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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव : ब्रह्मसरोवर तट पर लघु भारत का नजारा, जीवंत हो रही राज्यों की कला व संस्कृति
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में विभिन्न राज्यों की लोक कला और संस्कृति जीवंत हो रही है। धर्मनगरी के ब्रह्मसरोवर तट पर लघु भारत का नजारा पर्यटकों को लुभा रहा है। यहां 800 से ज्यादा शिल्पकार पहुंचे हैं, जिनकी कला को देख हर कोई हैरान है। वहीं 13 से ज्यादा राज्यों के कलाकार अपने प्रदेशों की लोक संस्कृति की छाप छोड़ रहे हैं।
सात दिसंबर से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों का आयोजन 17 दिसंबर से होना है, जिसका शुभारंभ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे। अब संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसमें शरीक होंगे। भले ही इनके कार्यक्रम अभी तय नहीं हुए हैं, लेकिन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि वे मुख्य कार्यक्रमों के दौरान ही 22 या 23 दिसंबर को पहुंच सकते हैं।
महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों के मंच सजाए जाने लगे हैंं। ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में जहां मुख्य मंच होगा, वहीं इसके समक्ष ही स्टेट पार्टनर असम का पवेलियन भी तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही हरियाणा पवेलियन सजाया जाएगा। पुरुषोत्तमपुरा बाग में ही जनसंपर्क विभाग की हाईटेक प्रदर्शनी होगी तो वहीं समीप ही पहली बार हरियाणा सरस्वती हरिटेज बोर्ड द्वारा भी पहली बार प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके लिए भी तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। मुख्य आयोजन से पहले जहां फिल्म अभिनेत्री भाग्यश्री 20 दिसंबर को तो वहीं महाभारत धारावाहिक में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले कलाकार नितीश 23 दिसंबर को प्रस्तुति देंगे। इस लोक कला और संस्कृति को देखने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। फिलहाल ब्रह्मसरोवर के घाटों पर उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मिजोरम, मेघालय, असम, त्रिपुरा, लद्दाख, वेस्ट बंगाल आदि राज्यों के लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।
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उधर, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन अभी अधिकारिक रूप से अंतिम कार्यक्रम तय नहीं हो पाया है।
राजस्थान की कचोरी, पंजाब की लस्सी व कश्मीर का कहवा
महोत्सव के दौरान ब्रह्मसरोवर तट पर विभिन्न प्रदेशों के लजीज व्यंजनों का भी पर्यटक लुत्फ उठा रहे हैं। इनमें राजस्थान की कचोरी, पंजाब की लस्सी, बिहार का लिट्टी चोखा, कश्मीर का कहवा व अन्य प्रदेशों के भी खास व्यंजन शामिल हैं। यहीं नहीं अब असम पवेलियन में असम तो हरियाणा पवेलियन में हरियाणा के भी लजीज व्यंजन पर्यटकों को मुख्य कार्यक्रमों के दौरान मिल सकेंगे। इसके साथ-साथ पर्यटक विभिन्न प्रदेशों की शिल्पकला से सजे स्टॉलों पर भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं और शिल्पकारों की शिल्पकला की भी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।
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सात दिसंबर से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों का आयोजन 17 दिसंबर से होना है, जिसका शुभारंभ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे। अब संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसमें शरीक होंगे। भले ही इनके कार्यक्रम अभी तय नहीं हुए हैं, लेकिन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि वे मुख्य कार्यक्रमों के दौरान ही 22 या 23 दिसंबर को पहुंच सकते हैं।
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महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों के मंच सजाए जाने लगे हैंं। ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में जहां मुख्य मंच होगा, वहीं इसके समक्ष ही स्टेट पार्टनर असम का पवेलियन भी तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही हरियाणा पवेलियन सजाया जाएगा। पुरुषोत्तमपुरा बाग में ही जनसंपर्क विभाग की हाईटेक प्रदर्शनी होगी तो वहीं समीप ही पहली बार हरियाणा सरस्वती हरिटेज बोर्ड द्वारा भी पहली बार प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके लिए भी तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। मुख्य आयोजन से पहले जहां फिल्म अभिनेत्री भाग्यश्री 20 दिसंबर को तो वहीं महाभारत धारावाहिक में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले कलाकार नितीश 23 दिसंबर को प्रस्तुति देंगे। इस लोक कला और संस्कृति को देखने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। फिलहाल ब्रह्मसरोवर के घाटों पर उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मिजोरम, मेघालय, असम, त्रिपुरा, लद्दाख, वेस्ट बंगाल आदि राज्यों के लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।
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उधर, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन अभी अधिकारिक रूप से अंतिम कार्यक्रम तय नहीं हो पाया है।
राजस्थान की कचोरी, पंजाब की लस्सी व कश्मीर का कहवा
महोत्सव के दौरान ब्रह्मसरोवर तट पर विभिन्न प्रदेशों के लजीज व्यंजनों का भी पर्यटक लुत्फ उठा रहे हैं। इनमें राजस्थान की कचोरी, पंजाब की लस्सी, बिहार का लिट्टी चोखा, कश्मीर का कहवा व अन्य प्रदेशों के भी खास व्यंजन शामिल हैं। यहीं नहीं अब असम पवेलियन में असम तो हरियाणा पवेलियन में हरियाणा के भी लजीज व्यंजन पर्यटकों को मुख्य कार्यक्रमों के दौरान मिल सकेंगे। इसके साथ-साथ पर्यटक विभिन्न प्रदेशों की शिल्पकला से सजे स्टॉलों पर भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं और शिल्पकारों की शिल्पकला की भी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।