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पीएचसी में नवजात की मौत, सिविल अस्पताल में हंगामा
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 14 Mar 2016 12:56 AM IST
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हंगामा
- फोटो : amar ujala
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पीएचसी अमीन में स्टाफ की लापरवाही से बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। बच्ची के इलाज में लापरवाही का आरोप परिजनों ने लगाया। परिजनों का गुस्सा उस वक्त बढ़ गया जब बच्ची को कुरुक्षेत्र सिविल अस्पताल भेज दिया गया और यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पीएचसी स्टाफ की लापरवाही पर सिविल अस्पताल में जमकर हंगामा किया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर नवजात के शव का पोस्टमार्टम करवाया।
बच्ची की मां अंबाला निवासी शालू पत्नी सोहन लाल ने बताया कि 11 मार्च की रात 2 बजे के करीब एक बच्ची को जन्म दिया। शालू ने बताया कि बच्ची का जन्म हुआ तब वह पूरी तरह से स्वस्थ्य थी। लेकिन कुछ देर बाद अचानक बच्ची की तबीयत खराब हो गई। इसकी जानकारी स्टाफ नर्स को दी। लेकिन स्टाफ नर्स ने अनसुना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि नर्स को बार-बार बच्ची की तबीयत के बारे में कहते रहे, लेकिन उसने बच्ची को देेखा तक नहीं। शालू के मुताबिक रविवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे जब बच्ची की हालत गंभीर हुई तो स्टाफ नर्स ने बच्ची को एलएनजेपी (सिविल) अस्पताल कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची की मौत हो गई। नवजात बच्ची के परिजनों का आरोप है कि स्टाफ नर्स की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई। जिसको लेकर बच्ची के परिजनों में काफी रोष है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंप दिया।
परिजनों में आक्रोश
परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची की मौत स्टाफ नर्स की लापरवाही के कारण हुई। नर्स को बच्ची की तबीयत खराब होने की सूचना कई बार दी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। जब हालत ज्यादा खराब हो गई तब नर्स आई और यहां डॉक्टर को बुलाने के बजाय कुरुक्षेत्र रैफर कर दिया। यहां जैसे ही बच्ची को लेकर आए, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और परिजनों को समझाया। शालू की शिकायत के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया। हालांकि खबर लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हुआ था।
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फेफड़ों में दूध जाने से हुई बच्ची की मौत
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि बच्ची की मौत संभवत: दूध फेफड़ों में जाने से हुई है। बच्ची को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, हालांकि अधिकृत तौर पर मौत का कारण सामने नहीं आया है। नवजात का विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है।
वर्जन
बच्ची की मौत के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता चल पाएगा।
-डॉ. मुकेश, एमएस एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र
-------------
बच्ची के परिजनों ने अब तक हमें लिखित में शिकायत नहीं दी है। यदि शिकायत देंगे तो मामले की जांच कराई जाएगी। यदि स्टाफ दोषी है तो कार्रवाई की जाएगी। -एसएस नैन सिविल सर्जन कुरुक्षेत्र
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बच्ची की मां अंबाला निवासी शालू पत्नी सोहन लाल ने बताया कि 11 मार्च की रात 2 बजे के करीब एक बच्ची को जन्म दिया। शालू ने बताया कि बच्ची का जन्म हुआ तब वह पूरी तरह से स्वस्थ्य थी। लेकिन कुछ देर बाद अचानक बच्ची की तबीयत खराब हो गई। इसकी जानकारी स्टाफ नर्स को दी। लेकिन स्टाफ नर्स ने अनसुना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि नर्स को बार-बार बच्ची की तबीयत के बारे में कहते रहे, लेकिन उसने बच्ची को देेखा तक नहीं। शालू के मुताबिक रविवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे जब बच्ची की हालत गंभीर हुई तो स्टाफ नर्स ने बच्ची को एलएनजेपी (सिविल) अस्पताल कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची की मौत हो गई। नवजात बच्ची के परिजनों का आरोप है कि स्टाफ नर्स की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई। जिसको लेकर बच्ची के परिजनों में काफी रोष है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंप दिया।
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परिजनों में आक्रोश
परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची की मौत स्टाफ नर्स की लापरवाही के कारण हुई। नर्स को बच्ची की तबीयत खराब होने की सूचना कई बार दी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। जब हालत ज्यादा खराब हो गई तब नर्स आई और यहां डॉक्टर को बुलाने के बजाय कुरुक्षेत्र रैफर कर दिया। यहां जैसे ही बच्ची को लेकर आए, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और परिजनों को समझाया। शालू की शिकायत के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया। हालांकि खबर लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हुआ था।
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फेफड़ों में दूध जाने से हुई बच्ची की मौत
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि बच्ची की मौत संभवत: दूध फेफड़ों में जाने से हुई है। बच्ची को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, हालांकि अधिकृत तौर पर मौत का कारण सामने नहीं आया है। नवजात का विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है।
वर्जन
बच्ची की मौत के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता चल पाएगा।
-डॉ. मुकेश, एमएस एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र
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बच्ची के परिजनों ने अब तक हमें लिखित में शिकायत नहीं दी है। यदि शिकायत देंगे तो मामले की जांच कराई जाएगी। यदि स्टाफ दोषी है तो कार्रवाई की जाएगी। -एसएस नैन सिविल सर्जन कुरुक्षेत्र