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मरीज ने लगाए डॉक्टर पर कमीशनखोरी के आरोप, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Fri, 04 Nov 2016 12:36 AM IST
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मरीज ने लगाए डॉक्टर पर कमीशनखोरी के आरोप, हंगामा
- फोटो : Amar Ujala
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- तीन दिन पहले डीसी को दी थी शिकायत
- कार्रवाई नहीं होने पर आज किया हंगामा
- डिप्टी सीएमओ डॉ केके शर्मा ने दिया जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
- मरीज और भाकियू ने शुरू किया धरना प्रदर्शन
- मरीज और भाकियू सदस्य बोले, अब तो डॉक्टर पर कार्रवाई होने पर ही खत्म करेंगे धरना
अमर उजाला ब्यूरो
सिविल अस्पताल में एक मरीज ने एक डॉक्टर के खिलाफ प्राइवेट लैब से सांठगांठ के आरोप लगाए हैं। मरीज किसान ने इस संबंध में डीसी को भी शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर गुरुवार को अस्पताल में जमकर हंगामा भी किया। मरीज के समर्थन में भाकियू भी आ गई और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मरीज और भाकियू के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी धरना जारी रहेगा। हालांकि हंगामे के दौरान डिप्टी सीएमओ ने मरीज और उसके साथ आए अन्य किसानों को समझाने का प्रयास किया और कार्रवाई का आश्वासन भी दिया लेकिन लोग नहीं माने और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इधर डॉक्टर का कहना है कि न तो उसने उस मरीज को कोई टेस्ट लिखा और न ही पर्ची ही उनकी है।
गांव बगथला निवासी मरीज बलविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि एलएनजेपी अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र एक प्राइवेट लैब से सांठगांठ करके मरीजों को गुमराह करते हैं। उसका आरोप है कि पिछले कई दिनों से शिकायत देने के बावजूद विभागीय और प्रशासनिक स्तर पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में गुरुवार को 80 वर्षीय बलविंद्र सिंह ने सिविल अस्पताल पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। बुजुर्ग मरीज के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन के सदस्य भी अस्पताल पहुंच गए। हंगामा होने पर सिविल अस्पताल के अधिकारी पहुंचे। मरीज ने मामले की जानकारी अधिकारी को दी। मामला बताने के दौरान भी लोगों ने डॉक्टर के रवैये पर सवाल उठाए और फिर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने डॉक्टरों को जमकर खरी खरी भी सुनाई। डिप्टी सीएमओ सहित अन्य डॉक्टरों ने लोगों को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन वह नहीं माने। मरीजों और प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना था कि जब सरकारी लैब है तो मरीजों को प्राइवेट लैब में क्यों भेजा जाता है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
अस्पताल में शुरू किया धरना
भाकियू ने डॉक्टर के खिलाफ अस्पताल परिसर में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भाकियू जिला प्रधान कृष्ण कुमार, मंडल प्रधान बलकार सिंह, ब्लॉक प्रधान सोहन लाल, बोहड़ सिंह, करनैल सिंह, नत्था सिंह, गुरदयाल सिंह तथा जोगा सिंह सहित कई लोग धरने पर बैठ गए हैं।
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डीसी को भी भेजी शिकायत
मरीज बलविंद्र सिंह ने आरोपी डॉक्टर की जांच विजिलेंस और विभागीय स्तर पर कराने को लेकर डीसी सुमेधा कटारिया को भी शिकायत भेजी है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। डॉक्टर ने लैब टेस्ट और दवाईयों पर कमीशन तय किए हुए हैं, जिसकी कानूनी जांच भी होनी चाहिए। बताया जाता है कि इसके बाद डीसी सुमेधा कटारिया ने सिविल सर्जन को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। डीसी ने शिकायतकर्ता और डॉक्टर के बयान लेकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। मरीज ने सीएम विंडो पर भी शिकायत भेजी है।
जांच में दोषी पाए जाने पर होगी आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई: डिप्टी सीएमओ
मरीज और भाकियू सदस्यों की नाराजगी को देखते हुए डिप्टी सीएमओ केके शर्मा ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्या एवं मांग पर संज्ञान लेकर जल्द ही जांच की जाएगी। यदि डॉक्टर दोषी पाए जाते हैं तो उनपर अवश्य कार्रवाई होगी। जांच में एक सप्ताह तक का वक्त लग सकता है।
यह कहना है डॉक्टर का
