कुरुक्षेत्र। मानसून के दौरान मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिले में मलेरिया के संभावित खतरे को देखते हुए फॉगिंग कराने के लिए सरपंचों और नगर निगम को निर्देश दिए है। स्वास्थ्य विभाग की करीब 135 टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे भी कर रही हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इस वर्ष अब तक जिले में मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है, जबकि डेंगू का केवल एक मरीज मिला है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घरों, सार्वजनिक स्थानों और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में मच्छरों के लार्वा की जांच कर रही हैं, इसके साथ ही लोगों को पानी जमा नहीं होने देने, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई तथा मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग की ओर से प्रत्येक माह के पहले 15 दिनों में रैपिड फीवर सर्वे भी कराया जा रहा है, ताकि बुखार के मरीजों की समय पर पहचान कर जांच कराई जा सके। मलेरिया विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप का कहना है कि मलेरिया और डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। लोगों से अपील की गई है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा तेज बुखार आने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।