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बगैर किसी कारण प्रार्थी का आवेदन रुका तो अधिकारी की खैर नहीं, पांच हजार रुपये तक हो सकता है जुर्माना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 12:32 AM IST
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If the application of the applicant is stopped without any reason, then the officer is not well
लोगों की आस को जहन में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया ऑटो अपील सॉफ्टवेयर अब लोगों को निराश नहीं होने देगा। जो भी अधिकारी निराश करने का प्रयास करेगा, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। इस आस सॉफ्टवेयर से अब ऑटोमेटिक तरीके से लोगों के आवेदन पर कार्रवाई होगी। आवेदक एक बार आवेदन करने के बाद भूल सकता है, लेकिन सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्रवाई निर्धारित समय अवधि के अंदर जरूर की जाएगी। ये जानकारी सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने दी। वे शुक्रवार को मला कृति भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में सभी अधिकारियों, एमिनेंट पर्सन, अर्बन लोकल बॉडीज के निवर्तमान पार्षदों, सीएम विंडो व कष्ट निवारण समिति के सदस्यों सहित अन्य लोगों से आरटीएस पर चर्चा कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी कानून की अवहेलना करेगा, उस पर 250 रुपये प्रतिदिन से लेकर 5 हजार तक जुर्माना किया जाएगा तथा इसके अलावा आयोग द्वारा भी जुर्माना किया जाएगा और नौकरी से बर्खास्त करने की सिफारिश भी की जा सकती है। यह सॉफ्टवेयर हर विभाग का आईना भी प्रस्तुत करेगा तथा अब कुछ भी छुपाने लायक नहीं रहेगा। सरकार ने सेवा के अधिकार के तहत 31 विभागों और 38 संस्थानों की बिजली, पानी, सफाई, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री सहित 546 सेवाओं को शामिल किया है। कहा कि सेवा के अधिकार के तहत अगर किसी अधिकारी ने बिना किसी कारण के किसी प्रार्थी का आवेदन रोका तो संबंधित अधिकारी बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए किसी भी विभाग के पास एक केस भी एक दिन के लंबित नहीं रहना चाहिए। अब हर विभाग को जनता की सेवा के लिए तत्पर रहना होगा। इस चर्चा के दौरान रामेश्वर, राजन, रामकुमार रम्बा, काबुल सिंह, सतीश कुमार, रविंद्र सांगवान, गुलशन कुमार ग्रोवर, सुरेंद्र माजरी, डॉ. शकुंतला शर्मा, प्रदीप झांब ने आरटीएस को लेकर कुछ सुझाव दिए।
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मुख्य आयुक्त ने सबसे पहले आरटीएस स्कोरबोर्ड में हरियाणा प्रदेश में कुरुक्षेत्र के प्रथम स्थान पर आने पर उपायुक्त मुकुल कुमार और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने आयोग के मुख्य आयुक्त, सचिव मीनाक्षी राज, रूप कंवर सिंह, सुप्रिया सिन्हा को पौधा और सोविनियर भेंट किया। इस मौके पर एडीसी अखिल पिलानी, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, एसडीएम अनुभव मेहता, एसडीएम सोनू राम, एसडीएम कपिल शर्मा व डीआईपीआरओ डॉ. नरेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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आयोग की सचिव मीनाक्षी राज ने कहा कि अब सभी अधिकारियों को अपने कर्तव्य और ड्यूटी को समझना होगा। जहां प्रत्येक अधिकारी अपने कार्य के लिए सिर्फ चुटकी बजने का इंतजार करना चाहता है, वहीं आम नागरिक के लिए भी इसी पॉलिसी को अपनाना होगा और चुटकी बजाते ही आम नागरिक को सेवा का लाभ देना होगा। अब अधिकारियों को पूरी तरह अपना नजरिया बदलना होगा। अगर अधिकारी सही तरीके से काम करते और आम नागरिक को लाभ देते तो सही मायने में कानून बनाने और आयोग गठन करने की जरूरत नहीं पड़ती।

उपायुक्त मुकुल कुमार ने कुरुक्षेत्र जिले में आरटीएस स्कोरिंग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में 87 हजार 906 आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई की गई। अब सिर्फ आउटसाइड आरटीएस पर 796 आवेदन ही लंबित है और इस जिले का स्कोर प्रदेश में सबसे ज्यादा 9.6 है। नगराधीश हरप्रीत कौर ने पावर प्रेजेंटेशन के जरिए कुरुक्षेत्र की आरटीएस से संबंधित उपलब्धियों को सबके समक्ष रखा।
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