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गीत-संगीत से गूंजा कला कीर्ति भवन
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हरियाणा कला परिषद की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित अभिरुचि कक्षाओं पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने कला को बढ़ावा देते हुए सभी को रोमांचित कर दिया। कला कीर्ति भवन गीत और संगीत से गूंजता रहा। दर्शकोें ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम का आगाज अभिनय कक्षा के विद्यार्थियों की ओर से तैयार की गई नृत्य नाटिका कृष्ण से कुरुक्षेत्र तक से हुआ। विकास शर्मा के निर्देशन में कलाकारों ने भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर गीता उपदेश तक के वृत्तांत को अभिनय और संगीत के माध्यम बखूबी प्रस्तुत किया। इसके बाद संगीत कक्षा के विद्यार्थियों ने चमन चौहान के निर्देशन में सरस्वती वंदना तथा हारमोनियम वादन की प्रस्तुति दी। वहीं ढोलक व तबला कक्षा के प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षक राहुल कुमार द्वारा तैयार करवाई गई प्रस्तुति का सुदंर प्रस्तुतिकरण हुआ।
इसके अलावा नृत्य कक्षा के विद्यार्थियों ने छोटी सी बनड़ी फेरां पै झगड़ी तथा बाजणी पाजेब घड़वादे पिया जैसे गीतों पर हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रशिक्षक दीपक कुमार की ओर से तैयार इशु के एकल नृत्य ने भरपूर तालियां बटोरी। एक के बाद एक दमदार प्रस्तुति ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। अंतिम प्रस्तुति रजनीश भनौट के निर्देशन में तैयार नाटक अंधेर नगरी चौपट राजा की रही, जिसमें कलाकारों ने हास्य-व्यंग्य के साथ नाटक की प्रस्तुति दी।
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कार्यक्रम में 10 साल से 70 साल के प्रतिभागियों ने प्रदर्शन किया। हरियाणवी नृत्य कक्षा की महिला कलाकारों नृत्य गुंगा धमोड़ा ने भी हरियाणा की झलक दिखाते हुए दर्शकों की खूब तालियां बटौोी। कार्यक्रम के बीच में हास्य कलाकार डॉ. राजीव शर्मा ने भी अपनी प्रस्तुतियों से सभी को आनंदित किया। ललित कला समन्वयक सीमा कांबोज के निर्देशन में चित्रकला का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चित्रों को भी सभागार में प्रदर्शित किया गया।
संजय भसीन ने सभी प्रतिभागियों व प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। भसीन ने कहा कि हरियाणा कला परिषद अपने नाम को सार्थक करते हुए प्रदेश में सांस्कृतिक बयार लाने में निरंतर प्रयासरत है। परिषद ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों में आयोजित की गई कार्यशालाओं के माध्यम से बहुत से कलाकारों ने कला को ही अपनी आजीविका का साधन चुना है। इस मौके पर हरियाणा कला परिषद के कार्यालय प्रमुख धर्मपाल, रंगशाला प्रबंधक मनीष डोगरा, नीरज सेठी, शिव कुमार किरमिच आदि उपस्थित रहे।
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हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम का आगाज अभिनय कक्षा के विद्यार्थियों की ओर से तैयार की गई नृत्य नाटिका कृष्ण से कुरुक्षेत्र तक से हुआ। विकास शर्मा के निर्देशन में कलाकारों ने भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर गीता उपदेश तक के वृत्तांत को अभिनय और संगीत के माध्यम बखूबी प्रस्तुत किया। इसके बाद संगीत कक्षा के विद्यार्थियों ने चमन चौहान के निर्देशन में सरस्वती वंदना तथा हारमोनियम वादन की प्रस्तुति दी। वहीं ढोलक व तबला कक्षा के प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षक राहुल कुमार द्वारा तैयार करवाई गई प्रस्तुति का सुदंर प्रस्तुतिकरण हुआ।
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इसके अलावा नृत्य कक्षा के विद्यार्थियों ने छोटी सी बनड़ी फेरां पै झगड़ी तथा बाजणी पाजेब घड़वादे पिया जैसे गीतों पर हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रशिक्षक दीपक कुमार की ओर से तैयार इशु के एकल नृत्य ने भरपूर तालियां बटोरी। एक के बाद एक दमदार प्रस्तुति ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। अंतिम प्रस्तुति रजनीश भनौट के निर्देशन में तैयार नाटक अंधेर नगरी चौपट राजा की रही, जिसमें कलाकारों ने हास्य-व्यंग्य के साथ नाटक की प्रस्तुति दी।
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कार्यक्रम में 10 साल से 70 साल के प्रतिभागियों ने प्रदर्शन किया। हरियाणवी नृत्य कक्षा की महिला कलाकारों नृत्य गुंगा धमोड़ा ने भी हरियाणा की झलक दिखाते हुए दर्शकों की खूब तालियां बटौोी। कार्यक्रम के बीच में हास्य कलाकार डॉ. राजीव शर्मा ने भी अपनी प्रस्तुतियों से सभी को आनंदित किया। ललित कला समन्वयक सीमा कांबोज के निर्देशन में चित्रकला का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चित्रों को भी सभागार में प्रदर्शित किया गया।
संजय भसीन ने सभी प्रतिभागियों व प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। भसीन ने कहा कि हरियाणा कला परिषद अपने नाम को सार्थक करते हुए प्रदेश में सांस्कृतिक बयार लाने में निरंतर प्रयासरत है। परिषद ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों में आयोजित की गई कार्यशालाओं के माध्यम से बहुत से कलाकारों ने कला को ही अपनी आजीविका का साधन चुना है। इस मौके पर हरियाणा कला परिषद के कार्यालय प्रमुख धर्मपाल, रंगशाला प्रबंधक मनीष डोगरा, नीरज सेठी, शिव कुमार किरमिच आदि उपस्थित रहे।