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अपने लालच में मनुष्य ने धरती को बना दिया जहरीला : झींडा
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शाहाबाद। रतनगढ़ फार्म हाउस पर एसजीपीसी अध्यक्ष जगदीश झींडा को कृपाण भेंट करते विक्रमजीत सिंह ची
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। मनुष्य ने अपने स्वार्थ और लालच के चलते रासायनिक पदार्थों का अत्यधिक इस्तेमाल कर धरती को जहरीला बना दिया है। इसका असर मिट्टी के साथ-साथ हवा और पानी पर भी पड़ रहा है, जिससे मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। यह बात हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कही।
वे विक्रमजीत सिंह चीमा के रतनगढ़ फार्म हाउस पर पहुंची धरती बचाओ यात्रा नगर कीर्तन का स्वागत करने के बाद संगत को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान साध संगत ने फूल बरसाकर नगर कीर्तन का स्वागत किया और गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेककर सुख-शांति की अरदास की।
झींडा ने कहा कि धरती, जल और वायु को शुद्ध रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए भाई मंजीत सिंह ने मीठा साहिब की धरती से कीर्तन यात्रा शुरू की है, जो सराहनीय पहल है। उन्होंने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति का सम्मान और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। लोग बीमारियों के इलाज पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, लेकिन स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे। इस अवसर पर सुखजिंद्र सिंह, जसबीर कौर आदि मौजूद रहीं।
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शाहाबाद। मनुष्य ने अपने स्वार्थ और लालच के चलते रासायनिक पदार्थों का अत्यधिक इस्तेमाल कर धरती को जहरीला बना दिया है। इसका असर मिट्टी के साथ-साथ हवा और पानी पर भी पड़ रहा है, जिससे मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। यह बात हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कही।
वे विक्रमजीत सिंह चीमा के रतनगढ़ फार्म हाउस पर पहुंची धरती बचाओ यात्रा नगर कीर्तन का स्वागत करने के बाद संगत को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान साध संगत ने फूल बरसाकर नगर कीर्तन का स्वागत किया और गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेककर सुख-शांति की अरदास की।
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झींडा ने कहा कि धरती, जल और वायु को शुद्ध रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए भाई मंजीत सिंह ने मीठा साहिब की धरती से कीर्तन यात्रा शुरू की है, जो सराहनीय पहल है। उन्होंने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति का सम्मान और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। लोग बीमारियों के इलाज पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, लेकिन स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे। इस अवसर पर सुखजिंद्र सिंह, जसबीर कौर आदि मौजूद रहीं।
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