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Kurukshetra News: अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को चार चांद लगाएगा हरियाणा पवेलियन, तैयार होंगी 80 झोपड़ियां
Tue, 12 Dec 2023 12:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 12 Dec 2023 12:56 PM IST
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राजरानी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मुख्य कार्यक्रमों का आयोजन 17 से 24 दिसंबर काे होगा, इसकी तैयारी की जा रही है। पुरुषोत्तमपुरा बाग में मुख्य मंच से लेकर अन्य पंडाल भी सजने लगे हैं। इसके समक्ष ही हरियाणवी पवेलियन का निर्माण शुरु कर दिया गया है। इसमें पर्यटकों को हरियाणवी सभ्यता और संस्कृति के दर्शन होंगे। पवेलियन में 80 झोपड़ियां बनाई जाएगी। जिसमें प्रत्येक झोपड़ी में हरियाणवी सभ्यता और संस्कृति के दर्शन होंगे। इसी के साथ हरियाणवी पगड़ी और हरियाणवी रसोई आकर्षण का केंद्र रहेगी। हरियाणवी रसोई में दूध, दही, लस्सी सहित हरियाणा के प्रख्यात व्यंजनों का जायका भी दर्शक यहां ले सकेंगे। इसके लिए विशेष रसोई तैयार की जा रही है।
पवेलियन के निर्माण के लिए पलवल जिला के रहने वाले दर्जन भर कारीगर पिछले चार दिन से जुटे हुए है। ये पवेलियन 1200 बांस, 600 बल्ली व सरकंडा के 3500 बंडल से तैयार किया जा रहा है। इसमें हरियाणा की पुरातन से लेकर आधुनिक सभ्यता को दर्शाया जाएगा। इसमें 80 दुकानें होंगी, जिसमें हरियाणवीं खाना, पोशाकें, हस्त कला, आभूषण और अन्य हरियाणवी संस्कृति की पुरानी वस्तुओं को दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। संवाद
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हरियाणवी खान-पान का ले सकेंगे जायका
इसी पवेलियन में हरियाणवी खान-पान का विशेष स्टॉल भी होगा। यहां पर्यटक दूध, खीर, हलवा से लेकर चुरमा, मक्की की रोटी, बाजरे व सरसों का साग भी होगा। यहां खान-पान उसी ठेठ हरियाणवी अंदाज में ही परोसे जाएंगे और हरियाणवी रसोई को भी पुरातन रूप दिया जाएगा।
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तीन पीढि़यों से हरियाणवी संस्कृति को संजो रहे
निशार अहमद का कहना है कि उनकी नौ लोगों की टीम है, जिसमें किशन लाल, वारिस, साहिब, हतीन, साकिर हुसैन, रामू, शाहिद, मजीद है। वह 1987 से तीन पीढि़यों से हरियाणवी संस्कृति को संजोने का कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके दादा 1987 से 1996 तक यह कार्य करते रहे हैं और उसके बाद पिता शरीफ अहमद ने काम करना शुरू किया और 2012 तक करते रहे। शरीफ अहमद को सूरजकुंड मेले में राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया गया और 2012 के बाद निशार अहमद संस्कृति को संजोने का काम निरंतर कर रहे हैं। इससे पहले हर साल सूरजकुंड मेले में भी विलेज तैयार करते हैं और भी कई जगह पर बना चुके हैं।
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मुख्य कार्यक्रमों का आयोजन 17 से 24 दिसंबर काे होगा, इसकी तैयारी की जा रही है। पुरुषोत्तमपुरा बाग में मुख्य मंच से लेकर अन्य पंडाल भी सजने लगे हैं। इसके समक्ष ही हरियाणवी पवेलियन का निर्माण शुरु कर दिया गया है। इसमें पर्यटकों को हरियाणवी सभ्यता और संस्कृति के दर्शन होंगे। पवेलियन में 80 झोपड़ियां बनाई जाएगी। जिसमें प्रत्येक झोपड़ी में हरियाणवी सभ्यता और संस्कृति के दर्शन होंगे। इसी के साथ हरियाणवी पगड़ी और हरियाणवी रसोई आकर्षण का केंद्र रहेगी। हरियाणवी रसोई में दूध, दही, लस्सी सहित हरियाणा के प्रख्यात व्यंजनों का जायका भी दर्शक यहां ले सकेंगे। इसके लिए विशेष रसोई तैयार की जा रही है।
पवेलियन के निर्माण के लिए पलवल जिला के रहने वाले दर्जन भर कारीगर पिछले चार दिन से जुटे हुए है। ये पवेलियन 1200 बांस, 600 बल्ली व सरकंडा के 3500 बंडल से तैयार किया जा रहा है। इसमें हरियाणा की पुरातन से लेकर आधुनिक सभ्यता को दर्शाया जाएगा। इसमें 80 दुकानें होंगी, जिसमें हरियाणवीं खाना, पोशाकें, हस्त कला, आभूषण और अन्य हरियाणवी संस्कृति की पुरानी वस्तुओं को दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। संवाद
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हरियाणवी खान-पान का ले सकेंगे जायका
इसी पवेलियन में हरियाणवी खान-पान का विशेष स्टॉल भी होगा। यहां पर्यटक दूध, खीर, हलवा से लेकर चुरमा, मक्की की रोटी, बाजरे व सरसों का साग भी होगा। यहां खान-पान उसी ठेठ हरियाणवी अंदाज में ही परोसे जाएंगे और हरियाणवी रसोई को भी पुरातन रूप दिया जाएगा।
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तीन पीढि़यों से हरियाणवी संस्कृति को संजो रहे
निशार अहमद का कहना है कि उनकी नौ लोगों की टीम है, जिसमें किशन लाल, वारिस, साहिब, हतीन, साकिर हुसैन, रामू, शाहिद, मजीद है। वह 1987 से तीन पीढि़यों से हरियाणवी संस्कृति को संजोने का कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके दादा 1987 से 1996 तक यह कार्य करते रहे हैं और उसके बाद पिता शरीफ अहमद ने काम करना शुरू किया और 2012 तक करते रहे। शरीफ अहमद को सूरजकुंड मेले में राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया गया और 2012 के बाद निशार अहमद संस्कृति को संजोने का काम निरंतर कर रहे हैं। इससे पहले हर साल सूरजकुंड मेले में भी विलेज तैयार करते हैं और भी कई जगह पर बना चुके हैं।