डॉ. शैलेंद्र शैली का कहना है कि मैंने उक्त मरीज को कोई टेस्ट ही नहीं लिखा। पर्ची भी मेरी नहीं है। यह सब मुझे बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। यदि किसी मरीज को कोई शिकायत है तो वह तय नियमों के तहत अधिकारियों को शिकायत दें। अगर कोई सबूत हो तो वह पेश करें। मैं भी अपना पक्ष सामने रख दूंगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- कार्रवाई नहीं होने पर आज किया हंगामा
- डिप्टी सीएमओ डॉ केके शर्मा ने दिया जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
- मरीज और भाकियू ने शुरू किया धरना प्रदर्शन
- मरीज और भाकियू सदस्य बोले, अब तो डॉक्टर पर कार्रवाई होने पर ही खत्म करेंगे धरना
अमर उजाला ब्यूरो
सिविल अस्पताल में एक मरीज ने एक डॉक्टर के खिलाफ प्राइवेट लैब से सांठगांठ के आरोप लगाए हैं। मरीज किसान ने इस संबंध में डीसी को भी शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर गुरुवार को अस्पताल में जमकर हंगामा भी किया। मरीज के समर्थन में भाकियू भी आ गई और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मरीज और भाकियू के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी धरना जारी रहेगा। हालांकि हंगामे के दौरान डिप्टी सीएमओ ने मरीज और उसके साथ आए अन्य किसानों को समझाने का प्रयास किया और कार्रवाई का आश्वासन भी दिया लेकिन लोग नहीं माने और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इधर डॉक्टर का कहना है कि न तो उसने उस मरीज को कोई टेस्ट लिखा और न ही पर्ची ही उनकी है।
गांव बगथला निवासी मरीज बलविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि एलएनजेपी अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र एक प्राइवेट लैब से सांठगांठ करके मरीजों को गुमराह करते हैं। उसका आरोप है कि पिछले कई दिनों से शिकायत देने के बावजूद विभागीय और प्रशासनिक स्तर पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में गुरुवार को 80 वर्षीय बलविंद्र सिंह ने सिविल अस्पताल पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। बुजुर्ग मरीज के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन के सदस्य भी अस्पताल पहुंच गए। हंगामा होने पर सिविल अस्पताल के अधिकारी पहुंचे। मरीज ने मामले की जानकारी अधिकारी को दी। मामला बताने के दौरान भी लोगों ने डॉक्टर के रवैये पर सवाल उठाए और फिर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने डॉक्टरों को जमकर खरी खरी भी सुनाई। डिप्टी सीएमओ सहित अन्य डॉक्टरों ने लोगों को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन वह नहीं माने। मरीजों और प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना था कि जब सरकारी लैब है तो मरीजों को प्राइवेट लैब में क्यों भेजा जाता है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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अस्पताल में शुरू किया धरना
भाकियू ने डॉक्टर के खिलाफ अस्पताल परिसर में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भाकियू जिला प्रधान कृष्ण कुमार, मंडल प्रधान बलकार सिंह, ब्लॉक प्रधान सोहन लाल, बोहड़ सिंह, करनैल सिंह, नत्था सिंह, गुरदयाल सिंह तथा जोगा सिंह सहित कई लोग धरने पर बैठ गए हैं।
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डीसी को भी भेजी शिकायत
मरीज बलविंद्र सिंह ने आरोपी डॉक्टर की जांच विजिलेंस और विभागीय स्तर पर कराने को लेकर डीसी सुमेधा कटारिया को भी शिकायत भेजी है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। डॉक्टर ने लैब टेस्ट और दवाईयों पर कमीशन तय किए हुए हैं, जिसकी कानूनी जांच भी होनी चाहिए। बताया जाता है कि इसके बाद डीसी सुमेधा कटारिया ने सिविल सर्जन को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। डीसी ने शिकायतकर्ता और डॉक्टर के बयान लेकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। मरीज ने सीएम विंडो पर भी शिकायत भेजी है।
जांच में दोषी पाए जाने पर होगी आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई: डिप्टी सीएमओ
मरीज और भाकियू सदस्यों की नाराजगी को देखते हुए डिप्टी सीएमओ केके शर्मा ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्या एवं मांग पर संज्ञान लेकर जल्द ही जांच की जाएगी। यदि डॉक्टर दोषी पाए जाते हैं तो उनपर अवश्य कार्रवाई होगी। जांच में एक सप्ताह तक का वक्त लग सकता है।
यह कहना है डॉक्टर का
डॉ. शैलेंद्र शैली का कहना है कि मैंने उक्त मरीज को कोई टेस्ट ही नहीं लिखा। पर्ची भी मेरी नहीं है। यह सब मुझे बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। यदि किसी मरीज को कोई शिकायत है तो वह तय नियमों के तहत अधिकारियों को शिकायत दें। अगर कोई सबूत हो तो वह पेश करें। मैं भी अपना पक्ष सामने रख दूंगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।