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Kurukshetra News: शादियों में प्री-वेडिंग फोटोशूट का बढ़ने लगा प्रचलन
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कुरुक्षेत्र। प्री-वैडिंग शूट करवाता जोड़ा। संवाद
कुरुक्षेत्र। पुरानी यादों को संजोने के लिए एलबम सबसे अच्छा और लोकप्रिय माध्यम है। कई दशकों से इसी माध्यम से पुरानी यादों को संजोकर रखा जाता है।
शादी-ब्याह में भी फोटोग्राफी कर एलबम बनवाए जाते हैं। दूल्हा-दुल्हन के खास पलों को अलग-अलग तरीकों से कैद किया जाता है लेकिन आधुनिकता के बदलते दौर में फोटोग्राफी और एलबम के मायने भी बदलते जा रहे हैं। पहले के समय में साधारण एलबम होते थे, आजकल नए तरीके के एलबम उनका स्थान लेते जा रहे हैं।
इसके अलावा कुछ लोग एलबम न बनवाकर डिजिटल माध्यम जैसे पैन ड्राइव और चिप में भी अपनी फोटो और वीडियो काे संजोए हैं। उनका मानना है कि एलबम बनवाना फिजूल खर्च है। वहीं दूसरी ओर प्री-वेडिंग शूट का दौर भी पूरा प्रचलित है, जिसमें शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन अच्छी लोकेशन पर फोटो शूट करवाते हैं, जिन्हें शादी के दिन पैलेस में लगाया जाता है तथा वीडियो के माध्यम से दिखाया भी जाता है। इसके बढ़ते रुझान को देखते हुए एलबम की कीमत भी बढ़ती जा रही है। प्री-वेडिंग शूट के लिए दूल्हा-दुल्हन आकर्षित और टूरिस्ट स्थल पर जाते हैं। ज्यादातर फोटोशूट पहाड़ी क्षेत्र, रेगिस्तान और मिट्टी के बनाए गए पुरातन घर और पुराने भवनों में किए जाते हैं। इन स्थानों के मुताबिक ही दूल्हा-दुल्हन का परिधान निश्चित किया जाता है। अधिकतर फोटोग्राफर परिधानों की व्यवस्था भी स्वयं करते हैं, जिनके लिए अलग से किराया लगता है।
वहीं कुछ लोग फोटोशूट के दौरान स्वयं अपने कपड़े लेकर आते हैं, जिससे उनका फोटोशूट कम बजट में हो जाता है। ऐसे में अब विदेशों की ओर बढ़ते रुझान के चलते लाइव शादी समारोह को किया जाता है, जिससे विदेशों में रहने वाले रिश्तेदार आसानी से देख सकते हैं।
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शादी-ब्याह में भी फोटोग्राफी कर एलबम बनवाए जाते हैं। दूल्हा-दुल्हन के खास पलों को अलग-अलग तरीकों से कैद किया जाता है लेकिन आधुनिकता के बदलते दौर में फोटोग्राफी और एलबम के मायने भी बदलते जा रहे हैं। पहले के समय में साधारण एलबम होते थे, आजकल नए तरीके के एलबम उनका स्थान लेते जा रहे हैं।
इसके अलावा कुछ लोग एलबम न बनवाकर डिजिटल माध्यम जैसे पैन ड्राइव और चिप में भी अपनी फोटो और वीडियो काे संजोए हैं। उनका मानना है कि एलबम बनवाना फिजूल खर्च है। वहीं दूसरी ओर प्री-वेडिंग शूट का दौर भी पूरा प्रचलित है, जिसमें शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन अच्छी लोकेशन पर फोटो शूट करवाते हैं, जिन्हें शादी के दिन पैलेस में लगाया जाता है तथा वीडियो के माध्यम से दिखाया भी जाता है। इसके बढ़ते रुझान को देखते हुए एलबम की कीमत भी बढ़ती जा रही है। प्री-वेडिंग शूट के लिए दूल्हा-दुल्हन आकर्षित और टूरिस्ट स्थल पर जाते हैं। ज्यादातर फोटोशूट पहाड़ी क्षेत्र, रेगिस्तान और मिट्टी के बनाए गए पुरातन घर और पुराने भवनों में किए जाते हैं। इन स्थानों के मुताबिक ही दूल्हा-दुल्हन का परिधान निश्चित किया जाता है। अधिकतर फोटोग्राफर परिधानों की व्यवस्था भी स्वयं करते हैं, जिनके लिए अलग से किराया लगता है।
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वहीं कुछ लोग फोटोशूट के दौरान स्वयं अपने कपड़े लेकर आते हैं, जिससे उनका फोटोशूट कम बजट में हो जाता है। ऐसे में अब विदेशों की ओर बढ़ते रुझान के चलते लाइव शादी समारोह को किया जाता है, जिससे विदेशों में रहने वाले रिश्तेदार आसानी से देख सकते हैं।
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