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कोरोना संकट के बीच कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने 70 सफाई कर्मी हटाए
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) द्वारा करीब 70 सफाई कर्मचारी एक झटके में नौकरी से हटाने के बाद आफिस के सामने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया गया है। केडीबी सफाई कर्मचारी यूनियन के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ भी आगे आया है। सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के सीएम की घोषणा को भी याद कराया। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं कटेगा, किसी की नौकरी नहीं, वे प्राईवेट सेक्टर से भी कर्मचारियों की नौकरी और वेतन सुरक्षित रखने के साथ दुकान, मकान का किराया न लेने की अपील कर रहे हैं। वहीं केडीबी के अधिकारी 15 और 20 साल से नौकरी कर रहे अस्थाई सफाई कर्मियों को एक झटके में नौकरी से हटाने का फरमान दे रहे हैं।
वहीं सफाई यूनियन के नेता कृष्ण कुमार ने कहा कि केडीबी कर्मचारी अपनी नौकरी बचाने के लिये मजबूर होकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने बताया कि केडीबी के सीईओ गगनदीप सिंह ने कुछ दिन पहले 20 कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद 13 मई को चार बजे उन्हें कार्यालय में बुलाया और सभी कर्मियों की छुट्टी के आदेश दे दिये। कर्मचारी नेता ने कहा कि सरकार एक ओर कहती है कि बिना सफाई व्यवस्था के कोरोना से लड़ना संभव नहीं है,जबकि सीईओ का कहना है कि आप डीसी के पास जाओ या मुख्यमंत्री के पास मेरे पास तुम्हारे लिये ना तो काम है और ना ही सरकारी बजट। इस दौरान मीडिया के सामने कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड उन्हें डीसी रेट भी पूरा नहीं दे रहा है। धरने पर सभी हटाए गये करीब 70 कर्मचारियों के अलावा संघ के जिला वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश हुड्डा, प्रदेश कमेटी मेंबर बिजली निगम कर्मचारी यूनियन सुनील रतन, सर्वकर्मचारी संघ के ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार, केडीबी प्रवीण कुमार, रोहताश, निर्मला सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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वहीं सफाई यूनियन के नेता कृष्ण कुमार ने कहा कि केडीबी कर्मचारी अपनी नौकरी बचाने के लिये मजबूर होकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने बताया कि केडीबी के सीईओ गगनदीप सिंह ने कुछ दिन पहले 20 कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद 13 मई को चार बजे उन्हें कार्यालय में बुलाया और सभी कर्मियों की छुट्टी के आदेश दे दिये। कर्मचारी नेता ने कहा कि सरकार एक ओर कहती है कि बिना सफाई व्यवस्था के कोरोना से लड़ना संभव नहीं है,जबकि सीईओ का कहना है कि आप डीसी के पास जाओ या मुख्यमंत्री के पास मेरे पास तुम्हारे लिये ना तो काम है और ना ही सरकारी बजट। इस दौरान मीडिया के सामने कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड उन्हें डीसी रेट भी पूरा नहीं दे रहा है। धरने पर सभी हटाए गये करीब 70 कर्मचारियों के अलावा संघ के जिला वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश हुड्डा, प्रदेश कमेटी मेंबर बिजली निगम कर्मचारी यूनियन सुनील रतन, सर्वकर्मचारी संघ के ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार, केडीबी प्रवीण कुमार, रोहताश, निर्मला सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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