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सर्दियों में दिल की नलियां सिकुड़ने के कारण हार्ट अटैक होने के बढ़े मामले, दो माह में 10 लोगों की हार्ट अटैक से जिला अस्पताल में

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jan 2022 01:12 AM IST
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Heart attack risk increased in winter, be careful
सर्दी के मौसम में मानव के शरीर में विटामिन-डी की कमी होने के साथ दिल की नलियां सिकुड़ने, बीपी और शुगर के घटने-बढ़ने के कारण व्यक्ति हृदय रोगी हो रहा है। जो व्यक्ति पहले ही हृदय रोग से जूझ रहा है, उससे हार्ट अटैक होने का सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। पिछले दो माह में 10 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है, ये उन मरीजों का आंकड़ा है, जो हार्ट अटैक की शिकायत होने पर जिला अस्पताल पहुंचे थे। निजी अस्पतालों की बात करें तो यह आंकड़ा दो से तीन गुणा ज्यादा है।
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विशेषज्ञों की मानें तो सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक होने के ज्यादा आशंका रहती है। ऐसे में हृदय रोग विशेषज्ञों ने सर्दी के मौसम में हृदय रोगियों को सतर्क व स्वस्थ रहने की हिदायत दी हैं।
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एलएनजेपी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कृष्ण लाल का कहना है कि कमजोर दिल का कारण हमारा नए जमाने की जीवन शैली है। जीवन में तनाव, खाने की गलत आदत, कंप्यूटर/ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर देर तक काम करना, धूम्रपान, तंबाकू, शराब की लत और पर्यावरण का प्रदूषण हृदय रोगियों के लिए जानलेवा साबित होता है। उन्होंने कहा कि न तनाव लें और न किसी को दें।
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उन्होंने कहा कि सर्दियों में हल्की धूप निकलने के कारण विटामिन-डी की कमी होती है, जिसके कारण इस्केमिक हार्ट डिजीज, कंजेस्टवि हार्ट फेल्योर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
न करें
-हृदय रोगी तड़के व देर शाम को खुले में सैर न करें।
-धूप निकलने पर ही हृदय रोगी सैर के लिए जाएं।
-ठंडे पानी की जगह गुनगुने या गर्म पानी से ही नहाएं।
-नहाने के तुरंत बाद घर से बाहर न निकलें।
-भारी भोजन न करें, तेल-मसाला कम खाएं।
-इन दिनों शरीर में एसिडिटी बढ़ जाती है, इससे हार्ट में क्लोट्स बनने लगते हैं।
-सुबह उठकर गुनगुना पानी पीना चाहिए। गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और आधा नींबू मिलाकर पिएं।
- घी और तेल का सेवन न करें।
-ऐसे मौसम में एक्सरसाइज जरूर करें।
-लंबी और गहरी सांस वाली कोई भी एक्सरसाइज बेहतर होती है, लेकिन धीरे-धीरे ही करें।
-वॉक इतनी स्पीड से करें कि सांस न फूले, न ही छाती में दर्द महसूस हो। इसके अलावा योग करें।
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