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सीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा: बोले- धान की दोबारा रोपाई करने वाले किसानों को भी मिलेगा मुआवजा
Tue, 25 Jul 2023 07:47 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 25 Jul 2023 07:47 PM IST
सार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव भवानी खेड़ा में फसलों के नुकसान का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों की बैठक ली। सीएम ने कहा कि फसल खराब होने पर सरकार 15 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देगी।
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कुरुक्षेत्र पहुंचे सीएम मनोहर लाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राज्य सरकार की तरफ से फसल का पूरी तरह नुकसान होने पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही धान की दोबारा रोपाई करने वाले किसानों की फसल का अधिकारियों की टीमों द्वारा सर्वे और वेरिफिकेशन का कार्य तुरंत प्रभाव से शुरु कर दिया जाएगा और 31 जुलाई के आसपास इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।
इसके बाद धान की दोबारा रोपाई करने वाले किसानों को भी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। यह ऐलान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया। वे मंगलवार को कुरुक्षेत्र के गांव भवानी खेड़ा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने सेक्टर सात कृषि विभाग के सभागार में अधिकारियों की बैठक भी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के पानी से 12 जिले प्रभावित हुए हैं। इनमें छह जिले यमुना के साथ लगते है और छह जिले घग्गर के साथ लगते हैं। इन सभी जिलों से लगातार रिपोर्ट ली गई। अभी भी 15 अगस्त तक बरसात के आने की संभावना है, लेकिन इस बरसात का थोड़ा बहुत ही प्रभाव रह सकता है और प्रदेशवासियों को रतिभर भी चिंता करने की जरुरत नहीं है।
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इन 12 जिलों में सरकार और प्रशासन ने लोगों को हर संभव राहत पहुंचाने का काम किया है। इस कार्य में समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं ने भी काफी सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह खराब हो चुकी फसल का पंजीकरण करवाया जा रहा है और पूरी तरह फसल खराब होने पर सरकार की तरफ से 15 हजाये रुपए प्रति एकड़ मुआवजा भी दिया जाएगा। जिन किसानों की खेतों से पानी उतर चुका है, उनके नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
दोबारा धान रोपाई की जा रही फसलों का तत्काल सर्वे करने के आदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव भवानी खेड़ा गांव में जायजा लेने के उपरांत यह विषय भी सामने आया कि कुछ किसान अब दोबारा धान की रोपाई कर रहे हैं। इस विषय को जहन में रखते हुए अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि दोबारा रोपाई करने वाले किसानों की फसलों का तुरंत सर्वे किया जाए और वैरिफिकेशन की जाए। इसके साथ ही मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर प्रावधान किया जाएगा।
इस पोर्टल पर दोबारा फसल की रोपाई करने वाले भी अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके बाद सही आंकड़े मिलने के बाद फसलों के नुकसान का पूरा डाटा सामने आएगा, क्योंकि दोबारा रोपाई करने वाले किसान का बीज, खाद और रोपाई पर खर्चा जरुर आया होगा। इसलिए इन किसानों को भी मुआवजे के रुप में कुछ ना कुछ राशि जरुर दी जाएगी। इस कार्य को 31 जुलाई के आसपास पूरा कर लिया जाएगा और कुरुक्षेत्र जिला में लगभग 15 हजार एकड़ में फसल का नुकसान हुआ है।
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इसके बाद धान की दोबारा रोपाई करने वाले किसानों को भी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। यह ऐलान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया। वे मंगलवार को कुरुक्षेत्र के गांव भवानी खेड़ा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने सेक्टर सात कृषि विभाग के सभागार में अधिकारियों की बैठक भी ली।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के पानी से 12 जिले प्रभावित हुए हैं। इनमें छह जिले यमुना के साथ लगते है और छह जिले घग्गर के साथ लगते हैं। इन सभी जिलों से लगातार रिपोर्ट ली गई। अभी भी 15 अगस्त तक बरसात के आने की संभावना है, लेकिन इस बरसात का थोड़ा बहुत ही प्रभाव रह सकता है और प्रदेशवासियों को रतिभर भी चिंता करने की जरुरत नहीं है।
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इन 12 जिलों में सरकार और प्रशासन ने लोगों को हर संभव राहत पहुंचाने का काम किया है। इस कार्य में समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं ने भी काफी सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह खराब हो चुकी फसल का पंजीकरण करवाया जा रहा है और पूरी तरह फसल खराब होने पर सरकार की तरफ से 15 हजाये रुपए प्रति एकड़ मुआवजा भी दिया जाएगा। जिन किसानों की खेतों से पानी उतर चुका है, उनके नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
दोबारा धान रोपाई की जा रही फसलों का तत्काल सर्वे करने के आदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव भवानी खेड़ा गांव में जायजा लेने के उपरांत यह विषय भी सामने आया कि कुछ किसान अब दोबारा धान की रोपाई कर रहे हैं। इस विषय को जहन में रखते हुए अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि दोबारा रोपाई करने वाले किसानों की फसलों का तुरंत सर्वे किया जाए और वैरिफिकेशन की जाए। इसके साथ ही मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर प्रावधान किया जाएगा।
इस पोर्टल पर दोबारा फसल की रोपाई करने वाले भी अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके बाद सही आंकड़े मिलने के बाद फसलों के नुकसान का पूरा डाटा सामने आएगा, क्योंकि दोबारा रोपाई करने वाले किसान का बीज, खाद और रोपाई पर खर्चा जरुर आया होगा। इसलिए इन किसानों को भी मुआवजे के रुप में कुछ ना कुछ राशि जरुर दी जाएगी। इस कार्य को 31 जुलाई के आसपास पूरा कर लिया जाएगा और कुरुक्षेत्र जिला में लगभग 15 हजार एकड़ में फसल का नुकसान हुआ है।