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Kurukshetra News: पुर्तगाल भेजने के नाम पर मूक-बधिर सहित दो युवकों से साढ़े पांच लाख हड़पे
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कुरुक्षेत्र। मूक-बधिर सहित दो युवकों को पुर्तगाल भेजने के नाम पर एजेंट ने साढ़े पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। दोनों युवक लखमड़ी गांव के रहने वाले हैं। आरोपियों ने दोनों को 10-10 लाख रुपये में पुर्तगाल भेजने का आश्वासन दिया था, मगर पुर्तगाल की जगह आर्मेनिया भेज दिया। यहां युवकों से जबरदस्ती काम कराया गया तथा उनके डॉलर भी छीन लिए गए। परिजनों ने टिकट करवाकर दोनों को वापस घर बुलाया। शिकायत पर पुलिस ने महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर किया है। शिकायत में जसबीर सिंह ने बताया कि वह बोल और सुन नहीं सकता है। इसके बावजूद आरोपी गुरविंद्र सिंह निवासी मंडोर जिला अंबाला और निशा रानी निवासी कुरुक्षेत्र ने बहला-फुसलाकर पुर्तगाल भेजने का झांसा दिया। 15 जुलाई को उसने घरवालों की सहमति के बाद अपने कागजात दिए। पुर्तगाल के लिए 10 लाख रुपये में बातचीत तय होने के बाद 17 जुलाई को 30 हजार रुपये आरोपी निशा को कागज तैयार करने के लिए दिए थे। आरोपियों ने उससे आधी रकम पहले और बकाया पहुंचने के बाद मांगी थी। करीब एक महीने बाद आरोपी गुरविंद्र सिंह ने उसे अंबाला बुलाकर आर्मेनिया का वीजा, होटल बुकिंग और टिकट दी थी।
इस दिन आरोपी ने उससे 50 हजार रुपये भी लिए थे। आरोपी ने आर्मेनिया में अपने एक अन्य साथी गौरव से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल पर बातचीत भी कराई थी। 24 अगस्त को आरोपी ने उसे चंडीगढ़ से आर्मेनिया भेज दिया, जहां उसकी मुलाकात गौरव से हुई। यहां गौरव ने चार और युवकों को बुला लिया तथा कमरे में बंद कर दिया। यहां उसने तरह-तरह से उसे प्रताड़ित किया। आरोपी ने उससे डेढ़ लाख रुपये, 600 डॉलर छीन लिए। उसने दो महीने तक जबरदस्ती उससे काम कराया। आरोपी ने परिजनों से रुपये न मिलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। बाद में परिजनों ने 40 हजार रुपये की टिकट कराकर वापस बुलाया। आरोपियों ने उसके रुपये देने से भी इनकार कर दिया।
उधर, सुरेंद्र सिंह ने शिकायत में कहा कि आरोपियों ने उसके साथ तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी की। उसे भी आरोपियों ने पुर्तगाल भेजने के सपने दिखाए थे। 17 जुलाई को उसने 30 हजार रुपये कागजात तैयार करने के लिए दिए थे। साथ 30 हजार रुपये आरोपी गुरविंद्र सिंह को गूगल-पे किए थे। उसे भी आरोपियों ने गांव के ही जसबीर सिंह के साथ आर्मेनिया भेज दिया था। आरोपी गौरव ने उसके दो लाख रुपये नकद और 700 डॉलर छीने थे। उनको कमरे बंद कर कई दिन तक खाना तक नहीं दिया गया। दो महीने बाद परिजनों ने टिकट कराकर उसे वापस घर बुला लिया। शिकायत पर बाबैन पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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इस दिन आरोपी ने उससे 50 हजार रुपये भी लिए थे। आरोपी ने आर्मेनिया में अपने एक अन्य साथी गौरव से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल पर बातचीत भी कराई थी। 24 अगस्त को आरोपी ने उसे चंडीगढ़ से आर्मेनिया भेज दिया, जहां उसकी मुलाकात गौरव से हुई। यहां गौरव ने चार और युवकों को बुला लिया तथा कमरे में बंद कर दिया। यहां उसने तरह-तरह से उसे प्रताड़ित किया। आरोपी ने उससे डेढ़ लाख रुपये, 600 डॉलर छीन लिए। उसने दो महीने तक जबरदस्ती उससे काम कराया। आरोपी ने परिजनों से रुपये न मिलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। बाद में परिजनों ने 40 हजार रुपये की टिकट कराकर वापस बुलाया। आरोपियों ने उसके रुपये देने से भी इनकार कर दिया।
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उधर, सुरेंद्र सिंह ने शिकायत में कहा कि आरोपियों ने उसके साथ तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी की। उसे भी आरोपियों ने पुर्तगाल भेजने के सपने दिखाए थे। 17 जुलाई को उसने 30 हजार रुपये कागजात तैयार करने के लिए दिए थे। साथ 30 हजार रुपये आरोपी गुरविंद्र सिंह को गूगल-पे किए थे। उसे भी आरोपियों ने गांव के ही जसबीर सिंह के साथ आर्मेनिया भेज दिया था। आरोपी गौरव ने उसके दो लाख रुपये नकद और 700 डॉलर छीने थे। उनको कमरे बंद कर कई दिन तक खाना तक नहीं दिया गया। दो महीने बाद परिजनों ने टिकट कराकर उसे वापस घर बुला लिया। शिकायत पर बाबैन पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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