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युवा वर्ग में संस्कृति की लौ जगाना जरूरी : नागेंद्र
Tue, 09 Jul 2024 07:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 09 Jul 2024 07:26 AM IST
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से कला और संस्कृति का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। इसके चलते अब हरियाणा कला परिषद की ओर से विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में गीत-संगीत, हरियाणवी नृत्य, कत्थक, अभिनय तथा चित्रकला की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यशालाओं के आयोजन के लिए कला परिषद की ओर से जून माह में प्रशिक्षण देने के इच्छुक कलाकारों के आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसके बाद ऑडिशन के आधार पर प्रशिक्षकों का चयन किया गया था। चयनित कलाकारों को रविवार को कला कीर्ति भवन में नृत्य के बारे में कई अहम जानकारियां दी गई।
हरियाणा कला परिषद के निदेशक नागेंद्र शर्मा ने बताया कि परिषद का मुख्य उद्देश्य प्रतिष्ठित कलाकारों को मंच मुहैया करवाने के साथ-साथ युवा वर्ग में कला और संस्कृति की लौ जगाना है। युवा पीढ़ी ही हरियाणवी संस्कृति को अपनाकर भविष्य में जिंदा रख सकती हैं। इसलिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें नृत्य कार्यशालाओं के प्रशिक्षकों को नृत्य की जानकारी दी गई।
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प्रदेश में बहुत से कलाकार हरियाणवी नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहे हैं। किंतु नृत्य के साथ-साथ कलाकारों को ताल का ज्ञान भी आवश्यक है। इसलिए हरियाणा कला परिषद की ओर से हरियाणवी नृत्य के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें हरियाणा के सुप्रसिद्ध हरियाणवी नृत्य कलाकार प्रकाश मलिक की ओर से कलाकारों को ताल की जानकारी दी गई। इतना ही नहीं कलाकारों से भी रूबरू होते हुए प्रशिक्षण दिए जाने हेतु अपनाए जाने वाली प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी हासिल की गई।
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कार्यशालाओं के आयोजन के लिए कला परिषद की ओर से जून माह में प्रशिक्षण देने के इच्छुक कलाकारों के आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसके बाद ऑडिशन के आधार पर प्रशिक्षकों का चयन किया गया था। चयनित कलाकारों को रविवार को कला कीर्ति भवन में नृत्य के बारे में कई अहम जानकारियां दी गई।
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हरियाणा कला परिषद के निदेशक नागेंद्र शर्मा ने बताया कि परिषद का मुख्य उद्देश्य प्रतिष्ठित कलाकारों को मंच मुहैया करवाने के साथ-साथ युवा वर्ग में कला और संस्कृति की लौ जगाना है। युवा पीढ़ी ही हरियाणवी संस्कृति को अपनाकर भविष्य में जिंदा रख सकती हैं। इसलिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें नृत्य कार्यशालाओं के प्रशिक्षकों को नृत्य की जानकारी दी गई।
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प्रदेश में बहुत से कलाकार हरियाणवी नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहे हैं। किंतु नृत्य के साथ-साथ कलाकारों को ताल का ज्ञान भी आवश्यक है। इसलिए हरियाणा कला परिषद की ओर से हरियाणवी नृत्य के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें हरियाणा के सुप्रसिद्ध हरियाणवी नृत्य कलाकार प्रकाश मलिक की ओर से कलाकारों को ताल की जानकारी दी गई। इतना ही नहीं कलाकारों से भी रूबरू होते हुए प्रशिक्षण दिए जाने हेतु अपनाए जाने वाली प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी हासिल की गई।