केयू के सामने 60 घंटे से स्टेट हाईवे जाम
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प्रदर्शनकारियों में छात्रों से लेकर आसपास दर्जनों गांवों के लोगों ने दिनभर जोरदार प्रदर्शन किए तो प्रदेश सरकार व सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ जमकर गरजे। सड़क पर बैठे लोगों को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष शमशेर ढुल सहित अन्य जाट नेताओं ने संबोधित किया।
अनेक वक्ताओं ने सांसद सैनी को निशाना बनाए रखा तो आरक्षण न मिलने तक जाम किसी भी हालात में न खोले जाने का ऐलान भी किया। प्रदर्शनकारियों में युवा अधिक संख्या में रहे तो बुर्जुर्ग भी उनका उत्साह बढ़ाते रहे। जाट नेताओं ने पहले एसबीसी में शामिल किए गए सभी पांचों वर्गों के लोगों को भी जाटों का समर्थन दिए जाने का आह्वान किया और कहा कि वह आरक्षण न मिलने तक यहां से हिलने वाले नहीं हैं, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। उधर ठोल में भी झांसा रोड पर जाट समाज के लोगों ने आरक्षण के समर्थन में जाम लगा दिया।
रोड़ आरक्षण संघर्ष समिति भी जाम में शामिल जाट समाज के लोगों द्वारा केयू के समक्ष लगाए गए जाम में रोड़ आरक्षण संघर्ष समिति भी शामिल हुई, जहां समिति के अध्यक्ष रामदिया मेहला के नेतृत्व में धर्म सिंह, धर्मपाल, सुबे सिंह, महेंद्र सिंह, ईश्म सिंह, दलबीर, गुलाब सिंह, रणधीर कमोदा, रामकिश्र सहित सैंकड़ों लोगों ने समर्थन देते हुए पहले की तरह सभी पंाचों जातियों को आरक्षण दिए जाने की मांग की। इससे पहले समिति की शांति नगर में स्थित माता मंदिर में एक बैठक हुई, जहां चर्चा किए जाने के बाद समिति पदाधिकारी व उक्त अन्य लोग समर्थन देने जाम स्थल पर पहुंचे।
जाट वकीलों ने किया बिना फीस कानूनी लड़ाई लड़ने का एलान जाट समाज के लोगों द्वारा लगाए गए जाम में स्थानीय अदालत में कार्यरत जाट समाज से जुड़े दर्जनों वकील भी प्रदर्शन करते हुए जाम स्थल पर पहुंचे। सरदार गुरतेज सिंह, तरलोचन सिंह, भाग सिंह, धमेंद्र सिंह, हरदीप सिंह सहित अन्य वकीलों ने ऐलान किया कि आरक्षण के चलते आंदोलन कर रहे लोगों के खिलाफ होने वाली कानूनी कार्रवाई की लड़ाई वह बिना किसी फीस के लड़ेंगे। वहीं आयुर्वेदिक कॉलेज के जाट समाज से जुड़े दर्जनों छात्र भी पहुंचे और एलान किया कि कॉलेज के सैंकड़ों छात्र प्रदर्शन में शामिल रहेंगे।
केयू लाईब्रेरी की बंद थर्ड गेट पर प्रदर्शन में शामिल विभिन्न शिक्षण संस्थानों के जाट समुदाय के छात्र यूनिवर्सिटी के अन्य जाट छात्रों को भी यहां लाने के लिए जवाहर लाल नेहरु लाइब्रेरी पहुंच गए। अचानक दर्जनों प्रदर्शनकारियों को लाईब्रेरी में देख लाईब्रेरी प्रशासन व केयू प्रशासन सकते में आ गया। छात्रों को बुलाने के लिए प्रदर्शनकारी व दूसरे छात्रों में कुछ देर खींचतान भी होती रही तो सूचना मिलते ही पुलिस भी वहां पहुंच गई। जिसे देख प्रदर्शनकारी छात्र वहां से खिसक गए तो लाईब्रेरी प्रशासन ने साथ ही लाईब्रेरी बंद कर दी गई। रजिस्ट्रार डा. प्रवीण सैनी ने बताया कि यूनिवर्सिटी में कक्षाएं सामान्य दिनों की तरह लगाई गई, लेकिन यूनिवर्सिटी में व्यवस्था को खराब नहीं होने दिया जाएगा।
