लेटफार्म खड़ा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा ऑनलाईन माध्यम से उनकी सुविधा के अनुसार प्रदान की जाएगी। इससे विश्वविद्यालय आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ेगा और विद्यार्थी शिक्षा अनुपात में भी वृद्धि होगी। इसके अंतर्गत जीरो लागत शिक्षा प्रणाली का लाभ विश्वविद्यालय को मिलेगा और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को भी गति मिलेगी।
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