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चैत्र चौदस मेले में श्रद्धालुओं को दूषित पानी से बुझानी पड़ेगी प्यास
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टंकी से रिसता पानी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिहोवा के प्रख्यात चैत्र चौदस मेले की बुधवार को विधिवत शुरुआत होगी। मेले में आए श्रद्धालुओं को दूषित पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ेगी। स्वच्छ जल के उनको दर-दर भटकना पड़ेगा, क्योंकि प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पीने के स्वच्छ जल का कोई प्रबंध नहीं किया गया।
हालांकि प्रशासन तीर्थ परिसर में बनी टंकियों और न जाने कब से बंद पड़े वाटर कूलर से श्रद्धालुओं को पानी मुहैया कराने का दावा कर रहा है। निर्माण के बाद से कभी भी इन टंकियों की सफाई ही नहीं हुई है। इस कारण इन टंकियों का पानी गंदा और दूषित हो चुका है। सरस्वती तीर्थ के पास पार्क में श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए छह टंकियों का निर्माण किया गया था। प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी के चलते अब यह टंकियां अपना वजूद खो रही है।
आज स्थिति यह है कि छह टंकियों में से तहसील के दूसरे गेट के सामने और गेट नंबर-एक के पास बनी दो टंकियों में ही पानी आ रहा है, मगर इन टंकियों की अंदर से कभी सफाई ही नहीं की गई। इन टंकियों से नल तोड़ दिए गए और टंकियों से लगातार पानी बहने के कारण नल के स्थान पर काई जम गई। पानी रिसने से रोकने के लिए नल की जगह टंकी की पाइप को लकड़ी से बंद कर दिया गया।
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वहीं वाल्मीकि घाट के पास बनी दो टंकी और गेट नंबर दो व तीन के पास बनी एक-एक टंकी में पानी की व्यवस्था नहीं है। सिर्फ इनमें ऊपर की तरफ से बारिश का पानी ही जमा होता है। वहीं इन टंकियों में लगे छह-छह नल तोड़ दिए गए है। तोड़े गए नल की जगह पाइप को लकड़ी, पॉलिथीन और कपड़े से बंद कर दिया गया है, जिससे लगातार पानी रिसता रहता है।
गेट नंबर दो पास बने जलघर पर वाटर कूलर लगाया हुआ है, मगर इस वाटर कूलर की भी मरम्मत नहीं कराई गई। प्रशासन ने सिर्फ वाटर कूलर पर नया लगाकर अपने नाम निपटा दिया। हालांकि की प्रशासन के पास टंकियों की सफाई और कूलर की मरम्मत के लिए पर्याप्त समय था। अब श्रद्घालुओं को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा।
तीर्थ के आसपास बिक रही शराब
मेले की शुरुआत से पहले ही लोद शराब पीकर झूमने लगे हैं। इस ओर भी प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। पुरोहितों का आरोप है कि तीर्थ के आसपास ही शराब बिक रही है। सुबह से ही शराबी शराब पीकर हंगामा करते हैं। मेले से पहले सरस्वती चौक के पास सुबह के समय दो लोग शराब पी रहे थे। उस समय प्रशासन मेले की तैयारी में जुटा था। साथ ही सरस्वती चौक के पास पुलिस का नाका भी लगा है।
टैंकर की व्यवस्था करेंगे : सोनू राम
एसडीएम सोनू राम ने बताया कि टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर डाला गया है और वाटर कूलर की मरम्मत नहीं हो सकी। उसकी जगह नया कूलर रखा जाएगा, मगर मेले के दौरान ऐसा संभव नहीं है। सरकारी अमले के लिए कैंपर तथा श्रद्धालुओं के लिए पानी के टैंकर की व्यवस्था की जाएगी।
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कुरुक्षेत्र। पिहोवा के प्रख्यात चैत्र चौदस मेले की बुधवार को विधिवत शुरुआत होगी। मेले में आए श्रद्धालुओं को दूषित पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ेगी। स्वच्छ जल के उनको दर-दर भटकना पड़ेगा, क्योंकि प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पीने के स्वच्छ जल का कोई प्रबंध नहीं किया गया।
हालांकि प्रशासन तीर्थ परिसर में बनी टंकियों और न जाने कब से बंद पड़े वाटर कूलर से श्रद्धालुओं को पानी मुहैया कराने का दावा कर रहा है। निर्माण के बाद से कभी भी इन टंकियों की सफाई ही नहीं हुई है। इस कारण इन टंकियों का पानी गंदा और दूषित हो चुका है। सरस्वती तीर्थ के पास पार्क में श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए छह टंकियों का निर्माण किया गया था। प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी के चलते अब यह टंकियां अपना वजूद खो रही है।
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आज स्थिति यह है कि छह टंकियों में से तहसील के दूसरे गेट के सामने और गेट नंबर-एक के पास बनी दो टंकियों में ही पानी आ रहा है, मगर इन टंकियों की अंदर से कभी सफाई ही नहीं की गई। इन टंकियों से नल तोड़ दिए गए और टंकियों से लगातार पानी बहने के कारण नल के स्थान पर काई जम गई। पानी रिसने से रोकने के लिए नल की जगह टंकी की पाइप को लकड़ी से बंद कर दिया गया।
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वहीं वाल्मीकि घाट के पास बनी दो टंकी और गेट नंबर दो व तीन के पास बनी एक-एक टंकी में पानी की व्यवस्था नहीं है। सिर्फ इनमें ऊपर की तरफ से बारिश का पानी ही जमा होता है। वहीं इन टंकियों में लगे छह-छह नल तोड़ दिए गए है। तोड़े गए नल की जगह पाइप को लकड़ी, पॉलिथीन और कपड़े से बंद कर दिया गया है, जिससे लगातार पानी रिसता रहता है।
गेट नंबर दो पास बने जलघर पर वाटर कूलर लगाया हुआ है, मगर इस वाटर कूलर की भी मरम्मत नहीं कराई गई। प्रशासन ने सिर्फ वाटर कूलर पर नया लगाकर अपने नाम निपटा दिया। हालांकि की प्रशासन के पास टंकियों की सफाई और कूलर की मरम्मत के लिए पर्याप्त समय था। अब श्रद्घालुओं को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा।
तीर्थ के आसपास बिक रही शराब
मेले की शुरुआत से पहले ही लोद शराब पीकर झूमने लगे हैं। इस ओर भी प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। पुरोहितों का आरोप है कि तीर्थ के आसपास ही शराब बिक रही है। सुबह से ही शराबी शराब पीकर हंगामा करते हैं। मेले से पहले सरस्वती चौक के पास सुबह के समय दो लोग शराब पी रहे थे। उस समय प्रशासन मेले की तैयारी में जुटा था। साथ ही सरस्वती चौक के पास पुलिस का नाका भी लगा है।
टैंकर की व्यवस्था करेंगे : सोनू राम
एसडीएम सोनू राम ने बताया कि टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर डाला गया है और वाटर कूलर की मरम्मत नहीं हो सकी। उसकी जगह नया कूलर रखा जाएगा, मगर मेले के दौरान ऐसा संभव नहीं है। सरकारी अमले के लिए कैंपर तथा श्रद्धालुओं के लिए पानी के टैंकर की व्यवस्था की जाएगी।

चैत्र चौदस मेले पर सजाया गया सरस्वती तीर्थ। संवाद- फोटो : Kurukshetra

गेट नंबर एक के पास बनी टंकी से पानी भरते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : Kurukshetra