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Kurukshetra News: रोडवेज यूनियन की राज्य कार्यकारिणी बैठक में सरकार की नीतियों पर किया प्रहार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 May 2025 01:36 AM IST
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In the state executive meeting of the Roadways Union, the policies of the government were attacked
कुरुक्षेत्र। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को नया अड्डा परिसर स्थित यूनियन कार्यालय में हुई, जिसमें प्रदेश के यूनियन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक मेें आगामी रणनीति पर विचार विमर्श किया गया।
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बैठक में सरकार की रोडवेज नीति, बढ़ती अफसरशाही और कर्मचारियों की अनदेखी पर नाराजगी जताई गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के राज्य प्रधान मायाराम उनियाल ने कहा कि परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ 21 सूत्रीय मांगों के लिए कई बार बैठक हुई लेकिन किसी भी मांग को अब तक लागू नहीं किया गया। बैठक में यूनियन के पदाधिकारियों ने अंबाला कैंट से परिवहन मंत्री अनिल विज आवास तक न्याय यात्रा निकाले जाने का निर्णय लिया। जिसमें प्रदेशभर के कर्मचारी शामिल होंगे। बैठक में पिछले सप्ताह ही विभाग द्वारा कर्मचारियों के ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत किए गए तबादले पर भी रोष जताया गया।
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राज्य प्रधान माया राम ने कहा कि पिछले लंबे समय से वह अपनी 21 सूत्रीय मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और प्रदर्शन, हड़ताल व भूख हड़ताल भी कर चुके हैं लेकिन सरकार व विभाग के उच्च अधिकारी उनकी मांगे नहीं मान रहे हैं। सरकार द्वारा पहले 12 मांगें मान ली थी, लेकिन उनके विभाग की उच्च अधिकारियों ने उन 12 मांगों को भी अभी तक धरातल पर लागू नहीं किया है।
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कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी बसों को आए दिन राजनीतिक रैलियों के लिए भेजा जाता है, जिससे आम जनता की सुविधा बाधित होती है। ऐसे में निजी बस संचालक मनमर्जी का किराया वसूलते हैं और यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। विभाग में अफसरशाही चरम पर है। महाप्रबंधकों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले छोटे कार्यों के लिए भी फाइलें मुख्यालय को भेजी जाती हैं, जिनका निपटारा वर्षों तक नहीं होता।
यूनियन ने यह भी याद दिलाया कि 2024 में साझा मोर्चे ने राज्य सरकार के साथ बैठक की थी, जिसमें परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव उमाशंकर जी ने 15 दिन में मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महानिदेशक दो बार बैठक बुलाकर वार्ता को एकतरफा रद्द कर चुके हैं, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। इन्हीं सब मुद्दों के विरोध में यूनियन ने निर्णय लिया है कि 15 मई को परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास पर न्याय मार्च निकालेंगे, जिसमें राज्यभर से हजारों रोडवेज कर्मचारी भाग लेंगे। बैठक में उप महासचिव जोगिंदर दुल, प्रदेश प्रवक्ता रंजीत करोड़ा, राज्य कोषाध्यक्ष रघुवीर सिंह पंजाबी, संगठन सचिव अरुण शर्मा, राज्य सचिव अनूप सारोड़, उप राज्य ऑडिटर रामफल सिकरवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


राज्य महासचिव बलदेव सिंह मामू माजरा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए निजी रूट परमिट का यूनियन जोरदार विरोध करती है। ये परमिट जनता की नहीं, बल्कि कुछ निजी कंपनियों के हितों की पूर्ति के लिए जारी किए जा रहे हैं। आम जनता आज भी सरकारी बसों को ही प्राथमिकता देती है, क्योंकि वे सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद हैं।
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