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Kurukshetra News: मांग पूरी न होने पर रोष कल पंचकुला में देंगे धरना
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लाडवा। शिवाला रामकुंडी में बैठक में भाग लेती मिड डे मील वर्कर्स। विज्ञप्ति
लाडवा। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ब्लाॅक लाडवा की ओर से शिवाला रामकुंडी में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता लाल देवी व राजरानी ने संयुक्त रूप से की व संचालन जिला सचिव अनिल कुमार ने किया। जिला सचिव अनिल कुमार ने कहा कि सरकार मिड डे मील कर्मचारियों को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य कमेटी के आह्वान पर 12 जनवरी को पंचकूला में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसकी तैयारियों के लिए ब्लॉक बैठक की जा रही है जिसमें वर्कर्स बढ़-चढ़कर भाग लेंगी।
उन्होंने कहा कि 3 अगस्त को शिक्षा मंत्री के आवास पर पानीपत में हजारों मिड डे मील कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके कारण चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री और अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए बुलाया गया था। वार्ता में कुछ मांगों पर सहमति भी बनी थी लेकिन उन मांगों का पत्र अभी तक जारी नहीं किया गया। इसके लिए वर्कर्स में भारी गुस्सा है।
उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन मिड डे मील वर्कर्स का शोषण कर रही है। मिड डे मील वर्कर्स को मानदेय 10 महीने मिलता है जबकि काम करीब 11 महीने करना पड़ता है। इसीलिए शिक्षकों व अन्य स्टाफ की तरह 12 महीने वेतन मिलना चाहिए। न्यूनतम वेतन 26000 रुपये से कम नहीं होना चाहिए। करीब 30 साल से यह योजना जारी है लेकिन सेवानिवृत्ति के समय एक रुपया तक नहीं मिलता। यूनियन मांग करती है सेवानिवृत्ति के समय कम से कम तीन लाख रुपये दिए जाएं।
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उन्होंने कहा कि 3 अगस्त को शिक्षा मंत्री के आवास पर पानीपत में हजारों मिड डे मील कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके कारण चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री और अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए बुलाया गया था। वार्ता में कुछ मांगों पर सहमति भी बनी थी लेकिन उन मांगों का पत्र अभी तक जारी नहीं किया गया। इसके लिए वर्कर्स में भारी गुस्सा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन मिड डे मील वर्कर्स का शोषण कर रही है। मिड डे मील वर्कर्स को मानदेय 10 महीने मिलता है जबकि काम करीब 11 महीने करना पड़ता है। इसीलिए शिक्षकों व अन्य स्टाफ की तरह 12 महीने वेतन मिलना चाहिए। न्यूनतम वेतन 26000 रुपये से कम नहीं होना चाहिए। करीब 30 साल से यह योजना जारी है लेकिन सेवानिवृत्ति के समय एक रुपया तक नहीं मिलता। यूनियन मांग करती है सेवानिवृत्ति के समय कम से कम तीन लाख रुपये दिए जाएं।
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