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उत्तरपुस्तिकाओं में हेरफेर पर केयू प्रशासन की जवाबदेही तय हो : विशाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केयू में उत्तरपुस्तिकाओं में कथित हेरफेर और गायब होने वाली स्याही से जुड़े मामले में इनसो के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विशाल मुकीमपुरा ने केयू प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
विशाल मुकीमपुरा ने कहा कि केयू लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी संस्था है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि उत्तरपुस्तिकाओं में अनियमितता सामने आती है तो इसे केवल परीक्षा शाखा तक सीमित नहीं माना जा सकता, बल्कि पूरे प्रशासनिक निगरानी तंत्र की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस मामले में कार्रवाई केवल दो कर्मचारियों के निलंबन तक सीमित रहेगी या जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र व उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। फार्मेसी विभाग में उत्तरपुस्तिकाओं में गड़बड़ी के मामले में पहले ही केयू प्रशासन ने एक क्लर्क और एक लैब अटेंडेंट पर कार्रवाई की थी।
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कुरुक्षेत्र। केयू में उत्तरपुस्तिकाओं में कथित हेरफेर और गायब होने वाली स्याही से जुड़े मामले में इनसो के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विशाल मुकीमपुरा ने केयू प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
विशाल मुकीमपुरा ने कहा कि केयू लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी संस्था है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि उत्तरपुस्तिकाओं में अनियमितता सामने आती है तो इसे केवल परीक्षा शाखा तक सीमित नहीं माना जा सकता, बल्कि पूरे प्रशासनिक निगरानी तंत्र की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
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उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस मामले में कार्रवाई केवल दो कर्मचारियों के निलंबन तक सीमित रहेगी या जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र व उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। फार्मेसी विभाग में उत्तरपुस्तिकाओं में गड़बड़ी के मामले में पहले ही केयू प्रशासन ने एक क्लर्क और एक लैब अटेंडेंट पर कार्रवाई की थी।
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