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खालिस्तान समर्थक अमृतपाल केस : ‘बेकसूर है मेरी बेटी आरोपों को खारिज करो ’
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शाहाबाद। खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह व उसके साथी पपलप्रीत को पनाह देने के आरोप में पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई बलजीत कौर को पंजाब में तीन के रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बताया जा रहा है कि पंजाब पुलिस बलजीत कौर से पूछताछ के लिए चार दिन का और रिमांड मांगा था।
इस दौरान पुलिस की दलील थी कि अभी बलजीत कौर के मोबाइल की ट्रेसिंग नहीं हो पाई है, लिहाजा रिमांड अवधि बढ़ाई जाए। बलजीत कौर के परिजनों के मुताबिक अदालत ने पंजाब पुलिस की इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि तीन दिन के रिमांड के दौरान जब पुलिस कॉल ट्रेसिंग नहीं कर पाई तो अब आगे रिमांड के दौरान यह कैसे संभव हो सकता है। इसके बाद अदालत ने बलजीत कौर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमवार को पंजाब पुलिस की एसआईटी द्वारा उसे जालंधर की महितपुर अदालत में पेश किया गया था।
कोर्ट में पेशी के दौरान बलजीत कौर के परिजन व अन्य ग्रामीण भी वहां मौजूद रहे।
शाहबाद लौटने पर पिता गुरनाम सिंह ने कहा कि बेकसूर होने के बावजूद उसकी बेटी बलजीत कौर को ऐसी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कभी रिमांड पर तो कभी न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, उसे बेवजह सजा मिल रही है। बलजीत तो केवल पपलप्रीत को जानती थी। वह कभी अमृतपाल से नहीं मिली। उन्होंने उपायुक्त कुरुक्षेत्र और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि बलजीत कौर पर लगे सभी आरोपों को खारिज करवाने में पंजाब पुलिस से बातचीत करें।
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उल्लेखनीय है कि अमृतपाल 19 मार्च को पंजाब पुलिस से छिपकर शाहाबाद पहुंचा था। स्कूटी पर सवार होकर अपने साथी पपलप्रीत के साथ यहां सिद्धार्थ कॉलोनी में बलजीत कौर के घर पर पनाह ली थी। जब वह अपने साथी के साथ अगले दिन यहां से फरार हो गया था तो उसके बाद बलजीत कौर के भाई हरजिंद्र ने कुरुक्षेत्र के जिला उपायुक्त को इस घटना से अवगत कराया था।
भाई हरजिंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने अमृतपाल मामले में पुलिस की मदद की, लेकिन उसकी बहन बलजीत कौर को ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने अपनी बहन को रिहा करवाने में मदद की गुहार लगाई है। साथ ही अमृतपाल का राज खोलने के बाद खुद व परिजनों को जान का खतरा भी बताया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है। फिलहाल उनके घर पर भी पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।
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इस दौरान पुलिस की दलील थी कि अभी बलजीत कौर के मोबाइल की ट्रेसिंग नहीं हो पाई है, लिहाजा रिमांड अवधि बढ़ाई जाए। बलजीत कौर के परिजनों के मुताबिक अदालत ने पंजाब पुलिस की इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि तीन दिन के रिमांड के दौरान जब पुलिस कॉल ट्रेसिंग नहीं कर पाई तो अब आगे रिमांड के दौरान यह कैसे संभव हो सकता है। इसके बाद अदालत ने बलजीत कौर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमवार को पंजाब पुलिस की एसआईटी द्वारा उसे जालंधर की महितपुर अदालत में पेश किया गया था।
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कोर्ट में पेशी के दौरान बलजीत कौर के परिजन व अन्य ग्रामीण भी वहां मौजूद रहे।
शाहबाद लौटने पर पिता गुरनाम सिंह ने कहा कि बेकसूर होने के बावजूद उसकी बेटी बलजीत कौर को ऐसी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कभी रिमांड पर तो कभी न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, उसे बेवजह सजा मिल रही है। बलजीत तो केवल पपलप्रीत को जानती थी। वह कभी अमृतपाल से नहीं मिली। उन्होंने उपायुक्त कुरुक्षेत्र और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि बलजीत कौर पर लगे सभी आरोपों को खारिज करवाने में पंजाब पुलिस से बातचीत करें।
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उल्लेखनीय है कि अमृतपाल 19 मार्च को पंजाब पुलिस से छिपकर शाहाबाद पहुंचा था। स्कूटी पर सवार होकर अपने साथी पपलप्रीत के साथ यहां सिद्धार्थ कॉलोनी में बलजीत कौर के घर पर पनाह ली थी। जब वह अपने साथी के साथ अगले दिन यहां से फरार हो गया था तो उसके बाद बलजीत कौर के भाई हरजिंद्र ने कुरुक्षेत्र के जिला उपायुक्त को इस घटना से अवगत कराया था।
भाई हरजिंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने अमृतपाल मामले में पुलिस की मदद की, लेकिन उसकी बहन बलजीत कौर को ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने अपनी बहन को रिहा करवाने में मदद की गुहार लगाई है। साथ ही अमृतपाल का राज खोलने के बाद खुद व परिजनों को जान का खतरा भी बताया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है। फिलहाल उनके घर पर भी पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।