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Kurukshetra News: हार्मोनल असंतुलन से बिगड़ रहा महिलाओं का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य

Tue, 03 Feb 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 03 Feb 2026 01:47 AM IST
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Hormonal imbalance is worsening the physical and mental health of women
कुरुक्षेत्र। जिला नागरिक अस्पताल में दवाई लेती महिलाएं। संवाद - फोटो : भूपेंद्र कुमार सिंह।
मुनीश मुंडे
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कुरुक्षेत्र। तेजी से बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और बढ़ते मानसिक तनाव का असर अब महिलाओं के स्वास्थ्य पर साफ नजर आने लगा है। इन्हीं कारणों से महिलाओं में थायराइड जैसी हार्मोनल समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो समय रहते ध्यान न देने पर गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार थायराइड हार्मोन के असंतुलन से न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम ने बताया कि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष शिविरों के माध्यम से थायराइड की जांच की जा रही है। हर माह आठ से 10 महिलाओं में थायराइड की समस्या मिल रही है। हर माह 9,10,31 तारीख को महिलाओं की जांच होती है।

मानव शरीर में गर्दन के हिस्से में स्थित थायराइड ग्रंथि ट्राईआयोडोथायरोनिन (टी-3) और थायरॉक्सिन (टी-4) हार्मोन का निर्माण करती है। ये हार्मोन शरीर के पूरे मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करते हैं। जब इन हार्मोनों का स्तर शरीर में सामान्य से कम या अधिक हो जाता है, तो इसे हार्मोनल असंतुलन कहा जाता है जिससे कई गंभीर बीमारियां जन्म ले सकती हैं।
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वर्तमान समय में महिलाओं में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके प्रमुख कारण बदलती जीवनशैली और गलत खानपान की आदतें मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या अधिकतर 40 से 50 वर्ष की महिलाओं में देखने को मिलती है। कई महिलाएं इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जबकि समय रहते जांच और इलाज बेहद जरूरी है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि दूध पिलाने वाली महिलाओं को थायराइड की समस्या हो, तो इसका असर आने वाली पीढ़ी पर भी पड़ सकता है।
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थायराइड के प्रमुख लक्षण
चिड़चिड़ापन और गुस्सा आना
हार्मोन असंतुलन का सबसे पहला असर व्यक्ति के मूड पर पड़ता है। मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है और बात-बात पर गुस्सा आने लगता है।

अत्यधिक नींद और थकान
हर समय नींद आना और बिना काम किए भी थकावट महसूस होना हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

अधिक पसीना आना
सामान्य से ज्यादा पसीना आना शरीर के तापमान में बदलाव का संकेत है, जो हार्मोन असंतुलन के कारण हो सकता है।

अचानक ज्यादा भूख लगना
एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में कमी आने पर जरूरत से ज्यादा भूख लगने लगती है जिससे वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।

डिप्रेशन और तनाव
हार्मोन गड़बड़ी के कारण मानसिक तनाव बढ़ सकता है, जो आगे चलकर डिप्रेशन का रूप ले सकता है।

याददाश्त कमजोर होना
छोटी-छोटी बातें भूलना भी हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है।


लैब में हो रही महिलाओं की थायराइड संबंधी जांच : डॉ. विनोद
जिला नागरिक अस्पताल के लैब जांच इंचार्ज डॉ. विनोद ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए लगाए जा रहे विशेष शिविरों के तहत थायराइड की जांच की जा रही है। जांच के लिए महिलाओं के सैंपल लिए जाते हैं, जिन्हें लैब में भेजकर परीक्षण किया जाता है, ताकि समय रहते बीमारी की पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
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