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आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित होगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य रूप से मनाया जाएगा, जो आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित होगा। यह महोत्सव 19 नवंबर से छह दिसंबर तक मनाया जाएगा। महोत्सव के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन करने की जिम्मेदारी हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा कला परिषद और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला (एनजेडसीसी) को सौंपी गई है। इन विभागों को जल्द ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन करके सूची तैयार करने के भी आदेश दिए गए हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त अखिल पिलानी ने वीरवार को लघु सचिवालय में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। इससे पहले एडीसी अखिल पिलानी, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी, नगराधीश चंद्रकांत कटारिया, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कुरुक्षेत्र में 19 नवंबर से छह दिसंबर तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन पर विस्तार से चर्चा की। एडीसी ने कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 19 नवंबर से छह दिसंबर तक सरस और क्राफ्ट मेले का आयोजन होगा, 29 नवंबर से चार दिसंबर तक मुख्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिनमें संपूर्ण गीता पाठ, ब्रह्मसरोवर, ज्योतिसर और सन्निहित सरोवर गीता यज्ञ, हरियाणा पैवेलियन, आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 48 कोस के 75 तीर्थों पर कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, संत सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, 18 हजार बच्चों का सामूहिक गीता श्लोकोच्चारण, ग्लोबल गीता चेंटिग, दीपोत्सव, गीता शोभा यात्रा, गीता पुस्तक मेला, हरियाणा के विकास की प्रदर्शनी आदि कार्यक्रम शामिल होंगे।
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19 नवंबर से छह दिसंबर तक होगा सरस और शिल्प मेले का आयोजन
19 नवंबर से छह दिसंबर तक सरस और शिल्प मेले का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन आरती स्थल पर भजन संध्या, ऑनलाइन गीता क्विज और प्रतियोगिता, आईजीएम-2022 मैराथन का आयोजन होगा। 13 से 28 नवंबर तक दिल्ली में कुरुक्षेत्र एवं गीता पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन होगा, 18 नवंबर से 20 नवंबर पेंटिंग प्रतियोगिता, 18 से 28 नवंबर के बीच में वाल पेंटिंग का आयोजन होगा। इसके अलावा ब्रह्मसरोवर के घाटों पर 19 नवंबर से छह दिसंबर 2022 तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कुरुक्षेत्र 48 कोस के 75 तीर्थों पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके साथ राज्य के सभी जिलों में भी दो से चार दिसंबर तक जिला स्तरीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर केडीबी सदस्य उपेंद्र सिंघल, सौरभ चौधरी, सुशील राणा एनजेडसीसी के अधिकारी रविंद्र शर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डीवाईसीए के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया, डीईईओ रामदिया गागट, एक्सईन रितेश कुमार मौजूद थे।
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अतिरिक्त उपायुक्त अखिल पिलानी ने वीरवार को लघु सचिवालय में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। इससे पहले एडीसी अखिल पिलानी, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी, नगराधीश चंद्रकांत कटारिया, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कुरुक्षेत्र में 19 नवंबर से छह दिसंबर तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन पर विस्तार से चर्चा की। एडीसी ने कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 19 नवंबर से छह दिसंबर तक सरस और क्राफ्ट मेले का आयोजन होगा, 29 नवंबर से चार दिसंबर तक मुख्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिनमें संपूर्ण गीता पाठ, ब्रह्मसरोवर, ज्योतिसर और सन्निहित सरोवर गीता यज्ञ, हरियाणा पैवेलियन, आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 48 कोस के 75 तीर्थों पर कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, संत सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, 18 हजार बच्चों का सामूहिक गीता श्लोकोच्चारण, ग्लोबल गीता चेंटिग, दीपोत्सव, गीता शोभा यात्रा, गीता पुस्तक मेला, हरियाणा के विकास की प्रदर्शनी आदि कार्यक्रम शामिल होंगे।
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19 नवंबर से छह दिसंबर तक होगा सरस और शिल्प मेले का आयोजन
19 नवंबर से छह दिसंबर तक सरस और शिल्प मेले का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन आरती स्थल पर भजन संध्या, ऑनलाइन गीता क्विज और प्रतियोगिता, आईजीएम-2022 मैराथन का आयोजन होगा। 13 से 28 नवंबर तक दिल्ली में कुरुक्षेत्र एवं गीता पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन होगा, 18 नवंबर से 20 नवंबर पेंटिंग प्रतियोगिता, 18 से 28 नवंबर के बीच में वाल पेंटिंग का आयोजन होगा। इसके अलावा ब्रह्मसरोवर के घाटों पर 19 नवंबर से छह दिसंबर 2022 तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कुरुक्षेत्र 48 कोस के 75 तीर्थों पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके साथ राज्य के सभी जिलों में भी दो से चार दिसंबर तक जिला स्तरीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर केडीबी सदस्य उपेंद्र सिंघल, सौरभ चौधरी, सुशील राणा एनजेडसीसी के अधिकारी रविंद्र शर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डीवाईसीए के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया, डीईईओ रामदिया गागट, एक्सईन रितेश कुमार मौजूद थे।
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