ट्रेने रही बंद, यात्री परेशान कुरुक्षेत्र से होकर अंबाला व दिल्ली तथा जींद की ओर जाने वाली कुल 29 रेलगाडिय़ों पर जाट आंदोलन का सीधा असर पड़ा है। शुक्रवार दोपहर बाद से शनिवार देर रात तक भी कोई ट्रेन यहां से नहीं गुजरी। ट्रेेने न चलने से रेलवे ट्रैक सूना पड़ा रहा और अनेकों यात्री शुक्रवार से यहां फंसे बैठे रहे। ट्रेनों के रद्द होने के कारण विभाग को लाखों रूपये का नुकसान हो गया है।
बस रुट रहे बाधित, बसें रोकी जाट आंदोलन के चलते बस सेवा भी शुक्रवार को बुरी तरह से प्रभावित रही। रोहतक, हिसार व सिरसा रुट तीन दिनों से बंद किए हुए है तो दर्जनों अन्य रुट भी बधित हो गए हैं। कुछ बसें ही रोडवेज प्रशासन चला पा रहा है जबकि कुछ बसें ही अपने निर्धारित स्थानों पर पहुंच पाई है। कैथल, पिहोवा, झांसा सहित कई रुटों पर बसें लिंक मार्गो से निकाली जा रही है तो कई रूटों पर बसें अधर में वापिस लौटती रही। आंदोलन के चलते पुलिस विभाग ने बस अड्डे, रेलवे स्टेशन व सरकारी विभागों पर पुलिस तैनात की है। खुफिया विभाग भी आंदोलनकारियों की गतिविधियों पर नजरें गढ़ाए हुए है। आईबी व सीआईडी सहित सभी खुफिया विभाग के कर्मचारी उच्चाधिकारियों को हर सूचना से अवगत करवा रहे हैं।
थर्ड गेट मार्केट बंद थर्ड गेट पर चल रहे जाम के कारण यहां शनिवार को पूरा दिन मार्केट बंद रही। पिछले दो दिन दुकानदार दुकानें खोलें रहे तो शनिवार को सुबह ही दुकानें नहीं खोली और मार्के बंद रही। जाम के कारण राहगीर दूसरे रास्ते तलाशते रहे तो वहीं शहर के लोगों को भी सब्जी व दूध से लेकर दूसरे सामान को लेकर चिंता सताने लगी है।
बाबैन में सांसद सैनी का फूंका पुतला बाबैन । आरक्षण को लेकर बाबैन क्षेत्र के जाट समुदाय के लोगों ने मेन चौक, सुनारियों चौक पर कई घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद जाट समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर सबसे पहले सुनारियां चौक पर जाम लगाया। जाट समुदाय के लोगों ने प्रदेश सरकार व सांसद राजकुमार सैनी के विरोध में नारेबाजी की। युवाओं ने राजकुमार सैनी का पूतला फूंका। इस मौके पर शाहबाद से एसडीएम हवा सिंह को प्रर्दशनकारियों ने ज्ञापन सौंपा और उसके के बाद जाम खुलवाया गया।
पिहोवा में जारी रहा जाम पिहोवा। जाट आरक्षण को लेकर शनिवार को भी मेन चौक के साथ-साथ गांव टयूकर, मोहनपुर व बाखली में भी लोगों ने रास्ता जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिसे पुलिस प्रशासन ने अन्य रूटों से चलाया। जाट समुदाय के लोगों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती उनका संघर्ष जारी रहेगा। जाम के कारण यात्री काफी परेशान दिखे।