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Kurukshetra News: मारकंडा पर जलबेहड़ा का बांध किया दुरुस्त, नैसी का तटबंध बना रहा चुनौती
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कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। मारकंडा का पानी आसपास के गांवों में अभी भी मार कर रहा है। जलबेहड़ा गांव के पास टूटे बांध को वीरवार को दुरुस्त कर दिया गया जबकि नैसी के पास टूटा तटबंध ज्यों का त्यों रहा। करीब 15 फीट टूटे तटबंध से निकला पानी गांव जबरा के साथ-साथ मडाडो तक पहुंच गया जबकि आसपास के अन्य गांवों के खेतों में भी जलभराव हो गया। हालांकि अभी पानी ने किसी गांव में मार नहीं की है लेकिन खेतों में हुए जलभराव से किसानों की फसलें नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है।
वीरवार को तटबंध दुरुस्त करने के लिए जहां मारकंडा में पानी का बहाव कम होने का इंतजार किया जाता रहा तो वहीं तटबंध तक पहुंचने के लिए रास्ता भी बनाना शुरू किया गया। यह रास्ता मारकंडा के टूटे तटबंध तक बन पाएगा या नहीं, यह भी सवाल खड़ा हो रहा है, क्योंकि गत रात को भी हिमाचल प्रदेश में बारिश हुई। कल फिर बारिश के आसार बताए जा रहे हैं। वीरवार को शाम करीब साढ़े सात बजे जलबेहड़ा के पास पांच हजार तो झांसा के पास सात हजार क्यूसेक पानी मारकंडा में बहता रहा। गेज रीडर योगेश के मुताबिक आज दिन भर पानी कुछ न कुछ कम होता रहा। वहीं माना जा रहा है कि बुधवार रात को हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश के चलते शुक्रवार सुबह तक इस्माईलाबाद के आसपास भी मारकंडा का जलस्तर बढ़ने लगेगा।
मडाडो तक पहुंचा बाढ़ का पानी
नैसी गांव में मारकंडा नदी का तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी गांव टबरा के खेतों में जल भराव होने के बाद यहां की सड़क के ऊपर से बुधवार रात को ही गुजरना शुरू हो गया था। वीरवार दोपहर तक बाढ़ का पानी गांव मडाडो के खेतों में पहुंच गया था और वहां भी धान की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। फसल को जल मग्न होता देख गांव मडाडो के किसान खेतों में पहुंचे लेकिन गांव टबरा की सड़क न टूटने के कारण बाढ़ का पानी अभी भी टबरा के खेतों में भरा हुआ है, यह पानी आगे धीरे-धीरे जा रहा है, लेकिन मडाडो व आसपास के गांवों की चिंता बढ़ा दी है।
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बरसाती पानी से प्रभावित गांवों का एसडीएम ने किया दौरा, 24 घंटे निगरानी के निर्देश
शाहाबाद। एसडीएम डॉ. चिनार चहल ने वीरवार को उन क्षेत्रों का दौरा किया, जो हाल की भारी बारिश के चलते जलभराव से प्रभावित हुए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बरसाती पानी की निकासी के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि आम जनता और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। डॉ. चहल ने बताया कि पानी निकासी को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे 24 घंटे फील्ड में रहकर निगरानी रखें और स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखें। एसडीएम ने गांव जंधेड़ी, जोगी माजरा, लाडवा रोड, कलसाना, फतेहगढ़ झरौली, तंगौर, मुगल माजरा और खेड़ा समेत अन्य प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर जलनिकासी के कार्य शुरू करवाए।
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वीरवार को तटबंध दुरुस्त करने के लिए जहां मारकंडा में पानी का बहाव कम होने का इंतजार किया जाता रहा तो वहीं तटबंध तक पहुंचने के लिए रास्ता भी बनाना शुरू किया गया। यह रास्ता मारकंडा के टूटे तटबंध तक बन पाएगा या नहीं, यह भी सवाल खड़ा हो रहा है, क्योंकि गत रात को भी हिमाचल प्रदेश में बारिश हुई। कल फिर बारिश के आसार बताए जा रहे हैं। वीरवार को शाम करीब साढ़े सात बजे जलबेहड़ा के पास पांच हजार तो झांसा के पास सात हजार क्यूसेक पानी मारकंडा में बहता रहा। गेज रीडर योगेश के मुताबिक आज दिन भर पानी कुछ न कुछ कम होता रहा। वहीं माना जा रहा है कि बुधवार रात को हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश के चलते शुक्रवार सुबह तक इस्माईलाबाद के आसपास भी मारकंडा का जलस्तर बढ़ने लगेगा।
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मडाडो तक पहुंचा बाढ़ का पानी
नैसी गांव में मारकंडा नदी का तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी गांव टबरा के खेतों में जल भराव होने के बाद यहां की सड़क के ऊपर से बुधवार रात को ही गुजरना शुरू हो गया था। वीरवार दोपहर तक बाढ़ का पानी गांव मडाडो के खेतों में पहुंच गया था और वहां भी धान की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। फसल को जल मग्न होता देख गांव मडाडो के किसान खेतों में पहुंचे लेकिन गांव टबरा की सड़क न टूटने के कारण बाढ़ का पानी अभी भी टबरा के खेतों में भरा हुआ है, यह पानी आगे धीरे-धीरे जा रहा है, लेकिन मडाडो व आसपास के गांवों की चिंता बढ़ा दी है।
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बरसाती पानी से प्रभावित गांवों का एसडीएम ने किया दौरा, 24 घंटे निगरानी के निर्देश
शाहाबाद। एसडीएम डॉ. चिनार चहल ने वीरवार को उन क्षेत्रों का दौरा किया, जो हाल की भारी बारिश के चलते जलभराव से प्रभावित हुए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बरसाती पानी की निकासी के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि आम जनता और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। डॉ. चहल ने बताया कि पानी निकासी को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे 24 घंटे फील्ड में रहकर निगरानी रखें और स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखें। एसडीएम ने गांव जंधेड़ी, जोगी माजरा, लाडवा रोड, कलसाना, फतेहगढ़ झरौली, तंगौर, मुगल माजरा और खेड़ा समेत अन्य प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर जलनिकासी के कार्य शुरू करवाए।