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इंडो-इस्राइल तकनीक से किसानों को मिलेगा लाभ : डेनियल कैरमन

Fri, 06 Jan 2017 12:11 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Fri, 06 Jan 2017 12:11 AM IST
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indo-isrial centre, ambessador, kurukshetra
Isrial ambassador visit - फोटो : अमर उजाला

इस्राइल के राजदूत डेनियल कैरमन ने कहा कि भारत और इस्राइल के आपसी तालमेल से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। देश में सब्जी व फलों की खेती इजर तकनीक होने से सरकार व किसानों को पहले से बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है। देश में 15 ऐसे केंद्र हैं जो इस्राइल और भारत के सहयोग से चल रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार को भी बधाई दी कि उन्होंने इस्राइल की तकनीकी से प्रदेश में सब्जी व फलों के उत्कृष्टता केंद्रों को विकसित किया है। वे वीरवार को लाडवा में स्थित इंडो-इस्राइल परियोजना के उष्ण कटिबंधीय फल केंद्र के अवलोकन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

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उन्होंने बताया कि भारत और इस्राइल के सहयोग से चल रहे सब्जी और फलों के उत्पादन केंद्रों से दोनो देशों में भाईचारा बढ़ा है जिससे किसानों की आय में काफी लाभ हुआ है। इन केंद्रों में इस्राइल की तकनीकी से काम किया जा रहा है। इस्राइल तकनीकी से कम पानी की लागत से फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इस्राइल में इसका प्रयोग वर्षों से हो रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी दोनों देशों का यह तालमेल जारी रहेगा।
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इस्राइल की पद्धति से खेती करें किसान
शिष्टमंडल के सदस्य प्रोफेसर एल.जी ग्रेराव ने बताया कि इंडो इस्राइल का आपसी समझौता भारत के किसानों के लिए काफी लाभदायक है। इससे किसानों को कम लागत पर अधिक उत्पादन मिलेगा। दोनों देश मिलकर अपने देश की आय को बढ़ाने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। किसानों को चाहिए कि वे इस्राइल की पद्धति को अपना कर खेती करें। इसके लिए देश व प्रदेश की सरकार किसानों को अनुदान भी दे रही है।
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केंद्र को करीब 15 लाख रुपये की आय
लघु फल उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक डाक्टर बिल्लू यादव ने बताया कि यह केंद्र अब करीब 30 एकड़ में फैला हुआ है। इस केंद्र में आम, लीची, चीकू, नाशपाती, बेर, खुमानी, अमरूद, नींबू, जैतून और अनार की अलग-अलग फसलों की किस्मों का प्रबंधन किया जा रहा है। इस केंद्र में किसानों को फलों के प्रति जागरूक करने के लिए वर्ष 2016 में 12 कार्यशालाओं के माध्यम से करीब 150 किसानों को जागरूक किया तथा 35 हजार फलों के पौधो की बिक्री की गई। जिससे केंद्र को करीब 15 लाख रुपये की आय हुई है।


शिष्टमंडल में पांच सदस्य शामिल
राजदूत के साथ 5 सदस्यों का शिष्टमंडल केंद्र में आया था। इस शिष्टमंडल ने पूरे केंद्र का अवलोकन किया और गहनता से फलों के उत्पादन की तकनीकी के बारे में जानकारी ली। अतिरिक्त उपायुक्त धर्मबीर सिंह, एसडीएम नरेंद्रपाल मलिक ने शिष्टमंडल का स्वागत किया। इस मौके पर प्रतिनिधि मंडल के सदस्य विजयवाड़ा के सांसद केसी नैनी श्रीनिवास, इस्राइल दूतावास की सचिव अदवा विलीचेयंस्की, दिल्ली की विधायक अल्का लांबा, विजयवाड़ा के किसान एवी सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त धर्मबीर सिंह, जिला बागवानी अधिकारी कर्मचंद, समाजसेवी रतनलाल जांगड़ा आदि उपस्थित थे।

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