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सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द हो सकते हैं डेंगू के लक्षण : डॉ. सुखबीर
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर शुक्रवार को जिला मलेरिया कार्यालय ने जिले में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। हालांकि जिले में इस वर्ष अभी तक डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन पिछले वर्ष के 283 मामलों सामने आए थे और इनमें से व्यक्ति की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस वर्ष पूरी तरह सतर्क है।
गत पांच वर्षों में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि चिंता का विषय रही है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मच्छरों को खत्म करने और मामलों को न्यूनतम करने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी हैं। सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, या आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। उन्होंने कहा ये लक्षण डेंगू, मलेरिया या अन्य बीमारियों के संकेत हो सकते हैं।
समय पर जांच और उपचार जरूरी है। डेंगू से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए और कहा कि आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, रात में मच्छरदानी का उपयोग करें। हर रविवार को सूखा दिवस मनाएं, जिसमें कूलर, टंकियां और पानी के बर्तनों को साफ कर सुखाएं ताकि मच्छरों का लार्वा न पनपे। इसी के तहत जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप ने जिला कारागार और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उमरी में जागरूकता सत्र आयोजित किए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और सिविल डिस्पेंसरी में नागरिकों को डेंगू से बचाव के उपाय बताए। एक सरकारी स्कूल से झांसा रोड तक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पोस्टर, बैनर और पर्चों के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने भी रैली के माध्यम से डेंगू रोकथाम का संदेश दिया।
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गत पांच वर्षों में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि चिंता का विषय रही है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मच्छरों को खत्म करने और मामलों को न्यूनतम करने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी हैं। सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, या आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। उन्होंने कहा ये लक्षण डेंगू, मलेरिया या अन्य बीमारियों के संकेत हो सकते हैं।
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समय पर जांच और उपचार जरूरी है। डेंगू से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए और कहा कि आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, रात में मच्छरदानी का उपयोग करें। हर रविवार को सूखा दिवस मनाएं, जिसमें कूलर, टंकियां और पानी के बर्तनों को साफ कर सुखाएं ताकि मच्छरों का लार्वा न पनपे। इसी के तहत जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप ने जिला कारागार और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उमरी में जागरूकता सत्र आयोजित किए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और सिविल डिस्पेंसरी में नागरिकों को डेंगू से बचाव के उपाय बताए। एक सरकारी स्कूल से झांसा रोड तक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पोस्टर, बैनर और पर्चों के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने भी रैली के माध्यम से डेंगू रोकथाम का संदेश दिया।
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