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Kurukshetra News: योगदान बराबर तो सम्मान क्यों नहीं...

Sat, 06 Sep 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Sat, 06 Sep 2025 01:11 AM IST
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If the contribution is equal then why is there no respect...
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कार्यरत पार्ट टाइम और गेस्ट प्रोफेसरों ने शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह से खुद को अलग-थलग किए जाने पर गहरा रोष प्रकट किया है। उनका कहना है कि बीते पांच वर्षों से वे विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इस बार भी आयोजित कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित तक नहीं किया गया।

शुक्रवार को कुलपति निवास पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में नियमित प्रोफेसरों और अनुबंधित प्रोफेसरों को बुलाकर सम्मानित किया गया, लेकिन पार्ट टाइम और गेस्ट प्रोफेसरों को निमंत्रण सूची में शामिल ही नहीं किया गया।
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पार्ट टाइम और गेस्ट प्रोफेसरों का कहना है कि इस तरह का भेदभाव उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, शोध कार्यों और ए प्लस प्लस ग्रेड सहित अन्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में उनका भी बराबर योगदान रहा है। बावजूद इसके, उन्हें हर बार नजरअंदाज कर दिया जाता है। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन समय-समय पर पार्ट टाइम टीचर्स के कार्य और समर्पण को भूल जाता है।
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उनका कहना है कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में किसी भी स्थायी या अनुबंधित शिक्षक से पीछे नहीं हैं। लेकिन जब भी पुरस्कार, सम्मान या अधिकारों की बात आती है, तो उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है। पार्ट टाइम और गेस्ट प्रोफेसरों ने मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों में उन्हें भी समान रूप से शामिल किया जाए और उनके योगदान को मान्यता दी जाए। उनका कहना है कि शिक्षक दिवस का मूल उद्देश्य सभी शिक्षकों को सम्मान देना है, लेकिन जब इसमें भेदभाव किया जाता है, तो यह उद्देश्य अधूरा रह जाता है।
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