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Kurukshetra News: बारिश का मौसम शुरू होते ही बढ़ने लगी सर्पदंश की घटनाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Aug 2025 01:23 AM IST
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Incidents of snakebite started increasing as soon as the rainy season started
कुरुक्षेत्र। बारिश का मौसम शुरू होते ही सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। बारिश का पानी बिल में घुसने से सांप बाहर निकल रहे हैं। पिछले एक महीने में ही 25 से ज्यादा सर्पदंश की घटनाएं हुई हैं। मानसून की शुरुआत होने के बाद अभी तक 79 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। अभी तक सर्पदंश से जिले में चार मौत हो चुकी हैं। कॉमन करैत प्रजाति के सांप इन दिनों लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। जिले में जितनी भी मौतें सांप के डसने से हुई हैं, इन सभी को कॉमन करैत प्रजाति के सांप ने डसा है।
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पिता पुत्र को सांप ने डसा, पुत्र की मौत
6 अगस्त को लुखी में रहने वाले मूल रूप से झारखंड के गोड्डा जिले लाल बगीचा के कबीर की सांप के काटने से मौत हो गई। कबीर अपने पिता राजेश कुमार के साथ सो रहा था। सांप ने पिता और पुत्र दोनों को काट लिया था। वहीं 3 अगस्त को शाहाबाद के गांव सुढ़पुर के 65 वर्षीय किसान सुभाष चंद की भी सांप के डसने से मौत हुई। वहीं शाहाबाद की एक महिला की भी मौत हो चुकी है।
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कॉमन करैत सांप को कहते हैं साइलेंट किलर
कॉमन करैत प्रजाति के सांप को साइलेंट किलर कहा जाता है। जानकारी के अनुसार इस प्रजाति का सांप बिस्तर में घुसकर सोते हुए इंसान को काटता है। इसके डसने के बाद कई बार तो संबंधित व्यक्ति की नींद भी नहीं खुल पाती और वह दम तोड़ देता है। इसके दांत इतने बारीक होते हैं कि डसने के दौरान संबंधित व्यक्ति को दर्द का एहसास भी कम होता है। इस किस्म का सांप चूंकि ठंडे खून वाला होता है, इसलिए इंसान के शरीर के गर्मी से आकर्षित होता है। इसी वजह से यह बिस्तर तक पहुंचता है।
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ये बरतें सावधानी
कॉमन करैत के बचाव के लिए दरवाजों के नीचे ज्यादा जगह न रहने दें। घर में चूहे आदि के सुराग हैं तो बंद कर दें। ज्यादा बिल हैं तो मच्छरदानी लगाकर सोएं।
जिस जगह भी सांप कांटे उसके पास रूमाल को इतना टाइट बांधे कि कसावट में पैंसिल आ जाए। सर्पदंश की जगह कट नहीं लगाएं, जहर मुंह से नहीं खींचे। पीड़ित को सोने नहीं दें। सांप ने हाथ पर काटा है तो हाथ फोल्ड कर इस तरह से लटकाएं जैसे फ्रेक्चर हुआ हो।
झाड़-फूंक न करें, अस्पताल से लें इलाज : डॉ. गौरव
जिला अस्पताल चेस्ट एंड टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव चावला का कहना है कि सांप काटने पर जल्द इलाज शुरू करना चाहिए न कि झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वास में पड़कर मरीज की जान को खतरे में डालना चाहिए। एंटी वेनीन व एंटीडोट एलएनजेपी अस्पताल में उपलब्ध हैं।

ये हैं सांप काटने के लक्षण
विशेषज्ञों के मुताबिक सांप के काटने के बाद काटने वाली जगह पर दांतों के निशान काले रूप में उभर आते हैं। दिल व दिमाग पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है। सांस लेने में दिक्कत, शरीर में जकड़न, सूजन पड़ना व शरीर में जलन, मसूड़ों में खून आना, तेज बुखार आदि सांप के काटने के लक्षण हैं। सांप के काटने पर घबराना नहीं चाहिए बल्कि तुरंत इलाज कराना चाहिए।
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