{"_id":"584c5a374f1c1be15944c067","slug":"jyotisar-will-form-on-the-holy-land-of-lord-krishna-statue-kurukshetra","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्योतिसर की पावन धरा पर बनेगी भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्योतिसर की पावन धरा पर बनेगी भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Sun, 11 Dec 2016 01:10 AM IST
विज्ञापन
ज्योतिसर की पावन धरा पर बनेगी भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गीता स्थली कुरुक्षेत्र की पावन धरा ज्योतिसर जहां भगवान श्रीकृष्ण ने 5153 वर्ष पूर्व अर्जुन का मोह तोडने और कर्तव्यों का एहसास करवाने के लिए अपने विराट स्वरूप के दर्शन करवाएं और गीता के उपदेश दिए। इस पावन धरा पर देश के 574 जिलों की 1 क्विंटल 14 किलो और 800 ग्राम माटी के मिश्रण से भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप की प्रतिमा को ज्योतिसर में स्थापित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के चलते 25 राज्यों और 7 केंद्र शासित राज्यों से 574 प्रतिनिधि 200-200 ग्राम मिट्टी लेकर पहुंचे है। गीता जयंती महोत्सव के इन ऐतिहासिक क्षणों को इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। मिट्टी लेकर प्रतिनिधियों में से राजस्थान के अलवर जिले से एक प्रतिनिधि मुकेश अग्रवाल 200 गांव से 200 ग्राम मिट्टी लेकर पहुंचे है।
इतना ही नहीं इन प्रतिनिधियों में एक प्रतिनिधि जबलपुर के एसपी की पत्नी लक्ष्मी शुक्ला है और जम्मू से महामंडलेश्वर स्वामी सर्वदर्शन महाराज और स्वामी दिव्यानंद सरस्वती भी आम प्रतिनिधि की तरह यहां राजकीय स्कूल में रह रहे है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिनिधियों द्वारा लाई गई मिट्टी से जाने-माने विशेषज्ञ द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की विशाल प्रतिमा बनवाकर गीता स्थली ज्योतिसर में स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस गीता स्थली में अखंड भारत के दर्शन होने चाहिए। इस महोत्सव में 574 जिलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की आमंत्रित करने की कमान 70 लोगों की कमेटी ने संभाली थी और इस राष्ट्रीय कमेटी का प्रतिनिधित्व भारत लोक शिक्षा परिषद के श्याम गुप्त और माधवेन्द्रा सिंह कर रहे है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आयोजन समिति के सदस्य एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि आंध्रप्रदेश से 6, अरुणाचल प्रदेश से 6, असम से 48, बिहार से 39, छत्तीसगढ़ से 22, गुजरात से 27, हरियाणा से 17, हिमाचल प्रदेश से 44, जम्मू एंड कश्मीर से 47, झारखंड से 29, कर्नाटका से 17, मध्य प्रदेश से 50, महाराष्ट्र से 33, मणीपुर से 5, उडीसा से 35, पंजाब से 23, राजस्थान से 20, सिक्किम से 2, तमिलनाडु से 14, त्रिपुरा से 7, उत्तराखंड से 11, उत्तर प्रदेश से 108, पश्चिम बंगाल से 24, दिल्ली से 6 व अन्य प्रदेशों व केंद्र शासित राज्यों से प्रतिनिधि पहुंच चुके है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इन राज्यों के संयोजकों में असम, अरुणाचल, त्रिपुरा व मणीपुर से कर्ण गौड, बंगाल और सिक्किम से मंगल पांडे, उड़ीसा से रणजीत केएम स्वीन, छत्तीसगढ़ से जगदीश सिडार, झारखंड से दिलीप महतो, बिहार से संतोष शोले, पूर्वी यूपी से राघवेंद्रा सैनी, सेंट्रल यूपी से ओम प्रकाश, पश्चिमी यूूपी से प्रहलाद प्रसाद, हिमाचल से संसार चंद, जम्मू कश्मीर और पंजाब से नीरज ठाकुर, राजस्थान और हरियाणा से दिनेश पवार, पश्चिमी मध्यप्रदेश से दिलीप वाडिवा, पूर्वी मध्यप्रदेश से चंद्रभान सोनी, महाराष्ट्र और गुजरात से तुलसी राम, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से के राघवेंद्र, कर्नाटका से अदृश्या, तमिलनाडु और केरल से कालीदाशन, हरियाणा से पुष्पा का नाम शामिल है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं इन प्रतिनिधियों में एक प्रतिनिधि जबलपुर के एसपी की पत्नी लक्ष्मी शुक्ला है और जम्मू से महामंडलेश्वर स्वामी सर्वदर्शन महाराज और स्वामी दिव्यानंद सरस्वती भी आम प्रतिनिधि की तरह यहां राजकीय स्कूल में रह रहे है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिनिधियों द्वारा लाई गई मिट्टी से जाने-माने विशेषज्ञ द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की विशाल प्रतिमा बनवाकर गीता स्थली ज्योतिसर में स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस गीता स्थली में अखंड भारत के दर्शन होने चाहिए। इस महोत्सव में 574 जिलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की आमंत्रित करने की कमान 70 लोगों की कमेटी ने संभाली थी और इस राष्ट्रीय कमेटी का प्रतिनिधित्व भारत लोक शिक्षा परिषद के श्याम गुप्त और माधवेन्द्रा सिंह कर रहे है।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आयोजन समिति के सदस्य एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि आंध्रप्रदेश से 6, अरुणाचल प्रदेश से 6, असम से 48, बिहार से 39, छत्तीसगढ़ से 22, गुजरात से 27, हरियाणा से 17, हिमाचल प्रदेश से 44, जम्मू एंड कश्मीर से 47, झारखंड से 29, कर्नाटका से 17, मध्य प्रदेश से 50, महाराष्ट्र से 33, मणीपुर से 5, उडीसा से 35, पंजाब से 23, राजस्थान से 20, सिक्किम से 2, तमिलनाडु से 14, त्रिपुरा से 7, उत्तराखंड से 11, उत्तर प्रदेश से 108, पश्चिम बंगाल से 24, दिल्ली से 6 व अन्य प्रदेशों व केंद्र शासित राज्यों से प्रतिनिधि पहुंच चुके है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इन राज्यों के संयोजकों में असम, अरुणाचल, त्रिपुरा व मणीपुर से कर्ण गौड, बंगाल और सिक्किम से मंगल पांडे, उड़ीसा से रणजीत केएम स्वीन, छत्तीसगढ़ से जगदीश सिडार, झारखंड से दिलीप महतो, बिहार से संतोष शोले, पूर्वी यूपी से राघवेंद्रा सैनी, सेंट्रल यूपी से ओम प्रकाश, पश्चिमी यूूपी से प्रहलाद प्रसाद, हिमाचल से संसार चंद, जम्मू कश्मीर और पंजाब से नीरज ठाकुर, राजस्थान और हरियाणा से दिनेश पवार, पश्चिमी मध्यप्रदेश से दिलीप वाडिवा, पूर्वी मध्यप्रदेश से चंद्रभान सोनी, महाराष्ट्र और गुजरात से तुलसी राम, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से के राघवेंद्र, कर्नाटका से अदृश्या, तमिलनाडु और केरल से कालीदाशन, हरियाणा से पुष्पा का नाम शामिल है।