{"_id":"65cd44647235dce4260b55b6","slug":"hsgmc-chief-should-call-a-meeting-on-16th-regarding-farmers-movement-nalvi-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1005-113639-2024-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के आंदोलन को लेकर 16 को बैठक बुलाए एचएसजीएमसी प्रधान : नलवी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के आंदोलन को लेकर 16 को बैठक बुलाए एचएसजीएमसी प्रधान : नलवी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। दीदार सिंह नलवी।
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे वरिष्ठ सिख नेता दीदार सिंह नलवी ने कहा कि किसानों के आंदोलन के चलते हरियाणा कमेटी की 16 फरवरी को आपात बैठक बुलाई जाए, जिसमें सभी सदस्यों को शामिल किया जाए। इस बैठक में किसान आंदोलन से जुड़े किसानों को गुरुघरों व अन्य संस्थानों में पहुंचने पर सहायता को लेकर विचार विमर्श कर रुख स्पष्ट करें, जो बेहद जरूरी है।
उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा सिख गुरद्वारा प्रबंधन कमेटी की आज तक डेढ़ साल के दौरान एक भी बैठक नहीं बुलाई गई, लेकिन इस समय किसानों का बड़ा आंदोलन चल रहा है, जिसके एक ओर किसान हैं तो दूसरी ओर जवान खड़े हैं। ऐसे हालात में किसान अगर सिखों के संस्थानों का रुख करें तो उनको लेकर कमेटी को भी सही और जल्द निर्णय लिए जाने की जरूरत है।
नलवी ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश माना जाता है, लेकिन किसानों के अधिकार को ही सरकार रास्ते बंद कर कुचल रही है, जो तानाशाही है। यहां तक कि उन पर आंसू गैस के गोले, रबर बुलेट की फायरिंग की जा रही है, जो किसी भी स्तर पर सही नहीं है। विदेशों में भी कई जगह किसान आंदोलन चल रहे हैं, लेकिन वहां की सरकारें उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं कर रही है जबकि वे भारत की तरह लोकतांत्रिक भी नहीं है। नलवी ने दोनों ओर संयम बरतने की भी अपील की है तो वहीं कहा कि सरकार को किसानों की मांगें मान लेनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा सिख गुरद्वारा प्रबंधन कमेटी की आज तक डेढ़ साल के दौरान एक भी बैठक नहीं बुलाई गई, लेकिन इस समय किसानों का बड़ा आंदोलन चल रहा है, जिसके एक ओर किसान हैं तो दूसरी ओर जवान खड़े हैं। ऐसे हालात में किसान अगर सिखों के संस्थानों का रुख करें तो उनको लेकर कमेटी को भी सही और जल्द निर्णय लिए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
नलवी ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश माना जाता है, लेकिन किसानों के अधिकार को ही सरकार रास्ते बंद कर कुचल रही है, जो तानाशाही है। यहां तक कि उन पर आंसू गैस के गोले, रबर बुलेट की फायरिंग की जा रही है, जो किसी भी स्तर पर सही नहीं है। विदेशों में भी कई जगह किसान आंदोलन चल रहे हैं, लेकिन वहां की सरकारें उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं कर रही है जबकि वे भारत की तरह लोकतांत्रिक भी नहीं है। नलवी ने दोनों ओर संयम बरतने की भी अपील की है तो वहीं कहा कि सरकार को किसानों की मांगें मान लेनी चाहिए।
विज्ञापन