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Kurukshetra News: चार घंटे तक जमकर बारिश, चारों ओर पानी ही पानी
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कुरुक्षेत्र। सुबह के समय हुई बारिश के बीच रेलवे रोड से गुजरते वाहन चालक। संवाद
शाहाबाद। अलसुबह से चार घंटे तक जमकर बारिश हुई, जिससे चारों ओर पानी ही पानी हो गया। 170 एमएम बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। हर गली, हर सड़क जलमग्न हो गई और पानी घरों-दुकानों में घुस गया। शहर के प्रमुख इलाकों सुभाष नगर, सरकारी अस्पताल रोड, माजरी मोहल्ला, बैंक बाजार, प्रताप मंडी, आर्य कन्या महाविद्यालय रोड, पुरानी सब्जी मंडी, रेलवे रोड, स्टेशन माजरी, हुड्डा कॉलोनी, गोपी विहार, किला सिखा और अन्य हिस्सों में जलभराव हो गया और लोग दिन भर परेशानी झेलते रहे। डेहा कॉलोनी के भी कई घरों में पानी भर गया।
लोगों ने कहा कि बारिश के कारण जल निकासी व्यवस्था की सच्चाई भी सामने आ गई। नगर पालिका द्वारा बारिश से पहले किए गए तमाम दावे खोखले साबित हुए। नालों की सफाई ना होने और अधूरे प्रोजेक्ट ने शहर को पानी-पानी कर दिया। सड़कों की हालत ऐसी हो गई कि नालों और सड़कों में फर्क करना मुश्किल हो गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि नेशनल हाईवे से लेकर मोहल्लों की गलियों तक पैदल चलना जोखिम भरा रहा। उधर बारिश का सबसे बड़ा असर किसानों की फसल पर पड़ा। अनाज मंडी में पानी भर गया, जिससे सूरजमुखी की फसल बर्बाद हो गई। कई किसानों की उपज बारिश में बह गई। कुछ किसान और मजदूर बारिश के समय मंडी पहुंचकर फसल को बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन जो फसल खुले में छोड़ दी गई थी, वह पूरी तरह खराब हो गई।
विधायक से लेकर पार्षद तक परेशान लोगों तक पहुंचे
विधायक रामकरण काला जलभराव के चलते विभिन्न जगहों पर जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने दयाल नगर अंडरपास, लाडवा रोड चौक समेत कई जगहों पर जायजा लिया। नगर पालिका प्रधान गुलशन कवात्रा भी सफाई कर्मचारियों के साथ सड़कों पर जल निकासी कार्यों की निगरानी की। पार्षद राजेश उप्पल और जगतार सिंह तारा ने भी बराड़ा रोड स्थित कुटिया गुरुदेव निवास के सामने ट्यूबवेल लगाकर जलनिकासी में सहयोग दिया।
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मारकंडा में रात को आठ हजार क्यूसिक पानी पहुंचने की रही संभावना
बारिश व नाहन में बादल फटने से मारंकडा नदी पर भी असर माना गया। संभावना जताई जाती रही कि देर रात तक करीब आठ हजार क्यूसिक तक पानी पहुंच सकता है। हालांकि मारकंडा की क्षमता के अनुसार यह तीन गुना कम है लेकिन संबंधित अधिकारी सतर्क दिखाई दिए। झांसा के गेज रीडर योगेश ने बताया कि बादल फटने के बाद पानी जरूर बढ़ सकता है लेकिन अभी लोगों को भयभीत होने की जरूरत नहीं।
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लोगों ने कहा कि बारिश के कारण जल निकासी व्यवस्था की सच्चाई भी सामने आ गई। नगर पालिका द्वारा बारिश से पहले किए गए तमाम दावे खोखले साबित हुए। नालों की सफाई ना होने और अधूरे प्रोजेक्ट ने शहर को पानी-पानी कर दिया। सड़कों की हालत ऐसी हो गई कि नालों और सड़कों में फर्क करना मुश्किल हो गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि नेशनल हाईवे से लेकर मोहल्लों की गलियों तक पैदल चलना जोखिम भरा रहा। उधर बारिश का सबसे बड़ा असर किसानों की फसल पर पड़ा। अनाज मंडी में पानी भर गया, जिससे सूरजमुखी की फसल बर्बाद हो गई। कई किसानों की उपज बारिश में बह गई। कुछ किसान और मजदूर बारिश के समय मंडी पहुंचकर फसल को बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन जो फसल खुले में छोड़ दी गई थी, वह पूरी तरह खराब हो गई।
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विधायक से लेकर पार्षद तक परेशान लोगों तक पहुंचे
विधायक रामकरण काला जलभराव के चलते विभिन्न जगहों पर जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने दयाल नगर अंडरपास, लाडवा रोड चौक समेत कई जगहों पर जायजा लिया। नगर पालिका प्रधान गुलशन कवात्रा भी सफाई कर्मचारियों के साथ सड़कों पर जल निकासी कार्यों की निगरानी की। पार्षद राजेश उप्पल और जगतार सिंह तारा ने भी बराड़ा रोड स्थित कुटिया गुरुदेव निवास के सामने ट्यूबवेल लगाकर जलनिकासी में सहयोग दिया।
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मारकंडा में रात को आठ हजार क्यूसिक पानी पहुंचने की रही संभावना
बारिश व नाहन में बादल फटने से मारंकडा नदी पर भी असर माना गया। संभावना जताई जाती रही कि देर रात तक करीब आठ हजार क्यूसिक तक पानी पहुंच सकता है। हालांकि मारकंडा की क्षमता के अनुसार यह तीन गुना कम है लेकिन संबंधित अधिकारी सतर्क दिखाई दिए। झांसा के गेज रीडर योगेश ने बताया कि बादल फटने के बाद पानी जरूर बढ़ सकता है लेकिन अभी लोगों को भयभीत होने की जरूरत नहीं।

कुरुक्षेत्र। सुबह के समय हुई बारिश के बीच रेलवे रोड से गुजरते वाहन चालक। संवाद