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आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के दोषी पति और सास को पांच साल का कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। साढ़े तीन साल पहले महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पति और सास को अदालत ने पांच साल कैद की सजा सुनाई है। शादी के एक साल बाद महिला ने एक बेटी को जन्म दिया था। जन्म के तुरंत बाद बच्ची की मौत हो गई थी। तभी से महिला का पति व सास उसे बच्ची की मौत का जिम्मेदार मानकर प्रताड़ित करते थे। इससे तंग आकर महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अदालत ने दोषी मां-बेटे पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जिला उप न्यायवादी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि एक जून 2018 को मनोज कुमार वासी मेहरा थाना लाडवा ने थाना लाडवा पुलिस को दिए अपने बयान में बताया था कि उसकी बहन सपना की शादी किशनपुरा पानीपत के रूपक के साथ वर्ष 2016 में हुई थी। शादी के एक साल बाद उसकी बहन ने बेटी को जन्म दिया था। जन्म के तुरंत बाद उस बच्ची की मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद से उसकी बहन की सास सुदेश उसे बच्ची की मौत का जिम्मेदार मानकर प्रताड़ित करती थी।
उसकी बहन मायके आई तो उसकी सास ने उसे मायके में ही फंदा लगाकर मरने के लिए उकसाया था। उसके पति ने भी उसकी बहन को फोन पर धमकाया था। इससे तंग होकर उसकी बहन ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को उसकी बहन का लिखा सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज करके 17 जनवरी 2019 को आरोपी रूपक व महिला सुदेश को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया था।
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मामले की िसुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी रूपक और सुदेश को दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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कुरुक्षेत्र। साढ़े तीन साल पहले महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पति और सास को अदालत ने पांच साल कैद की सजा सुनाई है। शादी के एक साल बाद महिला ने एक बेटी को जन्म दिया था। जन्म के तुरंत बाद बच्ची की मौत हो गई थी। तभी से महिला का पति व सास उसे बच्ची की मौत का जिम्मेदार मानकर प्रताड़ित करते थे। इससे तंग आकर महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अदालत ने दोषी मां-बेटे पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जिला उप न्यायवादी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि एक जून 2018 को मनोज कुमार वासी मेहरा थाना लाडवा ने थाना लाडवा पुलिस को दिए अपने बयान में बताया था कि उसकी बहन सपना की शादी किशनपुरा पानीपत के रूपक के साथ वर्ष 2016 में हुई थी। शादी के एक साल बाद उसकी बहन ने बेटी को जन्म दिया था। जन्म के तुरंत बाद उस बच्ची की मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद से उसकी बहन की सास सुदेश उसे बच्ची की मौत का जिम्मेदार मानकर प्रताड़ित करती थी।
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उसकी बहन मायके आई तो उसकी सास ने उसे मायके में ही फंदा लगाकर मरने के लिए उकसाया था। उसके पति ने भी उसकी बहन को फोन पर धमकाया था। इससे तंग होकर उसकी बहन ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को उसकी बहन का लिखा सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज करके 17 जनवरी 2019 को आरोपी रूपक व महिला सुदेश को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया था।
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मामले की िसुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी रूपक और सुदेश को दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।