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किचन के रास्ते से लोगों के दिलों पर करना है राज : कुलदीप
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कुरुक्षेत्र। गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा प्रियंका खुशी जाहिर करते हुए। संवाद
कुरुक्षेत्र। दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से सम्मानित छात्रों ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए युवाओं को प्रेरित किया। होटल मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री करने वाले कुलदीप ने कहा कि उनका सपना है कि वे किचन के जरिये लोगों के दिलों पर राज करें, क्योंकि खाने से बेहतर कोई माध्यम नहीं है।
दिल्ली के एक नामी होटल में बतौर ‘किचन किंग’ काम कर रहे कुलदीप ने बताया कि उनकी राह आसान नहीं थी। वे हमेशा कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे लोग उन्हें याद रखें। इस दिशा में उन्हें प्रेरणा अपनी मां से मिली।
उन्होंने कहा कि उनके पिता सरकारी नौकरी में हैं और जब वे थक कर घर आते थे तो उनकी मां का बनाया खाना ही उन्हें सुकून देता था। वहीं से उन्हें समझ आया कि अच्छा खाना लोगों के दिल जीत सकता है।
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कुलदीप ने बताया कि विवि में दाखिला लेने के बाद उन्हें प्रो. सुजीत सिंह जैसे गुरु मिले, जिन्होंने हर कदम पर मार्गदर्शन किया। गुरु के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर ही आज वे गोल्ड मेडल हासिल कर पाए हैं।
वहीं लाइब्रेरी साइंस में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली प्रियंका ने भी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि उनका सपना हमेशा से टीचिंग लाइन में जाने का था, इसलिए उन्होंने यह कोर्स चुना। इस दौरान उनके पिता ने उन्हें पूरा समर्थन दिया।
प्रियंका ने कहा कि उनके पिता ने कभी बेटे-बेटी में फर्क नहीं किया और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज विश्वविद्यालय में लड़कियों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि बेटियां हर क्षेत्र में तरक्की कर रही हैं। उनके परिवार और शिक्षकों ने हमेशा उनका सहयोग और मार्गदर्शन किया है।
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दिल्ली के एक नामी होटल में बतौर ‘किचन किंग’ काम कर रहे कुलदीप ने बताया कि उनकी राह आसान नहीं थी। वे हमेशा कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे लोग उन्हें याद रखें। इस दिशा में उन्हें प्रेरणा अपनी मां से मिली।
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उन्होंने कहा कि उनके पिता सरकारी नौकरी में हैं और जब वे थक कर घर आते थे तो उनकी मां का बनाया खाना ही उन्हें सुकून देता था। वहीं से उन्हें समझ आया कि अच्छा खाना लोगों के दिल जीत सकता है।
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कुलदीप ने बताया कि विवि में दाखिला लेने के बाद उन्हें प्रो. सुजीत सिंह जैसे गुरु मिले, जिन्होंने हर कदम पर मार्गदर्शन किया। गुरु के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर ही आज वे गोल्ड मेडल हासिल कर पाए हैं।
वहीं लाइब्रेरी साइंस में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली प्रियंका ने भी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि उनका सपना हमेशा से टीचिंग लाइन में जाने का था, इसलिए उन्होंने यह कोर्स चुना। इस दौरान उनके पिता ने उन्हें पूरा समर्थन दिया।
प्रियंका ने कहा कि उनके पिता ने कभी बेटे-बेटी में फर्क नहीं किया और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज विश्वविद्यालय में लड़कियों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि बेटियां हर क्षेत्र में तरक्की कर रही हैं। उनके परिवार और शिक्षकों ने हमेशा उनका सहयोग और मार्गदर्शन किया है।

कुरुक्षेत्र। गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा प्रियंका खुशी जाहिर करते हुए। संवाद